Muzaffarnagar News: नरेश मलिक स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड सदस्य नामित
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) चौ. छोटूराम परास्नातक महाविद्यालय प्राचार्य डा. नरेश मलिक को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आदेश पर सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गठित वन्य जीव परिषद (स्टेट बोर्ड फार वाइल्ड लाइफ) में सदस्य नामित किया गया है।
बोर्ड में पदेन अध्यक्ष के तौर पर मुख्यमंत्री तथा पदेन उपाध्यक्ष के तौर पर वन मंत्री को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने अध्यक्ष सहित १८ सदस्यों के नामों वाली सूची जारी की है।
हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारणय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण
मुजफ्फरनगर में हस्तिनापुर अभ्यारण्य क्षेत्र अपनी जैव विविधता के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अभ्यारणय का हैदरपुर वेटलैंड प्रवासी तथा स्थानीय पक्षियों के लिए विकसित होते नए क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। हैदरपुर वैटलेंड में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का निवास एवं प्रवास पक्षी विज्ञानियों के अध्ययन का केन्द्र बना हुआ है। ऐसे समय में राज्यपाल के आदेश पर चौ. छोटूराम महाविद्यालय के प्राचार्य डा. नरेश मलिक को राज्य वन्यजीव परिषद का सदस्य नामित किया जाना जिले के लिए तो गौरव की बात है ही, हस्तिनापुर अभ्यारणय क्षेत्र के लिए भी अहम है।
अध्ययन कर वन्य जीव संरक्षण पर डा. मलिक देंगे सलाह
डा. नरेश मलिक ने बताया कि प्रदेश में एक राष्ट्रीय वन्य जीव पार्क तथा करीब २४ सैंक्चुरी हैं। उन्होंने बताया कि इनमें हस्तिनापुर अभ्यारण्य तेजी से विकसित होता वन्य जीव क्षेत्र हैं। जहां सैंकड़ो प्रकार के स्थल एवं जलचर निवास करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका विषय बोटनी रहा है।
कहा कि वह प्रयास करेंगे कि प्रदेश भर में वन्य जीव संरक्षण पर किये जा रहे प्रयासों का अध्ययन कर सरकार को उपयुक्त सलाह दें। उन्होंने कहा कि आज के हालात में वन्य जीवों का संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है। प्राकृतिक सौंदर्य को कायम रखने एवं आने वाली अपनी नस्लों को देश तथा प्रदेश की जैव विविधता एवं जैव सौंदर्य की सही जानकारी देने के लिए जरूरी है कि वन्य जीवों को सही प्रकार से संरक्षित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए इस प्रकृतिक सौंदर्य या प्रकृतिक संपदा के दुश्मन बने हुए हैं। ऐसे लोगों से भी वन्य जीवों को बचाना है। इसके साथ ही उन हालात को टालना भी उनका उद्देष्य रहेगा जिनके चलते जंगली जानवरों या पक्षियों की प्रजातियां समाप्त प्रायरू हो रही हैं, या दूसरे स्थानों पर पलायन कर रही हैं।
डा. नरेश मलिक ने बताया कि वह विभिन्न अभ्यारण्य क्षेत्रों का भ्रमण कर मौजूदा हालात का अध्ययन करेंगे। उसके उपरांत वन्य जीव संरक्षण के लिए उपयुक्त सलाह कमेटी के माध्यम से सरकार को देंगे।

