Sonbhadra News: दो पत्रकारों को मारी गई गोली के मामले का खुलासा नहीं, आरोपी ने कर दिया आत्मसमर्पण
Sonbhadra News: खलियारी में आठ दिन पूर्व 14 जुलाई की रात दो पत्रकारों को मारी गई गोली के मामले का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। इस मामले में घटना में प्रयुक्त की गई हाटा के एक व्यक्ति की बाइक और शूटर के बारे में जानकारी हासिल करने के साथ ही उसके घर तक पहुंचने के बाद भी पुलिस उसे तलाश नहीं पाई।
शूटर बताया जा रहा चैनपुर थाना क्षेत्र निवासी आरोपी ने आसानी से भभुआ कोर्ट में मारपीट के मामले में आत्मसमर्पण कर दिया। कहा जा रहा है कि पुलिस की एक टीम भी दो दिन से भभुआ और आस-पास में बनी हुई है।
गत बुधवार को किए गए आत्मसमर्पण का अब तक पुलिस को पता न चल पाना जहां ढेरों सवाल खड़ा कर रहा है। आारोपियो का संबंध शराब तस्करी के कारोबार से जुड़े होने के बाद यूपी-बिहार सीमा पर फैले तस्करी पर भी कुछ पुलिसकर्मियों के मेहरबानी की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं।
गत 14 जुलाई की रात साढ़े आठ बजे सरेबाजार बाइक से आए दो नकाबपोशों ने फिल्मी अंदाज में एक होटल पर चाय पीने बैठे पत्रकार श्यामसुंदर पांडेय और लड्डू पांडेय को गोली मारकर सनसनी फैला दी थी।
निशाना चूक गया और गोली एक के हाथ में और एक को भौंह के पास से चमड़े को छिलते हुए निकल गई। उसके बाद पुलिस ने जब आस-पास के लोगों से पूछताछ के जरिए घटना का क्लू तलाशनी शुरू किया तो घटना में प्रयुक्त बाइक बिहार के चैनपुर थाना क्षेत्र की होने की बात पता चली।
घटना के अगले ही दिन पुलिस घटना में प्रयुक्त बाइक का पता लगाते हुए चैनपुर थाना क्षेत्र निवासी कृष्णा यादव, जिसे इस घटना का शूटर बताया जा रहा है, के घर तक पहुंच गई। वहां बाइक खड़ी मिली लेकिन आरोपी फरार पाया गया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि बाइक हाटा निवासी एक व्यक्ति की है और घटना के दिन कृष्णा द्वारा उसे मांग कर ले आया गया था।
चर्चाओं और सूत्रों से मिलती जानकारी पर यकीं करें तो पुलिस कथित शूटर के भाई और पिता से इसको लेकर गहन पूछताछ की। बाहर से लौटने के बाद गत 16 जुलाई को एसपी डा. यशवीर सिंह भी पहुंचे और जांच-पड़ताल के प्रगति की जानकारी हासिल करने के साथ ही घटना के जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
इसके लिए एएसपी आपरेशन विजयशंकर मिश्र की अगुवाई में पांच टीमें भी गठित की। बताया जा रहा है कि जांच के लिए लगाई गई पांच टीमों में से एक टीम ने घटना में दो को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था लेकिन शूटर के बारे में कोई खास जानकारी न मिलने की बात कहते हुए, गत मंगलवार को उन्हें छोड़ दिया गया। राधा की कथित सूटर जैसे ही पुलिस की गिरफ्त में आएगा किसने घटना करवाई और क्यों करवाई इसका खुलासा सामने आ जाएगा।
हैरत वाली बात यह है कि चैनपुर थाने में मारपीट के दर्ज मामले में उसने आसानी से भभुआ की ही एक कोर्ट में, आत्समर्पण कर दिया। स्थानीय मीडिया में अगले दिन यानी 21 जुलाई को कथित शूटर कृष्णा को आत्मसमर्पण करने की भी खबरें प्रकाशित हुई।
शुक्रवार की रात जिले में सोशल मीडिया हैंडलों पर भी खलियारी गोलीकांड के शूटर को भभुआ में आत्मसमर्पण करने की बात प्रचारित हुई लेकिन पुलिस अभी ऐसी किसी जानकारी से इंकार कर रही है। यह स्थिति तब है, जब दो दिन से एक टीम को भभुआ इलाके में घटना का तार खंगालने और आरोपियों के बारे में पता लगाने के लिए बने होने की चर्चा है।
घटना के खुलासे को लेकर गठित टीमों के निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे एएसपी आपरेशन विजयशंकर मिश्र से शुक्रवार की रात सेलफोन पर जानकारी चाही गई तो उनका कहना था कि उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं शनिवार की सुबह रायपुर प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव से सीयूजी पर संपर्क का प्रयास किया गया तो नाट रिचेबल मिला। उनके निजी नंबर पर काल की गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो पाए। वहीं सेलफोन पर एसपी कैमूर अमरेश प्रसाद और प्रभारी निरीक्षक भभुआ का कहना था कि वह इसके बारे में जानकारी जुटवा रहे हैं।
इन दिनों खलियारी से सटी यूपी-बिहार सीमा पर जहां तस्करों का जाल मजबूती से फैला हुआ है। वहीं इस पर कुछ पुलिसकर्मियों और आबकारी विभाग से जुड़े कुछ लोगों की मेहरबानी की भी चर्चाएं बनी हुई है। प्राइवेट व्यक्ति की तरफ से पुलिस के नाम पर तस्करों के सिंडीकेट से वसूली की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक की तरफ से निर्देश जारी हो चुके हैं। बावजूद संबंधित व्यक्ति की अभी भी जहां रायपुर थाने के इर्द-गिर्द पूर्व की तरह सक्रियता की चर्चा बनी हुई है।

