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‘डीजलगेट’ कांड: फॉक्सवैगन को मोटर चालकों को मुआवजा देना होगा

फॉक्सवैगन ने लाखों डीजल इंजन कारों में उत्सर्जन परीक्षण में धोखा देना स्वीकार किया था जिसके लगभग पांच साल बाद अदालत का यह फैसला आया है।

जर्मनी के कार्लस्रुहे में जर्मन फेडरल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने एक अभूतपूर्व फैसले में जर्मन कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन को ‘डीजलगेट’ कांड से प्रभावित अपने एक ग्राहक को मुआवजा देने के लिए कहा है। इस फैसले के बाद सबसे बड़े कार निर्माता के खिलाफ हजारों और मुकदमों के लिए रास्ता खुल गया है। 

अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया कि फॉक्सवैगन को मोटर चालकों को मुआवजा देना होगा जिन्होंने खराब डीजल इंजनों वाले वाहन खरीदे हैं। अपने घरेलू बाजार में कार निर्माता के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि वह अभी भी डीजल वाहन उत्सर्जन घोटाले से उबरने की कोशिश में है। 

 

सोमवार को हुई सुनवाई विशेष रूप से 65 वर्षीय हर्बर्ट गिल्बर्ट के मामले में हुई। उन्होंने 2014 में डीजल-इंजन वाली Volkswagen Sharan minivan (फॉक्सवैगन शरण मिनीवैन) खरीदी थी। यह गाड़ी उन 1 करोड़ 10 लाख कारों में से एक थी जिनमें फॉक्सवैगन के खराब इंजन लगे हुए थे। इस वाहन की कीमत 31,500 यूरो (26 लाख रुपये) है। इस गाड़ी में EA 189 डीजल इंजन लगा हुआ था। यह वही इंजन है जो घोटाले के केंद्र में था। 

फॉक्सवैगन की लाखों गाड़ियों में अवैध एग्जॉस्ट टेक्नोलॉजी घोटाले का पर्दाफाश 2015 में पतझड़ के मौसम के दौरान हुआ था। उस समय यह साफ हो गया था कि EA 189 इंजन में नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन परीक्षण मानकों पर दिखाए गए नतीजों की तुलना में बहुत अधिक थे। सॉफ्टवेयर सिर्फ मानक परीक्षण पर पूर्ण निकास गैस शोधन को सक्रिय करने के लिए जिम्मेदार था। 

दोनों पक्षों ने कोब्लेंज के फैसले के खिलाफ अपील की थी। वादी ने 2014 में कार के लिए 31,500 यूरो का भुगतान किया था और पूरी कीमत वापस चाहता था। फॉक्सवैगन कोई भुगतान नहीं करना चाहता था। कार निर्माता ने हमेशा तर्क दिया था कि कारें हमेशा पूरी तरह से इस्तेमाल करने लायक थीं।

फॉक्सवैगन के मुताबिक, लगभग 60,000 मामले अभी भी लंबित हैं। अदालत के फैसले से कई लंबित मामलों के हल होने का रास्ता साफ होने की संभावना है। 

इस घोटाले में अभी तक फॉक्सवैगन को क्षति और जुर्माने के रूप में 30 बिलियन यूरो (24 खरब 84 अरब 30 करोड़ 65 लाख रुपये) से अधिक की धनराशि चुकानी पड़ी है। अमेरिका में, अधिकारियों ने प्रभावित कारों को सड़कों पर चलने से प्रतिबंधित कर दिया था, जिससे मुआवजे के दावे बढ़ गए। 

हालांकि, यूरोपीय अधिकारियों ने इन कारों को सड़क से नहीं हटाया। इससे वोक्सवैगन को यह तर्क देने में मदद मिली कि उसके गृह क्षेत्र में ग्राहकों के मुआवजे के दावों में दम नहीं है।

 

News-Desk

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