जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत सिंह विवादों के घेरे में :रिश्वत लेने व अन्य आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से जांच की माँग
लॉकडाउन के दौरान स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से नगर में जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित करने के दौरान लाइमलाइट में आये जिला कार्यक्रम अधिकारी स. बलजीत सिंह अब रोज विवाद में घिरते जा रहे है
कुछ दिन पूर्व ठेकेदार लवी त्यागी द्वारा 7 लाख की ठगी के आरोप से चर्चाओं में आये जिला कार्यक्रम अधिकारी स. बलजीत सिंह पर दोबारा ठगी करने का आरोप लगाया है। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मौहल्ला साकेत कालोनी निवासी रामबीर शर्मा ने कचहरी में पहुंचकर डीएम के नाम एक शिकायती पत्र एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह को देते हुए बताया कि उसका पुत्र अनुज भारद्वाज विकास भवन में संविदा पर कार्य करता था।
उस समय स. बलजीत सिंह भी विकास भवन में ही संविदा पर काम करते थे। स. बलजीत सिंह ने संविदा पर काम कर रहे अनुज भारद्वाज को झांसे में ले लिया और उसे स्थाई कराने के नाम पर उससे तीन लाख रूपये ठग लिये।
साकेत कालोनी निवासी रामबीर शर्मा ने कचहरी में पहुंचकर @DmMuzaffarnagar के नाम शिकायत@EMuzaffarnagar को देते हुए बताया कि उसका पुत्र अनुज विकास भवन में संविदा पर कार्य करता था। बलजीत सिंह ने अनुज को झांसे में ले लिया और उसे स्थाई कराने के नाम पर उससे तीन लाख रूपये ठग लिये। pic.twitter.com/lWa2UkRMFi
— News & Features Network-Regional News (@mzn_news) May 31, 2020
इस दौरान अनुज भारद्वाज स्थाई नहीं हुआ और वह स. बलजीत सिंह से स्थाई कराने अथवा उसकी रकम वापस करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन न तो उसकी नौकरी स्थाई हुई और न ही रकम वापस मिली।
इसी तनाव में अनुज भारद्वाज हाई ब्लडप्रेशर का मरीज बन गया और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। 28 फरवरी 2019 को अनुज भारद्वाज ने इसी तनाव में दम तोड़ दिया। इसके बाद भी स. बलजीत सिंह से पैसे की मांग की गयी, तो वो लगातार टालमटोल करते रहे और आज तक भी पैसे वापस नहीं दिये गये है।
एडीएम ने मामले की जांच कराकर रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ठेकेदार लवी त्यागी ने भी स. बलजीत सिंह पर ठेका दिलाने के नाम पर सात लाख रूपये की ठगी करने का आरोप लगाया था। स. बलजीत सिंह ने इन आरोपों से इंकार किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऑडियों वायरल हो रहा है, जिसमें स. बलजीत सिंह पैसे की मांग कर रहे है।
नगरपालिका में कार्यक्रम अधिकारी बलजीत सिंह पर लाखों की ठगी करने का आरोप लगा है।भाकियू नेता मांगेराम त्यागी ने बताया कि लवी त्यागी ठेकदार ने 7 लाख रुपये 2018 में बलजीत सिंह को दिए है,बलजीत सिंह ने लवी से 7 करोड़ का ठेका दिलाने का वायदा किया था ,उन्होंने आरोप लगाया है कि बलजीत सिंह ने 40 लोगो से नौकरी दिलाने के नाम पर भी रुपये ठगे है
इस बारे में थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज करा देने के लिए एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया है, चरथावल के भाकियू नेता विकास शर्मा के साथ ठेकेदार लवी त्यागी ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की माग की है।
भाकियू नेता विकास शर्मा ने प्रशासन द्वारा बलजीत सिंह को खाने का टेंडर और उसमे भी गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर बलजीत सिंह को खाने का टेंडर किस आधार पर दिया गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।ठेकेदार लवी त्यागी ने चेक द्वारा पैसे देने के सबूत भी जिलाधिकारी को सौपे है। डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने जांच के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
बलजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई रुपये नहीं लिए हैं।ये नवीन राणा और लवी का विवाद है, लवी ने नवीन के खाते में ही रुपये दिए थे,कोई रिश्वत के पैसे भी खाते में लेता क्या ?उन्होंने कहा कि इनका पुराना विवाद चल रहा है, मुझे बिना वजह इसमें लपेटा जा रहा है |
नवीन राणा ने बताया कि इको फ्री के नाम से मेरी कंपनी है जो डी.पी.आर बनाती है , लवी ने उसके लिए मुझे सात लाख रूपये दिए थे ,
मैंने डी.पी.आर बनाकर दे भी दी थी,उसकी रसीद भी दी थी,लवी ने उसके आधार पर ढाई करोड़ का ठेका लिया भी था |
