महिला के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मुजफ्फर नगर। भौराकलां के गांव शिकारपुर में एक सप्ताह पूर्व एक गर्भवती महिला के अज्ञात कारणों के चलते मौत हो गई थी। जिसमे ससुराल पक्ष के लोगो द्वारा महिला के परिजनों को कोरोना की दहशत के चलते गुमराह करते हुए महिला का शव गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था।
महिला के परिजनों ने सीओ फुगाना व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाकर शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिसके बाद पुलिस फोर्स ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शनिवार को गांव में पहुंचकर कब्रिस्तान से महिला के शव को बहार निकालकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मंसूरपुर के बेगराज पुर निवासी तबस्सुम का निकाह लगभग चार वर्ष पूर्व भौराकलां के गांव शिकारपुर निवासी आस मोहम्मद के साथ हुआ था। वही उसकी छोटी बहन तरन्नुम का निकाह आस मोहम्मद के सगे भाई के साथ किया गया था। वही दोनो युवतियो के मा व पिता न होने के चलते अन्य परिजनों द्वारा निकाह किया गया था।
लेकिन शादी के बाद से दोनों युवतियो पर ससुराल के लोगो का दहेज में लाखों रुपये को लेकर विवाद होता रहा। वही आस मोहम्मद का पड़ोस की एक युवती से प्रेम प्रशंग भी होने की चर्चा बनी रही।
5 जून की रात्रि तबस्सुम की बहन तरन्नुम को उसके मायके भेज दिया गया। जबकि तबस्सुम गर्भवती होने के चलते घर पर रही। जिसके बाद देर रात्रि तबस्सुम की अचानक से मौत की खबर दी गई। तबस्सुम की हुई मौत की सूचना ससुराल व उसके पति ने उसके चाचा मुर्तजा को दी। और उनको कोरोना महामारी की दहशत के चलते गुमराह कर दिए गया।
जिनके चलते ससुराल के लोगो ने गांव के कब्रिस्तान में महिला के शव को दफना दिया। उसके बाद महिला के चाचा व उसके भाई को ससुराल के लोगो पर संदेह हुआ और उन्होंने सीओ फुगाना को घटना से अवगत कराते हुए मामले की तहरीर देकर कार्यवाही की गुहार लगाई।
जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए शनिवार को गांव में पहुँचकर घटनास्थल की जांच करते हुए कब्रिस्तान से महिला की कब्र को खुदवाकर महिला के शव को बाहर निकाला। और गांव के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। बताया जाता है कि जिस समय महिला की मौत हुई थी।
उस समय ग्राम प्रधान द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया था।और ग्राम प्रधान उक्त लोगो को सहयोग करता रहा। पुलिस प्रधान की जांच करने में भी जुट गई।
गांव शिकारपुर में एक सप्ताह पूर्व महिला की हुई मौत को लेकर ससुराल के लोगो ने मायके के लोगो को कोरोना महामारी की दहशत बताते हुए देर रात्रि महिला के शव को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया था। जिसके बाद महिला के परिजनों को मोत की खबर हजम नही हुई और पुलिस प्रशासन के दरवाजे पर जांच करने पहुचे।
