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भारतीय मूल के Leo Varadkar दूसरी बार बनेंगे आयरलैंड के प्रधानमंत्री

Leo Varadkar  आयरलैंड के दूसरी बार प्रधानमंत्री निर्वाचित किए गए हैं. वे शनिवार को पदभार ग्रहण करेंगे. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 43 साल के लियो वराडकर आयरलैंड के सबसे कम उम्र के नेताओं में से एक हैं, जो खुले तौर समलैंगिकता के पक्षधर माने जाते हैं. आयरलैंड की राजनीति में लियो वराडकर तब उभरकर सामने आए, जब उन्होंने 2017 में ललित गेल के शासन की कमान संभाली थी. लियो वराडकर पेश से एक डॉक्टर हैं. लियो वराडकर के पिता अशोक वराडकर महाराष्ट्र के रहने वाले थे, जो वर्ष 1960 में डॉक्टर के तौर पर काम करने के लिए आयरलैंड चले गए थे.

Leo Varadkar की फाइन गेल और वर्तमान प्रीमियर माइकल मार्टिन की फियाना फील पार्टियों के बीच का रोटेशन आयरिश इतिहास में अभूतपूर्व है. Leo Varadkar वर्ष 2017 से लगातार आयरलैंड के प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हैं.

हालांकि, सितंबर में चुनावी हार के बाद Leo Varadkar ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन नई सरकार के गठन तक वे इस पद पर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर रहे थे. इस बीच, नई सरकार बनाने के लिए वे आयरलैंड के तीन मुख्य दलों के साथ चुनाव बाद गठबंधन की बातचीत कर रहे थे, जिसमें उन्हें सफलता मिल गई है.

Leo Varadkar का जन्म डबलिन में एक आयरिश मां से हुआ था. उनकी मां एक नर्स और भारतीय मूल पिता अशोक वराडकर डॉक्टर थे. उनकी मां डाक्टर वराडकर के साथ ही काम करती थीं. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सात साल की उम्र में लियो वराडकर ने अपनी मां के दोस्तों से स्वास्थ्य मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की थी.

डबलिन स्थित ट्रिनिटी कॉलेज से मेडिकल की डिग्री हासिल करने के बाद वह एक डॉक्टर के तौर पर काम करते हुए राजनीति में भी रुचि दिखाई और 2007 में डबलिन वेस्ट में फाइन गेल के लिए चुनाव लड़ा. 2015 में आयरलैंड के जनमत संग्रह से पहले समलैंगिक विवाह को वैध बनाने से पहले लियो वराडकर सार्वजनिक रूप से समलैंगिक के रूप में सामने आए. उनके साथी मैथ्यू बैरेट हृदय रोग विशेषज्ञ हैं.

आयरलैंड के अखबार आयरिश एक्जामिनर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फाइन गेल के मंत्रियों ने पुष्टि की है कि वे अगले आम चुनाव में भाग लेंगे, जब तानिस्टे Leo Varadkar ने इसे एक मंत्री पद के लिए एक शर्त के रूप में निर्धारित किया था. हालांकि, फाइन गेल वरिष्ठ सूत्रों ने कहा है कि आगामी फेरबदल ‘रूढ़िवादी’ होगा.

Leo Varadkar के करीबी लोगों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मौजूदा संख्या को देखते हुए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को हटाना कितना मुश्किल होगा. यह समझा जाता है कि लियो Leo Varadkar अपनी पार्टी के सदस्यों को रिकॉर्ड पर लाना चाहते हैं और यदि वे भविष्य में नहीं चलने की घोषणा करते हैं, तो उन्हें उनके पदों से हटाने के लिए अपनी चुनावी प्रतिबद्धता का उपयोग करेंगे.

सूत्रों ने कहा है कि Leo Varadkar ने इस तथ्य पर खेद व्यक्त किया कि उन्होंने पूर्व कनिष्ठ मंत्री जिम डेली को अपने पद पर बने रहने की अनुमति दी थी, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह 2020 के चुनावों में भाग नहीं लेंगे और अब उन्हें लगता है कि इसके बजाय उन्हें अपनी भूमिका निभानी चाहिए थी.

News-Desk

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