चौ. छोटूराम पीजी कालेज में पोस्ट हार्वेस्ट प्रोसेसिंग एंड वैल्यू एडिशन फार इंक्रीजिंग एग्रीकल्चर इनकम विषय पर व्याख्यान का आयोजन
मुजफ्फरनगर। महाविद्यालय चौधरी छोटूराम पीजी कॉलेज सर्कुलर रोड पर विशेष व्याख्यान ओं की श्रृंखला में आज पोस्ट हार्वेस्ट प्रोसेसिंग एंड वैल्यू एडिशन फार इंक्रीजिंग एग्रीकल्चर इनकम विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ( सीफैट) लुधियाना के निदेशक डॉ आर के सिंह ने कृषि के छात्रों एवं महाविद्यालय के शिक्षकों को इस विषय पर बारीकी से जानकारी दी
बताया कि हमारे देश में २९२ मिलियन टन खाद्यान्न तथा ३१२ मिलियन टन फल उत्पादन होता है जिसका ३ से १८प्रतिशत का नुकसान पोस्ट हार्वेस्ट की तकनीकी के अभाव में हो जाता है
अगर इसकी वैल्यू निकाली जाए तो लगभग ९३००० करोड रुपए का नुकसान हर वर्ष देश को उठाना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण क्षेत्र कृषि का देश की कुल जीडीपी में १५ .४प्रतिशत तथा रोजगार में ५७प्रतिशत की भागीदारी है । कृषि विशेषज्ञ , किसानों एवं कृषि छात्रों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
पोस्ट हार्वेस्ट इन तकनीकों की विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों से एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री घर में ही लगाने का आह्वान किया जिससे हम गुणवत्ता तथा आय में वृद्धि कर सकते हैं
उन्होंने बताया की फैश सब्जी अथवा फलों पर अगर फूड पालीथीन की रैपिंग करके फ्रिज में रख दिया जाए तो उस सब्जी/फल की जीवन क्षमता लगभग दोगुनी बढ़ जाती है
जबकि रैपिंग पर पड़ने वाला खर्चा बहुत ही मामूली सा होता है । इस तरह से संस्थान द्वारा विकसित अनेकों तकनीकी एवं यंत्रों की विस्तृत जानकारी दी महाविद्यालय के प्राचार्य डा नरेश मलिक ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए छात्रों से अपील की, कि कोरोना महामारी के चलते संस्था के द्वारा इस तरह के गेस्ट लेक्चर ओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए
विशेष व्याख्यान का आयोजन कृषि अभियंत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर ए के सिंह ने मुख्य वक्ता का संक्षिप्त परिचय कराया तथा अंत में स्वश शस्य विज्ञान विभाग के डॉक्टर ओंमबीर सिंह ने मुख्य वक्ता/अतिथि का धन्यवाद ज्ञापित किया।
