Muzaffarnagar News: बर्बाद हुई फसल तो नदी में कूदा किसानः हिंडन नदी से निकाला गया शव
चरथावल।मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। बाढ़ के चलते बर्बाद हुई फसल देखकर किसान ने हिंडन नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली। गोताखोरों ने किसान का शव नदी से बाहर निकाला। परिजनों ने किसान संगठन से जुड़े नेताओं के साथ मिलकर शव सड़क पर रख जाम लगा दिया।
खुदकुशी के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि बर्बाद फसल के नुकसान के आकलन को सर्वे नहीं किया गया। मांग की गई की मृतक किसान के परिजनों को २५ लाख रुपए का मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए।
मुजफ्फरनगर में गत दिनों हिंडन नदी में आई बाढ़ के चलते किसानों की हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गई है। हिंडन नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में पानी भर गया था। जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए थे। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने बाढ़ के पानी में उतारकर नुकसान का जायजा लिया था। किसानों को आश्वस्त किया था कि उनके नुकसान की भरपाई सर्वे कराकर पूरी की जाएगी।
२० बीघे में बोई थी गन्ने की फसल
थाना चरथावल क्षेत्र के गांव कसौली निवासी किसान भूपेंद्र पुत्र ओमवीर ने २० बीघा जमीन में गन्ने की फसल बोई हुई थी। बाढ़ के पानी से फसल बर्बाद हो गई थी। परिजनों के अनुसार भूपेंद्र शनिवार शाम खेतों पर फसल देखने गया था। बर्बाद फसल देखकर भूपेंद्र ने हिंडन नदी में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। रविवार को उसका शव बरामद हुआ।
किसान संगठनों ने की मुआवजे की मांग
रविवार सुबह भूपेंद्र का शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने का प्रयास किया। लेकिन किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने पुलिस ने शव ले लिया। भाकियू अराजनीतिक के ब्लाक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर के नेतृत्व में शव को नदी के पुल पर रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। ब्लाक अध्यक्ष कुशलवीर का कहना है की किसान ने मजबूर होकर आत्महत्या की। शव को तब तक नही उठने दिया जाएगा। जबतक उच्चधिकारी मोके पर आकर मृतक के आश्रित को सरकारी नोकरी व मुआवजा नही देते।चरथावल कोतवाली के न्यामू की हिंडन के पुल पर धरना दिया।

