Indian Navy का एक हफ्ते के अंदर चौथा ऑपरेशन, 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानी नागरिक बचाए
Indian Navy ने एक बार फिर अपना पराक्रम दिखाया है. नौसेना ने शुक्रवार को सोमालिया के पूर्वी तट पर एक और जहाज को हाईजैक करने की समुद्री लुटेरों की कोशिश को नाकाम कर दिया. इस जहाज पर सात लुटेरे चढ़ गए थे और चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिया था. जैसे से इंडियन नेवी को यह सूचना मिली, उन्होंने तुरंत धावा बोला और उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया. नौसेना ने चालक दल के 19 लोगों को भी सुरक्षित बचा लिया, इनमें 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानी शामिल हैं.
Indian Navy की ओर से जारी बयान के अनुसार, 31 जनवरी को ईरान की मछली पकड़ने वाले जहाज एफवी ओमारिल के हाईजैक होने की सूचना मिली थी. पता चला कि इस जहाज पर सात समुद्री लुटेरे चढ़ गए थे और चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिया था. उस वक्त इंडियन नेवल आरपीए इस इलाके की निगरानी कर रहा था. जैसे ही हमें यह जानकारी दी गई, हमने ऑपरेशन चलाया और एफवी ओमारिल को खोज निकाला.
इसके बाद समुद्री लुटेरों से मुकाबले के लिए आईएनएस शारदा को एंटी पायरेसी मिशन पर लगाया गया. आईएनएस शारदा ने ईरानी जहाज एफवी ओमारिल को कुछ ही पलों में इंटरसेप्ट किया. इसके बाद समुद्री लुटेरे जहाज छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए. जहाज पर ईरान का झंडा लगा था.
#IndianNavy foils another #piracy attempt along East coast of #Somalia.
Info on Piracy attempt on #FVOmari monitored #31Jan 24. Vessel located successfully by Indian Naval RPA, undertaking surveillance in the area & #INSSharada on anti-piracy mission diverted to intercept. pic.twitter.com/XMUcP5gqTk
— SpokespersonNavy (@indiannavy) February 2, 2024
Indian Navy के मुताबिक, इस जहाज पर 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानी नागरिक मौजूद थे. सभी चालक दल के सदस्य थे. इस इलाके में समुद्री डकैतों से निपटने के लिए ही आईएनएस शारदा युद्धपोत को तैनात किया गया है, जो हर पल इस क्षेत्र की निगरानी करता है. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ईरानी ध्वज वाले जहाज पर समुद्री डकैतों के हमले की सूचना के बाद हमने ऑपरेशन शुरू किया. आईएनएस शारदा ने शुक्रवार तड़के जहाज को रोका और चालक दल की सुरक्षित रिहाई के लिए समुद्री डाकुओं को मजबूर कर दिया.
Indian Navy का एक हफ्ते के अंदर यह चौथा ऑपरेशन है. इससे पहले भारतीय नौसेना ने 19 पाकिस्तानी चालक दल को बचाया था. भारतीय नौसेना ने श्रीलंका और सेशेल्स की नौसेना के साथ मिलकर इस सप्ताह की शुरुआत में एक ऑपरेशन चलाया था. उस वक्त मछली पकड़ने वाले एक जहाज पर समुद्री लुटेरों ने हमला कर दिया था और मोगादिशु के पूर्व में समुद्री रास्ते में उसका अपहरण कर लिया था.
इससे भी पहले Indian Navy ने 5 जनवरी को उत्तरी अरब सागर में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज एमवी लीला नोरफोक के अपहरण के प्रयास को विफल कर दिया था. उसके सभी चालक दल के सदस्यों को बचा लिया था.
Indian Navy ने एक बार फिर अपनी शौर्यगाथाएं साझा करते हुए दिखाया है कि उसकी ताकत और साहस को कोई भी चुनौती नहीं हरा सकती। शुक्रवार को सोमालिया के पूर्वी तट पर हुई एक जहाज की हाइजैकिंग की कोशिश को नाकाम कर देने के बाद, नौसेना ने एक बार फिर से देश की गरिमा को बढ़ावा दिया है। इस घड़ी में समुद्री लुटेरे समझौते नहीं कर सकते, और यह नौसेना की सामरिक तैयारी, सजगता, और शौर्य का प्रतीक है।
जैसे ही नौसेना को सोमालिया के पूर्वी तट पर हो रहे हाइजैकिंग का संदेश पहुंचा, उसने तुरंत कार्रवाई में अपना प्रवीण दिखाया। सात समुद्री लुटेरे जहाज में घुसे और चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिया था, लेकिन नौसेना ने इसे बहादुरी से और ताकत से रोका।
Indian Navy के जवानों की तैयारी और उनकी मोटिवेशन की बात करें तो इसमें भारतीय नौसेना की ऊंचाइयों को महसूस किया जा सकता है। वे न केवल अच्छे युद्ध सामरिक हैं बल्कि उनमें उच्च आदर्शों, ईमानदारी, और देशभक्ति की भावना भी होती है। इसके लिए नौसेना ने अपने जवानों को कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे हर समय तैयार रहे और देश की सुरक्षा में योगदान कर सकें।
Indian Navy की ताकत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी सुदृढ़ और नवाचारी तकनीक है। नौसेना ने अपने अस्त्र और शस्त्रों में सुधार करने में हमेशा योगदान किया है ताकि वह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सेनाओं में से एक बनी रहे। उसकी नौबाहरी और नौसेना विमानों की शक्ति बेहद प्रभावी है और यह दुनिया भर में उच्च तकनीकी मानकों का पालन करता है।
इस संदर्भ में, नौसेना के शौर्यपूर्ण कार्यों ने उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को और भी बढ़ा दिया है। जिस तरह से नौसेना ने समुद्री लुटेरों के साथ मुकाबला किया है, वह दुनिया को दिखाता है कि वह अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हर संभाव परिश्रम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस घड़ी में, Indian Navy के यह साहसी कदम और उसकी शक्तिशाली तकनीक ने एक बार फिर दुनिया को यह सिखाया है कि भारतीय सुरक्षा बलों को कोई भी चुनौती नहीं हरा सकती। इस बात का संदेश है कि भारतीय नौसेना तैयार है हर समय देश की रक्षा के लिए आगे बढ़ने के लिए।

