Modi government की स्वास्थ्य क्रांति: 100 दिन में ऐतिहासिक कदम, आयुष्मान भारत से लेकर नए AIIMS तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र Modi government के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के स्वास्थ्य तंत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले और योजनाओं का आगाज किया है। इन 100 दिनों में जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और उन्हें हर नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है, बल्कि कई नई तकनीकों और प्रक्रियाओं का भी विकास किया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मोदी सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए इन क्रांतिकारी सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने 6 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने का फैसला लिया है। यह योजना पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवा योजना के रूप में मानी जाती है और अब इसमें वृद्धजनों को शामिल करने से इसका विस्तार और प्रभाव और भी बढ़ जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना का विस्तार: सीनियर सिटिजन्स के लिए वरदान
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना में अब वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया जा रहा है, जिनके लिए यह बहुत बड़ी राहत साबित होगी। जेपी नड्डा के अनुसार, अक्टूबर महीने से सीनियर सिटिजन्स को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो जाएगी, और वे गंभीर बीमारियों का इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के करा सकेंगे।
हाइलाइट्स:
- Modi government के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर स्वास्थ्य सुधार में बड़े कदम
- 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा आयुष्मान भारत योजना का लाभ
- राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में सस्ता और तीव्र इलाज प्रक्रिया विकसित
- भीष्म क्यूब्स और ड्रोन के उपयोग से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तेज़ पहुंच
- दरभंगा में 1264 करोड़ की लागत से नए AIIMS का निर्माण जल्द होगा शुरू
यू-विन पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कदम
डिजिटल इंडिया के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को भी डिजिटल बनाने की ओर तेजी से काम हो रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने यू-विन पोर्टल का विकास किया है, जो देशभर के गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से संरक्षित करेगा। यह पोर्टल 17 साल तक की उम्र तक के बच्चों के टीकाकरण का रिकॉर्ड रखेगा और लोगों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट खोलने की सुविधा देगा। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम: तेज़ और सस्ता इलाज
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार ने टीबी के इलाज की प्रक्रिया को तेज और सस्ता बनाया है। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई इस नई प्रक्रिया के माध्यम से टीबी के इलाज में लगने वाला समय 6 महीने तक कम हो गया है। यह पहल न केवल इलाज को सस्ता बनाएगी, बल्कि टीबी के मरीजों की जल्दी रिकवरी में भी मददगार होगी। टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो देश को 2030 तक टीबी मुक्त बनाने की दिशा में मदद करेगा।
भीष्म क्यूब्स और ड्रोन तकनीक: आपातकालीन सेवाओं में क्रांति
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की त्वरित उपलब्धता के लिए सरकार ने भीष्म क्यूब्स का विकास किया है। यह क्यूब हल्का और पोर्टेबल है, जिसे किसी भी आपदा या इमरजेंसी के दौरान तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस क्यूब में 200 प्रकार की आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को फर्स्ट एड और अन्य जरूरी इलाज तुरंत मुहैया कराया जा सकेगा।
इसके अलावा, ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में दवाइयां और मेडिकल उपकरण भेजने का काम किया जा रहा है। 12 संस्थानों में ड्रोन तकनीक का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस कदम से ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में आपातकालीन सेवाएं और भी सुलभ हो जाएंगी।
मेडिकल सीट्स की संख्या में वृद्धि और नेशनल मेडिकल रजिस्टर
भारत में मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल सीट्स की संख्या में भी वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही नेशनल मेडिकल रजिस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसमें देशभर के सभी डॉक्टरों का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इससे डॉक्टरों की संख्या और उनकी उपलब्धता की सही जानकारी मिल सकेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बनाना आसान होगा।
AIIMS दरभंगा: बिहार के लिए वरदान
बिहार के दरभंगा में AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का निर्माण जल्द ही शुरू होने जा रहा है। जेपी नड्डा ने बताया कि 15 सितंबर 2020 को केंद्रीय कैबिनेट ने दरभंगा में 1264 करोड़ रुपये की लागत से AIIMS के निर्माण को मंजूरी दी थी, लेकिन जमीन आवंटन में देरी के कारण यह परियोजना तीन साल तक रुकी रही। अब बिहार सरकार द्वारा 150.13 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
दरभंगा में AIIMS के निर्माण से न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा, बिहार के भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी अपग्रेड किया जा रहा है और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य: उज्ज्वल दिशा की ओर
मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उनके डिजिटल रूपांतरण की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है। आयुष्मान भारत योजना का विस्तार, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, यू-विन पोर्टल और भीष्म क्यूब्स जैसी योजनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रखना है, बल्कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक भी इन्हें पहुंचाना है।
इसके अलावा, नए AIIMS की स्थापना और मेडिकल एजुकेशन में सुधार से देश की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार और भी मजबूत होगा। प्रधानमंत्री मोदी का 2030 तक हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का सपना अब तेजी से साकार होता दिखाई दे रहा है।
इन सभी कदमों से न केवल देश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि यह देश को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर भी एक मजबूत स्थान दिलाएगा।
