मिमलाना रोड डेढ़ दशक से बदहाल स्थिति में, जलभराव की समस्या का भी कोई समाधान नहीं
मुजफ्फरनगर। शहर के आसपास स्थित कई गांवों को शहर से जोड़ने वाली मिमलाना रोड डेढ़ दशक से बदहाल स्थिति में है। तीन माह से इस मार्ग की एक पुलिया टूटी हुई है, जिसका पुनर्निमाण तक नहीं किया जा सका।
बरसात में यहां होने वाले भारी जलभराव की समस्या का भी कोई समाधान नहीं हो पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुत बार इस मार्ग के निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
शहर के आबकारी रोड पर चुंगी नंबर-दो से शुरू होकर गांव मिमलाना के साथ ही न्याजूपुरा-शाहबुद्दीनपुर जाने वाला मुख्य मार्ग मिमलाना रोड डेढ़ दशक से बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह मार्ग गांव मिमलाना, शाहबुद्दीनपुर, न्याजूपुरा, शेरपुर, कल्लरपुर व कछौली को जोड़ते हुए रोहाना-चरथावल मार्ग तक जाता है। इस मार्ग पर बहुत अधिक ट्रैफिक रहता है।
इसके साथ ही कई मोहल्ले भी स्थित हैं, जहां के हजारों लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल शहर आने-जाने के लिए करते हैं। इसके बावजूद इस बेहद महत्वपूर्ण मार्ग पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।
आखिरी बार यह मार्ग करीब डेढ़ दशक पूर्व बना था, अब तक यह मार्ग पूरी तरह गड्ढ़ों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर एमजी पब्लिक स्कूल से ठीक पहले एक नाली की पुलिया तीन माह पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे ठीक नहीं कराया गया है।
आसपास के दुकानदारों ने ही राहगीरों को सचेत करने के लिए टूटी पुलिया पर सामान रख दिया है। वहीं, बारिश के दिनों में इस मार्ग पर पांच से छह फीट तक जलभराव हो जाता है, जिसके चलते इस मार्ग से निकलना पूरी तरह नामुमकिन हो जाता है। लोगों को रामलीला टिल्ला मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है।

