बुढ़ानाः अधिवक्ताओं और प्रसाशन के बीच खींची तलवारें, खुले आसमान के नीचे तपती धूप में ही प्रेक्टिस करने पर मजबूर
बुढ़ाना। बार संघ बुढ़ाना द्वारा एसडीएम की सहमति से नए वकीलों को सीटों की जगह आवंटित की गई थी, लेकिन तहसीलदार ने वकीलों के टीनशेड उखाड़ दिए हैं।
इस बात को लेकर प्रसाशन और अधिवक्ताओं के बीच तलवारें खिच गयी हैं। प्रसाशन ने मांगा था तीन दिन का समय, लेकिन नहीं हुई कोई सुनवाई। पूर्व बार अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि प्रसाशन द्वारा मांगा हुआ समय खत्म हो गया है मंगलवार को तहसील के बरामदे में ही लगेंगी नए अधिवक्ताओं सीटें।
बता दें कि बार संघ बुढ़ाना ने एसडीएम की अनुमति से गत 23 मार्च को 18 नए वकीलों को बैठने के लिए सीटों की जगह आवंटित की थी। सभी 18 वकीलों ने आवंटित जगह पर धूप से बचने के लिए टीनशेड लगा लिए थे।
लेकिन अगले ही दिन सुबह होते ही तहसीलदार मनोज कुमार ने सभी टीनशेड तुड़वा दिए और समस्त लोहे को भी जब्त कर लिया। बस इस बात को लेकर वकीलों की भौहें तन गयी और वकीलों का एक दस्ता 24 मार्च की शाम को तहसीलदार से मिला।
वकीलों ने अपनी बात तहसीलदार के समक्ष रखी, जिस पर तहसीलदार मनोज कुमार ने कहा कि वह अपने अधिकारियों के संपर्क में है और उन्हें तीन दिन का समय दिया जाए वह इस बीच वकीलों की सीटें लोटा देंगे।
27 मार्च को तहसीलदार द्वारा मांगा हुआ समय समाप्त हो गया है, लेकिन वकीलों की सीटें वापस नहीं हुई हैं। इस पर बार संघ बुढ़ाना के पूर्व अध्यक्ष विनय बालियान ने कहा कि प्रसाशन का मांगा हुआ समय खत्म हो गया
लेकिन उनके द्वारा दिया गया आश्वासन पूरा नही हुआ है। अधिवक्ता विनय बालियान ने चेतावनी दी है कि छुटियों के बाद मंगलवार को सभी 18 नए वकीलों की सीट तहसील के बरामदे में लगवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रसाशन की हठधर्मिता का जवाब दिया जाएगा।

