Muzaffarnagar में NCC कैडेट्स को आग से जूझने की दी गई जबरदस्त ट्रेनिंग, ड्रिल और मैप रीडिंग से लेकर आपदा प्रबंधन तक सिखाया गया सबकुछ
News-Desk
| 4 min read
Annual Training Camp UP, Disaster Management NCC, Fire Safety Training, Map Reading Training, Muzaffarnagar, Muzaffarnagar NCC Camp, NCC 82 Battalion, NCC Cadets Drill, NCC Girls and Boys Camp, Uttar Pradesh Fire DepartmentMuzaffarnagar शहर एक बार फिर राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के अनुशासित, जोश और सेवा भाव से भरपूर युवाओं का गवाह बना। 82 यूपी एनसीसी बटालियन का दस दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर राजकीय इंटर कॉलेज, मुज़फ्फरनगर में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए गर्ल्स और बॉयज कैडेट्स ने भाग लिया।
सातवें दिन की खासियत: आग बुझाने की बारीकियां और फायर सेफ्टी का लाइव डेमो
सातवें दिन की शुरुआत एक बेहद महत्वपूर्ण सत्र से हुई, जिसमें कैडेट्स को आग बुझाने के तरीकों की जानकारी दी गई। कैंप कमांडेंट कर्नल प्रवीण भाल ने स्पष्ट किया कि आग बुझाने की तकनीकों की जानकारी हर नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “आग को नियंत्रित करने की तकनीकों, उपकरणों के सही उपयोग और उचित प्रशिक्षण से हम बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं।”
फायर सेफ्टी विशेषज्ञ सोनू कुमार ने बताया आग की तीन मुख्य विधियाँ
उत्तर प्रदेश अग्नि शमन विभाग, मुज़फ्फरनगर के सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार ने आग बुझाने की तीन प्रमुख तकनीकें साझा कीं –
1. आग के स्रोत को हटाना,
2. ऑक्सीजन की आपूर्ति को रोकना,
3. आग को ठंडा करना।
उन्होंने यह भी बताया कि हर साल हजारों लोग आग की चपेट में आकर जान-माल की हानि झेलते हैं, जिसे रोका जा सकता है अगर फायर सेफ्टी की शिक्षा समय रहते दी जाए।
कैडेट्स ने सिखी कम्पास, मैप रीडिंग, और आपदा प्रबंधन की तकनीकें
प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में एल्फा, ब्रावो, चार्ली और डेल्टा कम्पनियों के बीच ड्रिल मुकाबले हुए। कैडेट्स ने कमाल का अनुशासन और तालमेल दिखाया। इसके बाद कम्पास का उपयोग, मैप टू ग्राउंड, ग्राउंड टू मैप, दूरी का आकलन, और स्वास्थ्य एवं सफाई से संबंधित व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। ये सत्र भविष्य के सैनिकों और सेवा के प्रति समर्पित युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक साबित हुए।
आपदा प्रबंधन के गुर: NCC कैडेट्स अब बनेंगे सच्चे रक्षक
कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की महत्ता समझाई गई – जैसे भूकंप, बाढ़ या अग्निकांड के दौरान कैसे तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए, कैसे घायलों की सहायता करें और कैसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया जाए। यह सत्र युवाओं को आपात परिस्थितियों में नेतृत्व करने की मानसिकता सिखाने के लिए डिजाइन किया गया था।
सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कैडेट्स का हौसला
इस कार्यक्रम को और भी गरिमा प्रदान की डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल नवीन पराशर, कैंप एडजुडेंट मेजर अरविंद कुमार, लेफ्टिनेंट नितिन कुमार, लेफ्टिनेंट नावेद अख्तर, चीफ ऑफिसर सतेन्द्र तोमर, चीफ ऑफिसर रमन सिंह, चीफ ऑफिसर विपिन कुमार, सेकंड ऑफिसर वाजिद अली, और फर्स्ट ऑफिसर जयवर्धन सिंह की उपस्थिति ने। इन अधिकारियों ने कैडेट्स के कार्यों की सराहना की और उन्हें सेवा के मूल्यों पर अडिग रहने का संदेश दिया।
कैडेट्स की आंखों में देशभक्ति की चमक और कंधों पर जिम्मेदारी का बोझ
इन प्रशिक्षण सत्रों ने न सिर्फ कैडेट्स को व्यावहारिक ज्ञान दिया बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सेवा भाव, और संकट के समय निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित की। NCC के ये युवा आज देश के कोने-कोने में अपने हुनर और अनुशासन से समाज को नई दिशा देने का माद्दा रखते हैं।
मुज़फ्फरनगर बना NCC प्रेरणा स्थल: हर वर्ष हो ऐसे शिविर, मांग उठी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने मांग की कि ऐसे NCC प्रशिक्षण शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं देश सेवा में प्रेरित हो सकें।

