Muzaffarnagar पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा का बड़ा एक्शन: परेड की सलामी से लेकर भोजनालय, बैरक, शस्त्र निरीक्षण तक किया सघन निरीक्षण
News-Desk
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Muzaffarnagar, muzaffarnagar Police News, police barrack inspection, police food quality check, police mess inspection, police parade inspection, police training, PRV vehicle check, SSP Sanjay Kumar Verma, UP Police NewsMuzaffarnagar की पुलिस व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली, खानपान की गुणवत्ता, शस्त्रों की स्थिति, बैरकों की सफाई, और वाहनों की स्थिति की गहनता से जांच की।
परेड मैदान में दिखा जोश, एसएसपी ने की टर्नआउट और फिटनेस की समीक्षा
सुबह के समय एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव के संचालन में परेड की सलामी ली। इसके बाद सभी उपस्थित पुलिसकर्मियों को फिजिकल फिटनेस के लिए दौड़ लगवाई गई और टोलीवार टर्नआउट की गहन जांच की गई। साथ ही शस्त्र संचालन एवं उनकी सुरक्षा व रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया गया। एसएसपी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शस्त्र सिर्फ अस्त्र नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे पूर्ण अनुशासन के साथ निभाना चाहिए।
भोजनालय का निरीक्षण: मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश
परेड के उपरांत एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के भोजन की गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए पुलिस लाइन में संचालित भोजनालय का निरीक्षण किया। उन्होंने भंडारगृह (स्टोर रूम) की स्थिति देखी और मेन्यू के अनुसार संतुलित और पोषणयुक्त भोजन देने का आदेश दिया। सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, लेकिन गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की बात कही गई।
नवनिर्मित डाइनिंग हॉल में अधिकारियों संग भोजन: एकजुटता और निगरानी दोनों का परिचायक
एसएसपी वर्मा ने प्रशिक्षु आरक्षियों के लिए तैयार नए डाइनिंग हॉल में खुद अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ भोजन कर खाद्य गुणवत्ता की जांच की। यह कदम केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता और पारदर्शिता का प्रतीक बना।
बैरकों का मुआयना: समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश दिए
इसके बाद एसएसपी ने पुलिस बैरकों का निरीक्षण किया और वहां निवास कर रहे कर्मियों से व्यक्तिगत बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। एसएसपी ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और पुलिसकर्मियों को बैरक तथा आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।
मोटर परिवहन शाखा और पीआरवी वाहनों की जांच: रजिस्टर से लेकर फर्स्ट एड तक सब पर नजर
एसएसपी ने मोटर परिवहन शाखा में वाहनों की स्थिति, उनकी साफ-सफाई और रजिस्टरों की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने डायल-112 पीआरवी वाहनों की बारीकी से जांच की, यह सुनिश्चित किया कि हर वाहन में प्राथमिक चिकित्सा किट, घटनास्थल संरक्षण सामग्री और जरूरी उपकरण उपलब्ध हों।
शौचालय, कैफे, लाइब्रेरी और कैंटीन: हर कोने की जांच, गुणवत्ता को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने शौचालयों की सफाई, बारबर शॉप, पुलिस कैफे, लाइब्रेरी और कैंटीन तक का मुआयना किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को उच्च स्तर पर बनाए रखने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पुलिस कैफे में मिल रहे खाद्य पदार्थों को चखकर खुद मूल्यांकन किया गया।
प्रशिक्षु आरक्षियों के क्लासरूम और आवासीय व्यवस्था का विश्लेषण
एसएसपी संजय वर्मा ने प्रशिक्षु आरक्षियों के क्लासरूम, आवास, ऑफिस, शौचालय, डाइनिंग हॉल आदि का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं में सुधार हेतु सुझाव भी दिए और आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
अंत में अर्दली रूम की बैठक: रजिस्टर, दस्तावेजों की जांच और दिशा-निर्देश
निरीक्षण का समापन आदेश कक्ष में हुआ, जहां एसएसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की अर्दली रूम बैठक ली। यहां उन्होंने रजिस्टरों, दस्तावेजों और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड की समीक्षा की और सटीक रखरखाव के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस व्यापक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी लाइन राजू कुमार साव, प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार, प्रतिसार निरीक्षक श्री ऊदल सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सबने इस निरीक्षण को सकारात्मक और प्रेरणास्पद बताया।
पुलिस की छवि को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में यह निरीक्षण महज एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह पुलिस की कार्यक्षमता, अनुशासन और सेवा गुणवत्ता को सुधारने की एक ठोस कोशिश थी। एसएसपी वर्मा का यह निरीक्षण न केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा करता है, बल्कि जनता के बीच भी पुलिस की छवि को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।

