Donald Trump का टैरिफ बम: कनाडा, ब्राजील और BRICS देशों पर मचा व्यापारिक भूचाल🔥
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वैश्विक व्यापार के मैदान में एक बार फिर धमाकेदार एंट्री कर ली है। इस बार निशाने पर हैं न सिर्फ कनाडा और ब्राजील, बल्कि BRICS जैसे ताकतवर समूह के देश भी। ट्रंप का यह आक्रामक रुख केवल एक नीतिगत फैसला नहीं बल्कि आने वाले समय में अमेरिका की वैश्विक आर्थिक दिशा का संकेत है।
कनाडा पर 35% टैरिफ – ट्रंप का नया दांव
गुरुवार को ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर ऐलान किया कि 1 अगस्त 2025 से अमेरिका कनाडा से आने वाले तमाम सामानों पर 35% टैरिफ लागू करेगा। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज़ में यह भी कहा कि यदि कनाडा ने जवाबी कार्रवाई की, तो यह टैरिफ और बढ़ाए जाएंगे।
क्यों लगी इतनी भारी ड्यूटी?
Donald Trump ने इस फैसले के पीछे कनाडा से अमेरिका में हो रही फेंटानिल की तस्करी को एक बड़ी वजह बताया। लेकिन पत्र में उन्होंने यह भी साफ किया कि समस्या सिर्फ ड्रग्स नहीं है, बल्कि कनाडा की कई टैरिफ और नॉन-टैरिफ नीतियां अमेरिका के आर्थिक हितों के विरुद्ध हैं।
पिछले टैरिफ का इतिहास भी झलकता है
मार्च 2025 में अमेरिका ने कनाडा पर पहले ही 25% टैरिफ लगा दिया था। अब 35% की नई दर का मतलब है – दोनों देशों के रिश्तों में अब शायद ही पहले जैसा भरोसा बचा होगा।
ब्राजील पर भी गिरी गाज – 50% का सीधा वार!
Donald Trump की सख्ती ने ब्राजील की अर्थव्यवस्था को भी झकझोर कर रख दिया है। ट्रुथ सोशल पर शेयर किए गए लेटर में ट्रंप ने ब्राजील से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह फैसला सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी लिए हुए है।
बोल्सोनारो के समर्थन में उतरे ट्रंप
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो पर चल रहे मुकदमे की कड़ी आलोचना करते हुए ट्रंप ने उसे एक “विच हंट” करार दिया। उन्होंने कहा कि बोल्सोनारो जैसे नेता के साथ किया गया बर्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मनाक है।
ब्राजील पर टैरिफ का कारण?
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट द्वारा बोल्सोनारो को चुनाव में भाग लेने से रोकना और उनके प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर सेंसरशिप लागू करना लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है।
1 अगस्त को Donald Trump का टैरिफ तूफान – 21 देशों की सूची में कौन-कौन?
ट्रंप की टैरिफ नीति अब ग्लोबल स्तर पर चौंकाने वाली साबित हो रही है। पिछले दो दिनों में उन्होंने 21 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की।
जिन देशों पर लगाया गया टैरिफ:
ब्राजील: 50%
कनाडा: 35%
अल्जीरिया, इराक, लीबिया, श्रीलंका: 30%
ब्रुनेई, मोल्दोवा: 25%
फिलीपींस: 20%
इसके अलावा ट्रंप ने पहले ही दक्षिण कोरिया, जापान, बांग्लादेश और कई अन्य देशों पर 25% से 40% तक टैरिफ का ऐलान किया था।
ट्रंप ने कहा – “अब हम व्यापार संतुलन बनाएंगे”
पत्रों में ट्रंप ने यह साफ किया कि यह टैक्स उन देशों पर लगाए जा रहे हैं जिन्होंने वर्षों से अमेरिका का आर्थिक दोहन किया है। 1 अगस्त से अमेरिका एक नए ग्लोबल टैरिफ युग में प्रवेश करेगा।
डॉलर पर हमला करने वालों को चुकानी पड़ेगी कीमत – ट्रंप की BRICS को चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक और सनसनीखेज बयान देकर BRICS देशों को हिला दिया। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से BRICS ग्रुप के देशों पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा।
आरोप क्या है?
ट्रंप ने कहा कि BRICS देश अमेरिकी डॉलर की बादशाहत को चुनौती देने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने चेताया कि “Dollar is King” और जो देश इसे गिराने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी।
ट्रंप की भारत नीति – दोस्ताना व्यापार की ओर बढ़ते कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक चेहरा आक्रामक टैरिफ नीति का है, तो दूसरा चेहरा भारत के साथ मधुर संबंधों को लेकर है। ट्रंप ने घोषणा की है कि इस महीने के अंत तक भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक व्यापार समझौता हो सकता है।
क्या होगा इस डील में?
अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी मेडिकल उपकरण, इंडस्ट्रियल सामान और कृषि उत्पादों पर कम टैरिफ लगाए।
भारत चाहता है कि उसके टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को अमेरिका में बेहतर बाजार मिले।
लक्ष्य: 2030 तक 500 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार।
हालांकि, खेती और डेयरी क्षेत्र इस समझौते का हिस्सा नहीं होंगे।
ट्रंप का आत्मविश्वास – “पहले टर्म में महंगाई नहीं थी, अब और बेहतर होगा”
ट्रंप ने अपने पुराने कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सैकड़ों अरब डॉलर के टैरिफ जमा किए, लेकिन तब भी महंगाई नहीं थी। उनका मानना है कि इस बार अमेरिका और भी अधिक सफल होगा।
“मैं ऐसा राष्ट्रपति नहीं बनने दूंगा जो अमेरिका को बर्बाद कर दे,” – यह ट्रंप का संकल्प है।

