Muzaffarnagar में 485 शराब की पेटियों का विनिष्टीकरण, आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
जनपद Muzaffarnagar से प्राप्त खबर के अनुसार, आबकारी विभाग ने वर्ष 2023-24 के अवशेष और अप्रयुक्त शराब स्टॉक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 485 पेटियों को नियमानुसार नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2025-26 के अंतर्गत, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई है।
FL-2 और FL-2B अनुज्ञापनों के तहत संग्रहीत स्टॉक हुआ समाप्त
नष्ट की गई शराब में से 475 पेटियां FL-2 लाइसेंसधारी गोदामों में संग्रहीत थीं, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष में निर्मित थीं और अविक्रित रह गई थीं। वहीं 10 पेटियां FL-2B लाइसेंस के अंतर्गत थीं, जिनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। इन सभी को नियमों और पर्यावरण मानकों के तहत सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया।
कई विभागों की संयुक्त कार्रवाई, कानून के तहत निष्पादन
इस विनिष्टीकरण प्रक्रिया का संचालन उप आबकारी आयुक्त, सहारनपुर प्रभार, उप जिलाधिकारी (न्यायिक), सदर, तथा जिला आबकारी अधिकारी, मुजफ्फरनगर की संयुक्त समिति के माध्यम से संपन्न हुआ। कार्रवाई को प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करते हुए पूरी विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत अंजाम दिया गया।
मुख्यालय में समीक्षा बैठक, विशेष प्रवर्तन अभियान को और तेज़ करने के निर्देश
विनिष्टीकरण के बाद कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, मुजफ्फरनगर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप आबकारी आयुक्त, सहारनपुर, जिला आबकारी अधिकारी, समस्त आबकारी निरीक्षक, एवं प्रभारी आबकारी सिपाही/सिपाही शामिल हुए।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए गए:
विशेष प्रवर्तन अभियान को और सशक्त किया जाए।
नकली या अवैध शराब पर पैनी नजर रखी जाए।
गुणवत्तापूर्ण जांच एवं बड़ी जब्ती की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए।
राजस्व अर्जन को अधिकतम करने के लिए तकनीकी एवं सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए।
शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ा संदेश – आबकारी नीति के पालन में कोई ढिलाई नहीं
यह कार्रवाई न सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया थी, बल्कि प्रदेश भर के उन शराब माफियाओं और अवैध कारोबारियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है जो नियमों की अवहेलना कर स्टॉक जमा कर लाभ कमाना चाहते हैं। सरकार की नई आबकारी नीति के तहत अब पुराना और अवैध स्टॉक जमा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पर्यावरण मानकों का हुआ पालन, जिम्मेदारी के साथ किया गया निष्पादन
विनिष्टीकरण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया। नष्ट की गई शराब को इस प्रकार नष्ट किया गया कि वह पर्यावरण या जल स्रोतों को नुकसान न पहुंचाए। यह एक उदाहरण है कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय संवेदनशीलता कैसे साथ-साथ चल सकती है।
जनपद में लागू होगा सतत निगरानी तंत्र – FL लाइसेंसधारियों पर भी रखी जाएगी कड़ी नजर
आबकारी विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में FL-2 और FL-2B अनुज्ञापनों के सभी गोदामों की नियमित रूप से जांच की जाएगी। निर्धारित अवधि के बाद किसी भी प्रकार का अवशेष स्टॉक यदि पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

