Padmini Kolhapure की दमदार वापसी: टीवी के ऐतिहासिक शो में निभा रही हैं प्रभावशाली ‘राजमाता’ का किरदार
भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठित और बहुमुखी कलाकारों में गिनी जाने वाली Padmini Kolhapure एक बार फिर से दर्शकों के बीच अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करवा रही हैं। 80 और 90 के दशक की कई यादगार फिल्मों में नजर आ चुकीं पद्मिनी ने एक ऐतिहासिक टेलीविज़न शो के जरिए छोटे पर्दे पर वापसी की है। ‘चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान’ नामक शो में वह ‘राजमाता’ की भूमिका में दिखाई दे रही हैं, जो एक बेहद भावनात्मक और शक्तिशाली किरदार है।
इतिहास से जुड़ाव बना वापसी की वजह
इस भूमिका को लेकर उन्होंने बताया कि यह केवल एक रोल नहीं, बल्कि उनके लिए एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक जुड़ाव जैसा था। जब प्रोडक्शन टीम ने शो का प्रस्ताव रखा और बताया कि इसमें पृथ्वीराज चौहान की कहानी को दिखाया जाएगा, तो पद्मिनी खुद को रोक नहीं पाईं।
उन्होंने कहा, “राजमाता जैसी शख्सियत का किरदार निभाना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।” ये किरदार न सिर्फ पौराणिक महत्व रखता है, बल्कि भावनात्मक और मानसिक रूप से भी बेहद गहराई लिए हुए है।
किरदार की तैयारी में लगा वक्त, पढ़े गए इतिहास के पन्ने
एक कलाकार होने के नाते पद्मिनी कोल्हापुरे ने महज स्क्रिप्ट पर निर्भर नहीं रहकर खुद भी रिसर्च की। उन्होंने पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर आधारित किताबें पढ़ीं, ऑनलाइन रिसोर्सेज का सहारा लिया, और यहां तक कि बच्चों के लिए बनाए गए एनिमेटेड कंटेंट भी देखा ताकि किरदार की बारीकियां पूरी तरह आत्मसात कर सकें।
उनका मानना है कि इतिहास को जीने के लिए उसे समझना बहुत जरूरी है, और वही उन्होंने इस भूमिका में करने की कोशिश की है।
ऐतिहासिक भूमिकाओं से मिला ‘रॉयल औरा’
उन्होंने बताया कि मराठी शो और फिल्मों जैसे ‘छत्रपति शिवाजी’ और ‘शंभाजी’ से भी उन्हें प्रेरणा मिली। इन प्रोजेक्ट्स में रानियों और उस दौर की महिलाओं का जिस तरह चित्रण किया गया है, वह उनके दिमाग में बसा हुआ था। राजमाता का किरदार भी कुछ ऐसा ही है—मजबूत, निर्णायक और प्रेरणादायक।
पद्मिनी का फिल्मी सफर: 50 सालों की शानदार यात्रा
पद्मिनी कोल्हापुरे का फिल्मी करियर लगभग 5 दशक का रहा है। उन्होंने बतौर गायिका शुरुआत की थी और बाद में सिनेमा में प्रवेश किया। उन्होंने न सिर्फ हिंदी, बल्कि मराठी सिनेमा में भी कई यादगार किरदार निभाए हैं।
उनकी कुछ खास फिल्मों में शामिल हैं:
प्रेम रोग
सात दिन
प्यार झुकता नहीं
आहिस्ता आहिस्ता
इन फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी है।
मिथुन चक्रवर्ती के साथ जोड़ी बनी हिट
मिथुन चक्रवर्ती के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हमेशा दर्शकों को पसंद आई। पद्मिनी के अनुसार, एक फिल्म हिट होते ही इंडस्ट्री का ट्रेंड होता है कि वही जोड़ी बार-बार दोहराई जाती है। ‘प्यार झुकता नहीं’ की सफलता के बाद उन्हें मिथुन के साथ कई प्रोजेक्ट्स ऑफर हुए।
हाल ही में उनके साथ फिर से एक प्रोजेक्ट पर बातचीत हुई है, लेकिन अभी सब कुछ शुरुआती स्तर पर है।
महिला कलाकारों के लिए बदलते सिनेमा के मायने
पद्मिनी को लगता है कि आज के समय में महिला कलाकारों के लिए पहले की तुलना में बेहतर, मजबूत और सशक्त किरदार लिखे जा रहे हैं। पहले भी मीना कुमारी, नूतन, नरगिस जैसी अभिनेत्रियों के लिए मजबूत रोल लिखे जाते थे, लेकिन आज कहानी लिखते समय महिला किरदारों को लेकर डायरेक्टर्स ज्यादा सजग हैं।
“अब वक्त बदल गया है और हमें भी उसी के साथ बदलना होता है,” उन्होंने कहा। आज के दौर में चुनौतियां तो हैं, लेकिन मौके भी बहुत हैं।
‘प्रेम रोग’ से जुड़ा वो मज़ेदार किस्सा
फिल्म ‘प्रेम रोग’ के एक सीन को लेकर पद्मिनी कोल्हापुरे और ऋषि कपूर के बीच एक दिलचस्प अनुभव रहा। उस सीन में पद्मिनी को ऋषि कपूर को थप्पड़ मारना था। सीन कई रीटेक्स में जा रहा था और ऋषि कपूर ने मजाक में कहा कि वह इसका बदला जरूर लेंगे। बाद में फिल्म ‘राही बदल गए’ में ऐसा ही एक सीन आया, जहां ऋषि को पद्मिनी को थप्पड़ मारना था और उन्होंने उसी जोश से शूट किया।
डायरेक्शन से ज्यादा फैशन में रुचि, संगीत भी है साथ
हालांकि एक्टिंग उनकी पहचान रही है, लेकिन निर्देशन में उन्होंने हाथ नहीं आजमाया। उनकी एक अलग पहचान उनके फैशन ब्रांड के जरिए बनी है—‘पद्म सीता’, जो खासतौर पर महिलाओं के लिए कपड़ों की एक खास श्रृंखला है। उनका कहना है कि उनकी जिंदगी में महिलाएं ही केंद्र में रही हैं, इसलिए वे उनके लिए कुछ करना चाहती थीं।
साथ ही, पद्मिनी को गाने का भी शौक है। लता मंगेशकर उनकी बुआ थीं, और उनके पिता खुद एक म्यूज़िशियन थे। पद्मिनी और उनकी बहन शिवांगी ने भी कुछ प्लेबैक सॉन्ग रिकॉर्ड किए हैं। हाल ही में उन्होंने अमेरिका में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल नाइट में परफॉर्म किया।
मराठी सिनेमा और आने वाले प्रोजेक्ट्स
पद्मिनी कोल्हापुरे मराठी सिनेमा का भी जाना-पहचाना चेहरा रही हैं। ‘चिमनी पाखर’ और ‘प्रवास’ जैसी फिल्मों में उनकी उपस्थिति को खूब सराहा गया।
वर्तमान में वह ‘झाड़फूंक’ नामक एक हिंदी साइकोलॉजिकल थ्रिलर में व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ यशपाल शर्मा और राजन वर्मा काम कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके पति भी उनके लिए एक मराठी फिल्म प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

