उत्तर प्रदेश

Mainpuri में बिजली संकट पर डिंपल यादव का बड़ा हमला: स्मार्ट मीटर और जर्जर लाइनें बनी जन आक्रोश की वजह

समाजवादी पार्टी की नेता और Mainpuri से सांसद डिंपल यादव ने एक बार फिर जनता की आवाज को बुलंद करते हुए, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। डिंपल यादव ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) के अधिकारियों को कड़े शब्दों में पत्र लिखकर मैनपुरी क्षेत्र में बिजली से जुड़ी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है। खास तौर पर उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर गहरी आपत्ति जताई है।


📩 एक नहीं, दो पत्रों में उभरी जन पीड़ा

डिंपल यादव ने अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड, मैनपुरी को भेजे गए विस्तृत पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली समस्याओं का ब्यौरा दिया है। पत्र में बताया गया है कि जिले की कई ग्राम पंचायतें अभी भी विद्युतीकरण की बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, वहीं जिन इलाकों में बिजली पहुंची है, वहां की जर्जर लाइनों और उपकरणों के कारण लोग हर दिन खतरे में हैं।


🚨 ग्राम पंचायतों की समस्याएं: जानलेवा लाइनें, ठप जलापूर्ति और अधूरा विद्युतीकरण

ग्राम रठेरा में 11 हजार वोल्ट की एल्युमीनियम लाइन रिहायशी इलाके से होकर गुजर रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। डिंपल यादव ने इसे तत्काल केबल लाइन से बदलने की मांग की है।

लोगपुर चौराहा से त्रिलोकपुर के बीच जर्जर लाइनें बार-बार स्पार्किंग कर रही हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। सांसद ने इन लाइनों को जल्द शिफ्ट करने की अपील की है।

ग्राम नगरिया, उमदपुर और नगला बाबा नगरिया—इन गांवों का पूरा विद्युतीकरण अब तक नहीं हो पाया है। डिंपल ने शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने का सुझाव दिया है।

ग्राम पंचायत अंगौधा में पानी की टंकी के ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब है, जिससे जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है। डिंपल ने तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाने की बात कही है।

ग्राम पंचायत दरवाह के नगला आशा का एक बड़ा हिस्सा अब भी बिजली से वंचित है, जिससे वहां के लोग रात के अंधेरे में जीने को मजबूर हैं।


🔌 स्मार्ट मीटर पर बड़ा सवाल: बिना सूचना, जनता पर थोपे गए मीटर!

डिंपल यादव ने मुख्य महाप्रबंधक डीवीवीएनएल को दूसरा पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर योजना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि एएमआईएसपी योजना के तहत 2.80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से 58,687 मीटर पहले ही बदल दिए गए हैं।

परंतु, इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का घोर अभाव है। उपभोक्ताओं को न तो पूर्व सूचना दी जा रही है, न ही उनकी सहमति ली जा रही है। कई उपभोक्ताओं ने बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की शिकायत की है। इससे जनता में भारी असंतोष और अविश्वास फैल रहा है।


📉 बिजली बिल में अचानक आई तेजी बनी जनता की परेशानी का कारण

सांसद के अनुसार, कई ग्रामीणों ने उनसे संपर्क कर बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को लगने लगा है कि यह योजना जनहित में नहीं बल्कि कंपनियों के मुनाफे के लिए लाई गई है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया इसी प्रकार अव्यवस्थित और जबरन जारी रही तो यह मुद्दा जन आंदोलन का रूप ले सकता है।


💬 सांसद की मांग: तत्काल रोक लगे स्मार्ट मीटर योजना पर

डिंपल यादव ने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसकी स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए। उन्होंने मांग की कि जब तक उपभोक्ताओं की संतुष्टि और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक यह योजना आगे न बढ़ाई जाए।


🛠️ विद्युत विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान

यह पहली बार नहीं है जब डीवीवीएनएल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी मैनपुरी, फिरोजाबाद, और इटावा जैसे जिलों में स्मार्ट मीटरों की खामियों को लेकर हंगामा हो चुका है।

अब जब खुद क्षेत्र की सांसद ने जमीनी हकीकत उजागर की है, तो यह साफ है कि समस्या व्यापक है और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।


📣 जनता की आवाज को बुलंद करने वाली सांसद बनीं डिंपल यादव

डिंपल यादव का यह कदम मैनपुरी की जनता के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। जिस तरह से उन्होंने गांव-गांव की समस्याओं को विस्तार से सामने रखा है, वह बताता है कि वे सिर्फ संसद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता की ज़मीन पर मौजूद समस्याओं से भी जुड़ी हुई हैं।


🌐 पारदर्शिता और जनहित की लड़ाई: क्या डीवीवीएनएल देगा जवाब?

अब सवाल उठता है कि क्या विद्युत विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा? क्या स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया में बदलाव लाया जाएगा? क्या ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य अब तेज़ी से पूरा किया जाएगा?

डिंपल यादव का यह प्रयास अब जनता की उम्मीदों का केंद्र बन गया है और सभी की नजरें डीवीवीएनएल की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


मैनपुरी में बिजली संकट से त्रस्त जनता की आवाज अब संसद तक पहुंच गई है। डिंपल यादव ने जनहित में जो सख्त रुख अपनाया है, वह न केवल प्रशासन को झकझोरने वाला है, बल्कि एक उदाहरण भी है कि जनप्रतिनिधि किस तरह अपने क्षेत्र की आवाज बन सकते हैं। अब देखना यह है कि बिजली विभाग इस चेतावनी को कितना गंभीरता से लेता है।

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