Bareilly-बरेली में सनसनीखेज फैसला: दो सगे भाइयों को उम्रकैद, गंगापुर चौराहे पर दिनदहाड़े की गई थी युवक की हत्या
Bareilly के गंगापुर मोहल्ले में हुए चर्चित Bareilly Murder Case में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने न केवल दोनों को दोषी माना बल्कि उन पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह घटना 21 नवंबर 2022 की है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया था।
क्या हुआ था 21 नवंबर 2022 को?
गंगापुर निवासी मुदित ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई सुरजीत उर्फ गोला दोपहर करीब 2:35 बजे गंगापुर चौराहे पर शराब की दुकान के पास खड़ा था। तभी गंगापुर का ही रहने वाला राहुल उर्फ अप्पा अपने भाई दीपक और साथियों विशाल, कुलदीप और लव राजपूत के साथ वहां पहुंचा।
सभी के पास असलहे थे और भीड़-भाड़ वाले इलाके में खुलेआम फायरिंग कर दी गई। गवाही और रिपोर्ट के मुताबिक राहुल उर्फ अप्पा ने सुरजीत के सिर में गोली मारी जबकि दीपक ने उसका सहयोग किया। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। एक दिन पहले सुरजीत और राहुल के पिता के बीच विवाद हुआ था, जिसकी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई। 22 नवंबर को राहुल को ईंट पजाया चौराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से वही तमंचा भी बरामद हुआ जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया था। इसके बाद पुलिस ने दीपक को भी दबोच लिया।
पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फॉरेंसिक जांच भी कराई। तमंचे को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, जिससे साफ हो गया कि उसी से वारदात हुई थी। अदालत में पेश सबूतों और गवाहों के बयानों ने अपराध को और मजबूत कर दिया।
अदालत का सख्त संदेश – अपराधियों के लिए कोई ढिलाई नहीं
बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या आठ) कुमार गौरव ने सबूतों और गवाहों के आधार पर दोनों भाइयों को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले को गंगापुर क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जिले में न्याय की जीत माना जा रहा है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, सजा से बच नहीं सकता।
बरेली और अपराध की सच्चाई – क्यों बढ़ रहे हैं गैंगवार और हत्याएं?
Bareilly Murder Case जैसे घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के अपराध पर सवाल खड़े करते हैं। छोटे-छोटे विवाद अक्सर खूनी रंजिश का रूप ले लेते हैं। शराब ठेकों के पास, मोहल्लों में पुरानी दुश्मनी या जमीन-जायदाद के झगड़े अकसर गोलीबारी तक पहुंच जाते हैं।
पुलिस और प्रशासन लगातार अपराध पर शिकंजा कसने का दावा करते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बरेली जैसे जिलों में गैंगवार, आपसी रंजिश और बदले की भावना से की गई हत्याएं अब आम होती जा रही हैं।
परिवार की व्यथा – टूट गया सुरजीत का घर
हत्या के बाद से पीड़ित परिवार का दर्द खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। मुदित ने बयान में कहा कि उसका भाई सुरजीत घर का सहारा था और उसकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। हालांकि अदालत का यह फैसला परिवार को थोड़ी राहत जरूर देता है कि न्याय हुआ है।
कानून का डर जरूरी – समाज के लिए संदेश
यह मामला एक बड़ा सबक है कि अपराध करने वाले कितने भी चालाक क्यों न हों, पुलिस और कानून की पकड़ से नहीं बच सकते। अदालत का यह फैसला समाज में कानून का डर पैदा करता है और संदेश देता है कि अपराधियों को जल्द ही उनकी करतूत की सजा मिलेगी।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
गंगापुर मोहल्ले में लोग आज भी 21 नवंबर की उस घटना को याद कर सिहर उठते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे पर दिनदहाड़े फायरिंग और हत्या ने उनके इलाके की शांति को हिला दिया था। कोर्ट का फैसला आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और कहा कि इस तरह के अपराधियों को कड़ी सजा मिलना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में अपराध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियां
बरेली ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में आपसी रंजिश, गैंगवार, अवैध असलहों की उपलब्धता और शराब ठेकों के पास होने वाली वारदातें लगातार पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बन रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अवैध हथियारों की सप्लाई पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी और मोहल्लों में छोटी-छोटी बातों को लेकर ‘बदमाश संस्कृति’ खत्म नहीं होगी, तब तक ऐसी वारदातें होती रहेंगी।
समाज के लिए सबक और जिम्मेदारी
Bareilly Murder Case इस बात का सबूत है कि अपराध और रंजिश का अंत कभी भी खुशहाल नहीं होता। युवाओं को चाहिए कि गुस्से और बदले की भावना में बहकर अपराध का रास्ता न चुनें।

