उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश: आज से प्रति व्यक्ति 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण, अभियान 15 जून तक

उत्तर प्रदेश में आज से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा । राज्य सरकार ने दावा किया है कि श्रमिक, रिक्शा, ठेला, रेहड़ी, दैनिक मजदूर आदि को भोजन की समस्या न हो इसके लिए सामुदायिक किचन की व्यवस्था की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ गेहूं खरीद का अभियान 15 जून तक जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर, वाराणसी, बागपत, शाहजहांपुर, अलीगढ़, बाराबंकी, झांसी तथा मुजफ्फरनगर के किसानों से संवाद के दौरान कहा कि किसान कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए क्रय केन्द्रों पर जाएं। राज्य सरकार द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार पूरी शक्ति और संसाधनों से कोरोना के विरुद्ध संघर्ष कर रही है। यह समय जीवन, जीविका और मानवता को बचाने का है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं फसल को खरीदे जाने की प्रक्रिया कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों सहित सभी के सहयोग से कोरोना को परास्त करने में हम एक बार फिर सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का यह कालखण्ड किसानों की उपज की खरीद का भी समय है। उन्होंने गेहूं क्रय केन्द्र प्रभारियों व अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को क्रय केन्द्रों पर किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय लगभग 6 हजार केन्द्र हैं। किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान 72 घण्टे के दौरान सुनिश्चित किया जा रहा है। 82 प्रतिशत से अधिक किसानों को गेहूं मूल्य का भुगतान किया जा चुका है।

प्रतिदिन 90,000 से एक लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा रही है। गेहूं खरीद का अभियान 15 जून तक जारी रहेगा। क्रय केन्द्रों पर ई-पाॅस मशीनों की व्यवस्था की गयी है, जिनके माध्यम से पारदर्शिता के साथ गेहूं क्रय किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण से गांवों को सुरक्षित रखने के लिए 5 मई से विशेष टेस्टिंग अभियान प्रारम्भ हो रहा है। इसके तहत राजस्व ग्रामों में घर-घर जाकर लोगों से सम्पर्क किया जाएगा और आरआर टीम द्वारा लक्षणयुक्त लोगों का एण्टीजेन टेस्ट किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षणयुक्त लोगों की पहचान कर उनको निःशुल्क मेडिसिन किट उपलब्ध कराते हुए, उनका उपचार किया जाएगा।

टेस्ट की रिपोर्ट और मरीज की स्थिति के आधार पर उसे होम आइसोलेशन, क्वारण्टीन अथवा अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। ग्राम पंचायतों एवं स्कूलों में क्वारण्टीन सेण्टर बनाए जाएंगे। इन सेण्टरों में रहने वालों लोगों की देखभाल व खानपान की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।

 

News Desk

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