Kanpur में रियल एस्टेट फ्रॉड का बड़ा खुलासा: बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारी से प्लॉट के नाम पर करोड़ों की ठगी, धमकी देकर दबाव बनाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार🔥
News-Desk
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Kanpur Crime News, kanpur fraud news, Kanpur police action, Kanpur Real Estate Fraud, Plot Fraud Kanpur, Real Estate Scam KanpurKanpur शहर में रियल एस्टेट से जुड़ा बड़ा खेल उजागर हुआ है। पनकी पावर हाउस के 73 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी रमाकांत मिश्रा से प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने और बाद में धमकाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें मुख्य आरोपी ब्रजेंद्र सिंह चौहान के साथ उसके तीन साथी विष्णु सिंह, जितेंद्र सिंह और हिमांशु दीक्षित शामिल हैं। पुलिस ने देर रात छापेमारी कर सभी को पकड़ लिया।
पीड़ित परिवार के साथ धोखाधड़ी की कहानी
पनकी सी ब्लॉक निवासी रमाकांत मिश्रा की बेटी कंचन दीक्षित ने 31 दिसंबर 2020 को बीएसीएल रियल एस्टेट के एमडी, स्वराजनगर निवासी बृजेंद्र सिंह चौहान से 405 गज का प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि डील तय होने के बाद बृजेंद्र सिंह चौहान ने 200 गज का दूसरा प्लॉट भी बताकर उन्हें और पैसे देने के लिए राज़ी कर लिया। 1 जनवरी 2021 को मिश्रा परिवार ने 10 लाख रुपये दिए और बाद में 4 लाख रुपये और।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई। लगातार टालमटोल करने पर मिश्रा परिवार ने रकम वापस मांगी। किसी तरह 9 लाख रुपये लौटाए गए, लेकिन बाकी रकम की मांग करने पर पीड़ितों को धमकियां मिलने लगीं।
“प्लॉट भूल जाओ, वरना जान से हाथ धो बैठोगे”
पीड़ित रमाकांत मिश्रा ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने पैसे की वापसी पर जोर डाला तो आरोपी और उसके तीनों साथियों ने खुलेआम धमकी दी – “प्लॉट भूल जाओ नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे।” इस धमकी से परिवार दहशत में आ गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
शिकायत दर्ज होते ही पनकी पुलिस ने सख्ती दिखाई। डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी के निर्देश पर शुक्रवार देर रात छापेमारी की गई और चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनके खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया है।
कानपुर में रियल एस्टेट ठगी का बढ़ता ग्राफ
यह कोई पहला मामला नहीं है। कानपुर में पिछले कुछ वर्षों से रियल एस्टेट कारोबार के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़े के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बिल्डर्स और छोटे-बड़े रियल एस्टेट एजेंट लोगों को सस्ते प्लॉट, आसान किस्तों में जमीन और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स का लालच देकर मोटी रकम हड़प लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच-पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया पूरे किए निवेश करने से लोग इस तरह के जाल में फंस जाते हैं। अक्सर बुजुर्ग, महिलाएं और नौकरीपेशा लोग आसान किस्तों की योजना में फंस जाते हैं और बाद में अपनी मेहनत की कमाई गवां बैठते हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और मांग
पनकी क्षेत्र के लोगों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती नहीं करती, तो आरोपी और बड़े लोगों को इसी तरह धोखा देते रहते। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी रियल एस्टेट कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई हो और रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
पुलिस की अपील: जागरूक रहें, सावधान रहें
डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि इस तरह के मामलों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी प्लॉट या प्रॉपर्टी की खरीद से पहले उसकी रजिस्ट्री और कागजों की पूरी जांच कर लें। यदि कोई संदेहजनक गतिविधि लगे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
कानपुर में लगातार खुल रहे धोखाधड़ी के मामले
पिछले एक साल में ही कानपुर पुलिस ने कई ऐसे रैकेट पकड़े हैं, जो लोगों से जमीन या घर दिखाकर करोड़ों रुपये ठग चुके थे। पुलिस ने कई नामी बिल्डर्स पर शिकंजा कसा है और आगे भी इस तरह की जांच तेज करने की तैयारी कर रही है।

