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जिला पंचायत चुनाव में भाजपा जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन पर षडयंत्र के तहत हराने का आरोप

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिला पंचायत वार्ड नं. ७ से प्रत्याशी रहे शंकर सिंह भोला ने भाजपा जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन पर षड्यंत्र रचकर उन्हें चुनाव में हारने का काम किया है। क्षेत्र की जनता ने तो उन्हें भारी वोटों से जिताया, लेकिन षड्यंत्र कारियों ने उन्हें हरा दिया।

शांतिनगर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाते हुए शंकर सिंह भोला ने कहा कि मतगणना खत्म होते ही अधिकारियों ने मतगणना पेटियों को बिना सील करायें ट्रक में भेज दिया। उन्होंने कहा कि मतगण्ना के उपरान्त कोई साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद ही मतपेटियां भेजी जाती है

लेकिन उनसे किसी भी तरह के हस्ताक्षर नहीं करायें गये। उन्हांने कहा कि भाजपा जनप्रतिनिधियों की शह पर उनके प्रत्याशी तरूण पाल ने बिना परिमाण घोषित हुए ही अपने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर मिठाई बांट दी, जब परिमाण ही घोषित नहीं हुआ, तो तरूण पाल को जीत की जानकारी कैसे मिल गयी।

इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन शुरू से ही भाजपा जनप्रतिनिधियों के दबाव में काम कर रहा था। शंकर सिंह भोला ने कहा कि शाम को जब कम्प्यूटर में मतों की फिडिंग का कार्य समाप्त हो चुका था और अधिकारियों ने उन्हें ४१२ वोटों से विजयी बताया था

औऱ अधिकारियो ने विजयी होने की रसीद भी दे दी थी अधिकारियो ने कहा था कि जीत का प्रमाण पत्र कचहरी मे ड्डस्रद्व कार्यालय से मिलेगा फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें हरा दिया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात्रि ८ बजे तक सारे साक्ष्य हमारे पक्ष में थे, लेकिन तरूण पाल को इसके सामने जीता हुआ बताया गया। सभी प्रत्याशियों के पास मतगणना का पूरा डाटा उपलब्ध है, फिर तरूण पाल का बढ़ा हुआ डाटा कहा से आया है।

भोला ने आरोप लगाया कि विजयी घोषित किये गये प्रत्याशी तरूण पाल को रात्रि २ बजे प्रमाण पत्र देना स्पष्ट करता है कि प्रशासन की मंशा में खोट है। जब सभी प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र कचहरी परिसर से दिये गये, तो ऐसी क्या मजबूरी थी कि तरूण पाल को आनन-फानन में रात्रि में बुलाकर प्रमाण पत्र दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने प्रत्याशियों की गैर मौजूदगी में किस तरह दोबारा मतगणना की है यह समझ से परे है। दोबारा मतगणना प्रत्याशियों की मौजूदगी में होती है। चुपचाप मतगणना कराने से स्पष्ट है कि मतगणना में अधिकारियों ने हेरा-फेरी की है। शंकर सिंह भोला ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों के दबाव में प्रशासन ने उन्हें हराने का काम किया है।

शंकर सिंह कहा कि वार्ड नं. ७ की जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन और वोट दिया है, जिसके कारण उन्हें सबसे अधिक वोट मिले। इसके बावजूद उन्हें हरा दिया गया।

उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की वे निराश न हों, हम जीते है। प्रशासन द्वारा उन्हें हराया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे चुप नहीं बैठेंगे और न्यायालय का सहारा लेंगे।

प्रेसवार्ता के दौरान नरेश गुर्जर, मनोज चौधरी पूर्व मंडल कोर्डिनेटर बसपा, राजन चौधरी, कृष्ण चौधरी, रामनिवास पाल, सागर चौधरी आदि मौजूद रहे।

News Desk

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