Sant Premanand Maharaj Health Update: वृंदावन से आई बड़ी खबर — प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य स्थिर, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित🔥
वृंदावन। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) की तबीयत को लेकर चल रही तमाम अफवाहों के बीच अब उनके स्वास्थ्य को लेकर आधिकारिक अपडेट सामने आया है।
श्रीहित राधा केलि कुंज परिकर की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि “पूज्य गुरुदेव श्रीहित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का स्वास्थ्य ठीक है और वे पूर्ववत अपनी दैनिक दिनचर्या में स्थित हैं।”
हालांकि, परिकर ने यह भी स्पष्ट किया है कि महाराज जी की प्रातःकालीन पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है।
भक्तों से अफवाहों से दूर रहने की अपील
परिकर की ओर से भक्तों को यह संदेश भी दिया गया है कि “कृपया किसी भी प्रकार की झूठी या निराधार अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं।”
यह अपडेट प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज “भजन मार्ग” पर साझा किया गया, जिसके बाद से भक्तों में खुशी और राहत की लहर दौड़ गई है।
Vrindavan से बड़ी ख़बर 🙏
Premanand Maharaj इस समय Keli Kunj Ashram में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
रोज़ाना dialysis हो रही है, शरीर में सूजन और दोनों हाथों पर पट्टियाँ बंधी हैं।
भक्त लगातार उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं। 🙏#PremanandMaharaj #Vrindavan #Breaking pic.twitter.com/xe8kQokMhj— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) October 9, 2025
हाल के दिनों में वायरल हुआ वीडियो — दिखे कमजोर लेकिन भाव में अडिग
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने भक्तों को प्रवचन दे रहे थे। वीडियो में महाराज की आंखें मुश्किल से खुल रही थीं, चेहरा और होंठ सूजे हुए थे और आवाज में कंपन साफ झलक रहा था।
भले ही वे शारीरिक रूप से अस्वस्थ दिख रहे थे, लेकिन उनके शब्दों में वही अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा थी। वीडियो में महाराज जी कहते हैं —
“यह हमारा अभ्यास बन चुका है। हम कितने भी कष्ट में हों, यह अभ्यास नहीं छूटता। जब तक आराध्य को याद नहीं कर लेते, चैन नहीं पड़ता।”
उनके ये शब्द सुनते ही भक्तों की आंखें नम हो गईं।
भक्तों में भावनात्मक माहौल — “राधारानी उन्हें शीघ्र स्वस्थ करें”
महाराज के वायरल वीडियो ने लाखों श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। वृंदावन, मथुरा, आगरा, दिल्ली, जयपुर, बनारस, कोलकाता और दक्षिण भारत तक के भक्तों ने सोशल मीडिया पर सामूहिक प्रार्थनाएं शुरू कर दीं।
एक भक्त ने लिखा —
“महाराज जी का हर शब्द प्रेरणा है। राधारानी उन्हें शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करें।”
वहीं वृंदावन के स्थानीय भक्तों का कहना है कि “गुरुदेव की उपस्थिति ही हमारे जीवन की ऊर्जा है। उनका आशीर्वाद ही भक्तों का संबल है।”
रोजाना की पदयात्रा फिलहाल स्थगित, आश्रम में सीमित दिनचर्या
परिकर के मुताबिक, संत प्रेमानंद महाराज अब भी अपने नियमित भजन, ध्यान और सत्संग में समय व्यतीत कर रहे हैं। केवल उनकी सुबह की पदयात्रा को रोक दिया गया है, ताकि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।
गुरुदेव की सेवा में लगे शिष्यों ने बताया कि “महाराज जी को चिकित्सकों की सलाह पर कुछ दिन आराम करने की आवश्यकता है, लेकिन उनकी आध्यात्मिक साधना और भक्तों से संवाद पहले की तरह जारी है।”
देखें यह खास वीडियो 🙏
जब गुरु जी प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन को आए, तो महाराज भावविभोर हो गए।
साष्टांग प्रणाम किया और बाल हठ दिखाते हुए गुरु जी के पैर छुए।
प्रेमानंद जी महाराज बिलकुल बच्चों की तरह आह्लादित दिखे।
जय हो 🙏#PremanandMaharaj #Vrindavan #Blessings pic.twitter.com/GsNeDKqiPK— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) October 9, 2025
कौन हैं संत प्रेमानंद महाराज — वृंदावन की अध्यात्म परंपरा के उज्ज्वल दीप
संत प्रेमानंद महाराज का नाम वृंदावन की संत परंपरा में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान से लिया जाता है। वे श्रीहित हरिवंश महाप्रभु की परंपरा के अनुयायी हैं और राधा-कृष्ण प्रेमभक्ति के अद्वितीय उपदेशक माने जाते हैं।
उनकी विनम्रता, सरलता और आध्यात्मिक ज्ञान ने उन्हें न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय बनाया है। हर वर्ष वृंदावन में होने वाली उनकी पदयात्रा और प्रवचन श्रृंखला में देश-विदेश से हजारों भक्त शामिल होते हैं।
भक्तों के लिए संदेश — “श्रद्धा बनाए रखें, महाराज जी पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं”
श्रीहित राधा केलि कुंज परिकर ने भक्तों से अपील की है कि वे प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें न फैलाएं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति के साथ उनके शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।
उनके प्रवक्ता ने कहा—
“महाराज जी के स्वास्थ्य की चिंता करने वाले सभी भक्तों को धन्यवाद। वे स्वस्थ हैं और उनकी कृपा सब पर बनी हुई है।”
आध्यात्मिक जगत में फैली राहत की लहर
वृंदावन के आश्रमों और मंदिरों में भक्तों ने विशेष कीर्तन और आरती आयोजित की। कई जगहों पर भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर महाराज जी के स्वस्थ होने की कामना की। राधा केलि कुंज में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां भक्त “राधे-राधे प्रेमानंद बाबा की जय” के जयकारे लगा रहे थे।
भक्ति और विश्वास का प्रतीक — प्रेमानंद महाराज की प्रेरक सीख
प्रेमानंद महाराज हमेशा कहते हैं —
“भक्ति में थकान नहीं होती, जो थक जाए वह प्रेम नहीं जानता।”
उनकी यह वाणी आज भी भक्तों को यह सिखाती है कि भक्ति का अर्थ सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि ईश्वर में पूर्ण समर्पण है।

