America में करनाल के प्रदीप की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात, आरोपी ने खुद को भी मारी गोली
Karnal जिले के हथलाना गांव के प्रदीप (35) की America में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पूरी घटना डिपार्टमेंटल स्टोर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें दिख रहा है कि संतरी रंग की टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति स्टोर में आता है, कुछ देर तक घूमता है और फिर प्रदीप के सिर में गोली मार देता है। इसके बाद आरोपी खुद को भी गोली मार लेता है।
यह वारदात 17 अक्तूबर की शाम 5 बजकर 19 मिनट पर अमेरिका के पोर्टलैंड-वाशिंगटन बॉर्डर के पास एक डिपार्टमेंटल स्टोर में हुई। परिवार के मुताबिक, गोली मारने वाला व्यक्ति भारतीय मूल का रिटायर्ड फौजी बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
CCTV फुटेज में क्या दिखा – सेकंड दर सेकंड पूरी वारदात
एक मिनट 5 सेकेंड की CCTV फुटेज में पूरी घटना दर्ज हुई। वीडियो में दिखता है कि प्रदीप स्टोर में एक ग्राहक को अटेंड कर रहा था। उसी दौरान संतरी रंग की टी-शर्ट पहने एक युवक स्टोर में दाखिल होता है। उसके पीछे नीली टी-शर्ट पहने एक युवक और एक महिला भी आती है।
कुछ देर तक वह आरोपी स्टोर के अंदर घूमता है, फिर शाम 5:19 पर हाथ में पिस्टल लेकर काउंटर की ओर बढ़ता है। जैसे ही प्रदीप मुड़ता है, आरोपी उसे गन प्वाइंट पर लेकर सीधे सिर में गोली मार देता है। प्रदीप वहीं गिरकर दम तोड़ देता है। इसके कुछ सेकेंड बाद आरोपी खुद की कनपटी पर गोली मार लेता है।
पास खड़ा ब्लू टी-शर्ट पहने युवक पूरी घटना देखता रहता है, फिर ड्रिंक का गिलास काउंटर पर रखकर किसी को कॉल करता है। कुछ देर बाद स्टोर का मालिक मौके पर पहुंचता है और पुलिस को सूचना दी जाती है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ – 8 बहनों का इकलौता भाई था प्रदीप
प्रदीप के परिवार में मातम छा गया है। वह आठ बहनों का इकलौता भाई था। शादी को दस साल हो चुके थे, लेकिन दंपती की कोई संतान नहीं थी। परिवार के मुताबिक, प्रदीप डेढ़ साल पहले ‘डंकी रूट’ से अमेरिका गया था, जहां उसे पहुँचने में लगभग आठ महीने लगे थे।
वह पोर्टलैंड-वाशिंगटन बॉर्डर के पास एक स्टोर में नौकरी कर रहा था और हाल ही में उसने परिवार को बताया था कि उसे स्थायी नौकरी मिल गई है। उसने यह भी कहा था कि अब वह धीरे-धीरे घर का 42 लाख रुपये का कर्ज चुका देगा।
परिवार ने सरकार से लगाई गुहार – “शव जल्द भारत लाया जाए”
परिवार के लोगों ने हरियाणा और केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि प्रदीप का पार्थिव शरीर 2 नवंबर तक भारत पहुंच सकता है।
हथलाना गांव में प्रदीप के घर मातम का माहौल है। महिलाएं विलाप कर रही हैं और ग्रामीण दुखी हैं। हर कोई प्रदीप की मेहनत और ईमानदारी की मिसाल दे रहा है।
ग्रामीणों ने कहा – “कर्ज में डूबे परिवार की उम्मीद थी प्रदीप”
गांव के वरिष्ठ निवासी सतपाल पहलवान ने बताया कि प्रदीप के परिवार पर पहले से भारी कर्ज था और प्रदीप ही घर की रीढ़ था। उसके जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध किया है कि परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे मुश्किल समय से उबर सकें।
अमेरिकी पुलिस की जांच जारी – आरोपी भारतीय मूल का रिटायर्ड फौजी बताया जा रहा है
अमेरिकी पुलिस ने घटना की पुष्टि की है और कहा है कि शुरुआती जांच में किसी व्यक्तिगत विवाद की बात सामने नहीं आई है। गोली मारने वाला व्यक्ति भारतीय मूल का रिटायर्ड सैनिक बताया जा रहा है, जिसने प्रदीप की हत्या के तुरंत बाद खुद को गोली मार ली। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की असली वजह क्या थी।
3 महीने पहले भी हथलाना गांव के युवक की अमेरिका में हत्या
यह पहली बार नहीं है जब हथलाना गांव का कोई युवक विदेश में मारा गया हो। करीब 3 महीने पहले इसी गांव के संजीव (32) की कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह एक रेस्टोरेंट में काम करता था और खाना लेने के लिए बाहर निकला था, तभी किसी ने उसे गोली मार दी।
संजीव 2016 में 35 लाख रुपये खर्च कर डंकी रूट से अमेरिका गया था। उसकी पीआर (स्थायी नागरिकता) भी मिल चुकी थी और वह चार दिन बाद भारत लौटने वाला था। उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी। पुलिस अभी तक उस मामले के आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है।
गांव में बढ़ी चिंता – “दो युवकों की हत्या, अब कोई सुरक्षित नहीं”
गांव के लोगों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विदेश में बेहतर भविष्य की तलाश में जा रहे युवाओं की सुरक्षा अब गंभीर सवालों के घेरे में है। प्रदीप और संजीव दोनों ही मेहनती और परिवार के प्रति जिम्मेदार थे, लेकिन अब उनके परिवार उजड़ गए हैं।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सरकार को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिए और विदेश मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा हर देश में सुनिश्चित हो।

