Muzaffarnagar में बोले पूर्व CM रमेश पोखरियाल ‘निशंक’: “भारत का कद आज वैश्विक मंच पर ऊँचा, समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय आवश्यकता”
Muzaffarnagar शहर मंगलवार को राजनीतिक रूप से खासा गर्म रहा, जब उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जिले में पहुंचे। उनके आगमन पर गांधीनगर स्थित आवास पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
उनकी यह यात्रा न सिर्फ औपचारिक अभिवादन तक सीमित रही, बल्कि देश की नीतियों, बदलते राजनीतिक परिदृश्य और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर विस्तार से चर्चा का भी केंद्र बनी।
Muzaffarnagar news के संदर्भ में यह कार्यक्रम जिले की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं में शामिल हो गया है।
विश्व पटल पर भारत की नई पहचान—“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने दुनिया को नया भारत दिखाया”
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आज भारत का कद वैश्विक स्तर पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
उन्होंने बताया कि—
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व ने भारत को “शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और दृढ़ संकल्प वाला राष्ट्र” बनाया है।
विश्व समुदाय अब भारत की बात ध्यान से सुनता है और कई मुद्दों पर भारत की भूमिका निर्णायक बन चुकी है।
देश की आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक स्थिति आज पहले से अधिक मज़बूत मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता देश के लिए गर्व का विषय है और यह परिवर्तन लम्बे समय तक देश की दिशा तय करेगा।
Muzaffarnagar news में उनकी यह टिप्पणी तेजी से चर्चा का विषय बनी।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर निशंक का बयान—“यह देश की सबसे बड़ी आवश्यकता”
पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को देश की अत्यंत आवश्यक व्यवस्था बताया।
उनका कहना था कि—
भारतीय समाज को समानता और न्याय के सिद्धांत पर आगे बढ़ाने के लिए UCC एक प्रभावी रास्ता है।
उत्तराखंड ने इसे लागू कर “एक राष्ट्र–एक कानून” की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ऐसे कदम देश की एकता, अखंडता और प्रशासनिक सरलता को मजबूती देते हैं।
उन्होंने इस मुद्दे पर एकरूपता और सामंजस्य को आवश्यक बताया और कहा कि भविष्य में UCC सामाजिक सुधारों का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
अनुच्छेद 370 पर बोले निशंक—“कश्मीर में खून की होली का दौर खत्म, अब विकास का नया अध्याय”
निशंक ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने पर कहा कि यह निर्णय भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ है।
उन्होंने कहा कि—
जो प्रदेश पहले हिंसा और अस्थिरता की पहचान से जुड़ा था, वहां आज विकास की नई धारा बह रही है।
निवेश, शिक्षा, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अब लगातार सुधार हो रहे हैं।
यह कदम कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है।
उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाने से देश की सुरक्षा, एकता और विकास की गति को मजबूती मिली है।
नई शिक्षा नीति पर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री की टिप्पणी—“देश के भविष्य को दिया नया मार्ग”
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री होने के नाते डॉ. निशंक ने नई शिक्षा नीति (NEP) पर भी विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि—
यह नीति आधुनिक भारत के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, मातृभाषा में शिक्षा और लचीले विषय चयन जैसे सुधार NEP को विशेष बनाते हैं।
आने वाले वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में इसके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
उन्होंने इसे “21वीं सदी के भारत के लिए सही दिशा” बताया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल और भाजपा पदाधिकारियों ने किया निशंक का सम्मान
मुजफ्फरनगर पहुंचे डॉ. निशंक का स्वागत कपिल देव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, जिले के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ किया।
गांधीनगर स्थित आवास पर राजनीतिक चर्चा का माहौल देखने लायक था।
स्थानीय भाजपा नेताओं ने निशंक को प्रदेश और जिले में चल रहे राजनीतिक व विकास कार्यों की जानकारी भी दी।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि डॉ. निशंक जैसे अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन से संगठन को नयी दिशा मिलती है और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ता है।
भाजपा के विकास मॉडल पर निशंक का जोर—“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास”
पत्रकारों से बातचीत के दौरान निशंक ने भाजपा नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर कहा कि—
पार्टी ने देश और राज्यों को “स्थिर, निर्णायक और जनहितकारी प्रशासन” दिया है।
कल्याणकारी योजनाओं ने आम नागरिक को सीधे लाभ प्रदान किया है।
संगठन एक सूत्र में बंधकर विकास की गति को तेज करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश को नए आधार, नई सोच और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का काम किया है।

