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सीएम पोर्टल के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा: Muzaffarnagar बुढाना में IGRS शिकायत निस्तारण के बदले पैसे मांगने वाला शातिर गिरफ्तार, वायरल ऑडियो बना वजह

Muzaffarnagar जनपद के बुढाना थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आईजीआरएस (IGRS) शिकायत निस्तारण के नाम पर आम नागरिक से पैसे मांगने और धमकी देने वाले एक शातिर अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की साख से जुड़ा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह कुछ लोग सीएम पोर्टल जैसी जनहितकारी प्रणाली का दुरुपयोग कर आम जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
IGRS complaint scam से जुड़ा यह प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के बाद तेजी से सुर्खियों में आया।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई, पुलिस टीम ने दिखाई तत्परता

यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी बुढाना गजेंद्र पाल सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक बुढाना सुभाष बाबू अत्री के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस प्रशासन की इस सख्त और त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि IGRS complaint scam जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


क्या है पूरा मामला: जमीन विवाद की शिकायत और ठगी की शुरुआत

प्रकरण के अनुसार, वादी राहुल पुत्र समन्दरा, निवासी मोहल्ला खाकरोबान, कस्बा व थाना बुढाना, जनपद मुज़फ्फरनगर ने अपनी जमीन से संबंधित समस्या को लेकर सीएम पोर्टल पर IGRS के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी
इसी शिकायत का हवाला देकर जितेंद्र नाम के व्यक्ति ने राहुल से संपर्क किया और खुद को संबंधित विभाग का अधिकारी बताकर शिकायत निस्तारण के बदले “चाय-पानी” के नाम पर पैसों की मांग करने लगा।
आरोप है कि पैसों की मांग के साथ-साथ वादी को धमकी भी दी गई। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया, जिससे मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया और प्रशासन का ध्यान इस ओर गया।


थाने में दी गई लिखित तहरीर, दर्ज हुआ मुकदमा

वायरल ऑडियो के बाद वादी राहुल ने थाना बुढाना पहुंचकर एक लिखित तहरीर दी, जिसमें स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा IGRS शिकायत निस्तारण के नाम पर पैसों की मांग और धमकी दी गई है।
तहरीर के आधार पर थाना बुढाना पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की।
यह कदम IGRS complaint scam के खिलाफ पुलिस की गंभीरता को दर्शाता है।


मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी, मोबाइल फोन बरामद

गठित पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर आरोपी को खतौली तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग वह ठगी और धमकी देने के लिए करता था।
पुलिस द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।


गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान और आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जितेंद्र उर्फ जानेश पुत्र रामअवतार, निवासी मुकर्रवपुर, थाना हजरतनगर, जिला सम्भल के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि—

  • वह गूगल पर जनसेवा केंद्रों के मोबाइल नंबर सर्च करता था

  • स्वयं को एनआईसी का कर्मचारी बताकर कॉल करता था

  • सीएम पोर्टल पर अपलोड शिकायतों की जानकारी हासिल करता था

  • शिकायतकर्ताओं को कॉल कर खुद को अधिकारी बताता था

  • शिकायत निस्तारण के बदले पैसों की मांग करता था

अभियुक्त ने यह भी कबूल किया कि उसके खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं और वह लगभग दो माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था
पैसों की जरूरत के चलते उसने दोबारा यही गैरकानूनी गतिविधि शुरू कर दी।
यह स्वीकारोक्ति IGRS complaint scam की गंभीरता को और गहरा कर देती है।


पुलिस टीम की भूमिका, सराहनीय समन्वय

इस पूरी कार्रवाई में थाना बुढाना पुलिस की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में—
प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री,
उपनिरीक्षक रामअवतार सिंह,
गजेंद्र सिंह,
कांस्टेबल सुनील, संजय, नकुल एवं सतेन्द्र शामिल रहे।
टीम के समन्वय और सतर्कता के चलते आरोपी को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया।


आम जनता के लिए चेतावनी: सतर्क रहें, किसी के झांसे में न आएं

यह मामला आम नागरिकों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि सीएम पोर्टल या IGRS शिकायत निस्तारण के नाम पर कोई भी व्यक्ति अगर पैसों की मांग करता है, तो वह फर्जी हो सकता है
प्रशासन की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि IGRS या सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता
इस तरह के मामलों की तुरंत सूचना पुलिस को देना ही सबसे सुरक्षित और सही कदम है।


बुढाना थाना पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई IGRS complaint scam के खिलाफ एक सख्त संदेश है कि जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया को भ्रष्टाचार और ठगी का जरिया बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की तत्परता और सतर्कता से न केवल एक शातिर आरोपी पकड़ा गया है, बल्कि आम जनता में यह भरोसा भी मजबूत हुआ है कि कानून व्यवस्था उनके साथ खड़ी है और सीएम पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

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