Agra में प्लॉट कब्जाने का बड़ा आरोप: भाजपा ब्लॉक प्रमुख समेत 6 नामजद पर FIR, कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस जांच में जुटी
News-Desk
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agra, agra news, अकोला ब्लॉक प्रमुख, आगरा न्यूज़, उत्तर प्रदेश समाचार, एफआईआर, कोर्ट आदेश, जमीन कब्जा मामला, प्लॉट विवाद, भाजपा ब्लॉक प्रमुख, शाहगंज थानाAgra । आगरा के शाहगंज क्षेत्र में एक प्लॉट पर कथित कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने भाजपा के एक ब्लॉक प्रमुख समेत छह नामजद व्यक्तियों और 5 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला जमीन के स्वामित्व, कब्जे के प्रयास और कथित धमकी से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाता और मामले के सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
2021 में खरीदा था 200 वर्गगज का प्लॉट, रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क का भी किया उल्लेख
न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र के अनुसार बसई जगनेर क्षेत्र के गांव गुगाबद निवासी ओमवती ने बताया कि उन्होंने 24 जून 2021 को फ्रीगंज, बेलनगंज निवासी दीपक और नकुल से 200 वर्गगज का एक प्लॉट 12 लाख रुपये में खरीदा था।
शिकायत के अनुसार संपत्ति का विक्रय पत्र सदर तहसील में विधिवत पंजीकृत कराया गया था और इसके लिए लगभग 72 हजार रुपये का स्टांप शुल्क भी जमा किया गया था। पीड़िता का कहना है कि सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्होंने उक्त भूमि पर अपना अधिकार प्राप्त किया था।
निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचीं तो कथित रूप से हुआ विरोध
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 26 जुलाई 2025 की शाम करीब चार बजे वह अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंची थीं। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध करने लगे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर सूखा उर्फ अनिल, उसका भाई एवं अकोला ब्लॉक प्रमुख राजू प्रधान, आरती, छोटू, सत्यप्रकाश तथा 5 से 7 अन्य अज्ञात लोग मौजूद थे।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने का भी आरोप
प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि विवाद के दौरान सूखा उर्फ अनिल ने कथित रूप से पीड़िता के बेटे सुनील के सिर पर रिवॉल्वर तान दी और दोबारा प्लॉट पर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के अनुसार इस घटना के बाद पूरा परिवार भयभीत हो गया। पीड़िता का कहना है कि धमकी के कारण वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
जमीन बेचने और कब्जा करने का लगाया आरोप
पीड़िता ने अपने प्रार्थनापत्र में यह भी आरोप लगाया है कि बाद में जानकारी करने पर उन्हें पता चला कि दीपक और नकुल कथित रूप से लोगों को प्लॉट बेचते हैं, जबकि अन्य आरोपी उन जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह लोगों से धन लेकर बाद में भूमि पर विवाद उत्पन्न किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच के दौरान सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
कार्रवाई न होने पर न्यायालय की ली शरण
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों और शाहगंज थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय द्वारा प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए, जिसके अनुपालन में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
कोर्ट के आदेश पर छह नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा
न्यायालय के निर्देश के बाद पुलिस ने छह नामजद व्यक्तियों और 5 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अब पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेज, भूमि अभिलेख, विक्रय पत्र, गवाहों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस बोली— सभी पहलुओं की होगी निष्पक्ष जांच
मामले को लेकर डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा।
जमीन से जुड़े मामलों में बढ़ती सतर्कता की जरूरत
भूमि विवादों से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति खरीदने से पहले राजस्व अभिलेख, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, पूर्व रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति की पूरी तरह जांच करना आवश्यक होता है। इससे भविष्य में विवाद की संभावना कम की जा सकती है।
यदि किसी भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न होता है तो संबंधित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय का सहारा लेना चाहिए, ताकि मामले का समाधान विधिक प्रक्रिया के अनुरूप हो सके।

