Rinku Singh के पिता खानचंद सिंह का निधन: लिवर कैंसर से जंग हार गए, टीम इंडिया से लौटे बेटे पर टूटा दुखों का पहा
News-Desk
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Aligarh news, cricket news, emotional story, Indian Cricketer, ipl, Rinku Singh, T20 World Cup, Team IndiaRinku Singh father death की खबर ने क्रिकेट जगत को गमगीन कर दिया है। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह (60) का शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे निधन हो गया। वे फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
🔴 टीम इंडिया कैंप छोड़कर घर लौटे रिंकू
पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह मंगलवार को टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौट आए थे। उस समय वे चेन्नई में टीम के साथ मौजूद थे और टी-20 विश्व कप के दौरान प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा ले रहे थे। पारिवारिक संकट के कारण उन्हें अचानक टीम से अलग होना पड़ा।
🕯️ शोक समाचार
क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया।
वे लीवर कैंसर से पीड़ित थे।ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था।
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25 फरवरी को वे दोबारा चेन्नई लौटे और टीम से जुड़ गए, लेकिन 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए सुपर-8 मुकाबले में वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। वे सब्सिट्यूट के रूप में मैदान पर फील्डिंग करते नजर आए।
अब पिता के निधन की खबर मिलने के बाद वे तुरंत घर के लिए रवाना हो गए हैं। आगे वे टीम इंडिया का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
🔴 संघर्षों से भरा रहा बचपन
रिंकू सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पले-बढ़े रिंकू ने बेहद साधारण परिस्थितियों में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। उनके पिता खानचंद सिंह गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। परिवार में पांच भाई हैं और सभी ने मिलकर पिता का हाथ बंटाया।
रिंकू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे और उनके भाई बाइक पर दो-दो सिलेंडर रखकर घरों और होटलों में डिलीवरी करते थे। मोहल्ले के दोस्तों के साथ मिलकर पैसे इकट्ठा करके क्रिकेट की गेंद खरीदी जाती थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून कम नहीं हुआ।
🔴 मां ने उधार लेकर दिलाया सपना
रिंकू ने बताया था कि शुरुआती दिनों में घर से क्रिकेट खेलने के लिए पैसे मांगना आसान नहीं था। उनके पिता पढ़ाई पर जोर देते थे और खेलने के लिए मना करते थे, जबकि उनकी मां चुपचाप उनका साथ देती थीं। एक बार शहर के पास होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पैसे नहीं थे, तब उनकी मां ने दुकान से एक हजार रुपये उधार लेकर उन्हें दिए थे।
सरकारी स्टेडियम में कार्ड बनवाकर प्रैक्टिस करना, इंटर स्कूल टूर्नामेंट में 32 गेंद पर 54 रन की नाबाद पारी खेलना—इन छोटी-छोटी उपलब्धियों ने उनके बड़े सपने को आकार दिया।
🔴 वर्ल्ड कप में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे
Rinku Singh father death की खबर ऐसे समय आई है, जब उनका मौजूदा टी-20 विश्व कप प्रदर्शन भी चर्चा में है। रिंकू भारतीय टीम में छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और फिनिशर की भूमिका निभाते हैं।
हालांकि इस वर्ल्ड कप में वे 5 मैचों में केवल 24 रन बना सके हैं। उनका स्कोर 6, 1, 11, 6 और 0 रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वे खाता भी नहीं खोल सके। पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ वे नाबाद जरूर रहे, लेकिन बड़ी पारी खेलने में असफल रहे।
🔴 निजी जिंदगी में नई शुरुआत की तैयारी
व्यक्तिगत जीवन में रिंकू ने हाल ही में नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाया था। उनकी सगाई समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से हो चुकी है। 6 अगस्त 2025 को उनकी रिंग सेरेमनी हुई थी, जिसमें अखिलेश यादव भी मौजूद रहे थे।
दोनों की शादी की तारीख दो बार टल चुकी है। पहले 18 नवंबर 2025 की तारीख तय हुई थी, लेकिन क्रिकेट सीरीज के कारण स्थगित करनी पड़ी। फिर फरवरी 2026 में योजना बनी, मगर वर्ल्ड कप की व्यस्तता के कारण आगे बढ़ानी पड़ी। परिवार के अनुसार, IPL के बाद जून में काशी में शादी और अलीगढ़ में रिसेप्शन प्रस्तावित है।
🔴 पिता का सपना, बेटे की उड़ान
खानचंद सिंह ने भले ही शुरुआत में रिंकू को खेलने से रोका, लेकिन बाद में बेटे की मेहनत और समर्पण को देखकर गर्व महसूस किया। संघर्षों से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचने की कहानी में उनके पिता की मेहनत और परिवार का त्याग बड़ा योगदान रहा है।

