टि्वटर पर #ArrestRamdev ट्रेंड, गिरफ्तार करने की मांग
बाबा रामदेव के द्वारा एलोपैथी डॉक्टरों को लेकर दिए गए विवादित बयान की वजह से ट्विटर पर उनको गिरफ्तार करने की मांग की जा रही है। सोमवार को #ArrestRamdev दिन भर पर ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा।
कई सोशल मीडिया यूजर्स सहित विपक्षी दलों के कई नेता भी योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते नजर आए। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तो बाबा रामदेव को ठग बता दिया।
रामदेव बालकृष्ण की जोड़ी ठग थी ठग है और ठग रहेगी। #ArrestRamdev https://t.co/AgLm75O2TO
— digvijaya singh (@digvijaya_28) May 24, 2021
सोमवार को सोशल मीडिया यूजर्स बाबा रामदेव के पुराने वीडियो को भी ट्वीट कर निशाना साधने लगे। इनमें से कई वीडियो में बाबा रामदेव आयुर्वेद को उच्च कोटि का बताते हुए एलोपैथी और उसके डॉक्टरों पर तंज कसते हुए नजर आ रहे हैं।
#ArrestRamdev
This is really shameful.. why we can't boycott baba ramdev products.. pic.twitter.com/1qL8CijLay— Mr. Surendra Kumar Patel (@patel040799) May 24, 2021
इसी बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का एक वीडियो काफी ट्रेंड हुआ जिसमें वो बाबा रामदेव की आलोचना करते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो को दोबारा से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा है कि रामदेव बालकृष्ण की जोड़ी ठग थी, ठग है और ठग रहेगी।
The Indian Medical association, too, sent Ramdev a legal notice over the remark.#RamdevBaba #ArrestRamdev pic.twitter.com/ICZebgkx4x
— பூ.மா மணி பையன் (@manipaiyanmp) May 24, 2021
दिग्विजय सिंह के अलावा कई और विपक्षी नेताओं ने भी ट्विटर के जरिए बाबा रामदेव पर निशाना साधा। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास ने भी बाबा रामदेव का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी इन्हें हमारे डॉक्टरों के खिलाफ क्यों जहर उगलने दे रहे हैं, क्या आप भारतीय होने के नाते इसका समर्थन करते हैं।
साथ ही कांग्रेस नेत्री डॉ शमां मोहम्मद ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि बाबा रामदेव को महामारी रोग नियंत्रण एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। रामदेव हमारे डॉक्टरों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का अपमान कर रहे हैं।
He has been mocking the doctors as if it’s his birthright! He knows well that nothing would happen to him. What a shame!#ArrestRamdev https://t.co/29ZtDQ4VqQ
— Sayema (@_sayema) May 24, 2021
इसके अलावा शिवेंद्र नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि ये उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है, कोई भी चिकित्सा पद्धति कभी एक दूसरे को नीचा नहीं दिखाती है। वहीं पायलेट प्रागपुरा नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि जो बाबा रामदेव पतंजलि संस्था के डेयरी के मुखिया को कोरोना संक्रमण से नहीं बचा सके, वह देश के लोगों को बचाने की बात करते हैं, इसका सीधा सा मतलब है कि देश को कोरोनिल के नाम पर गुमराह किया जा रहा है।
बता दें कि पिछले दिनों बाबा रामदेव ने एक मंच पर बैठकर लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि एलोपैथी एक ऐसी स्टुपिड और दिवालिया साइंस है कि पहले क्लोरोक्वीन फेल हुई, फिर रेमडेसिविर फेल हो गई, फिर एंटीबायोटिक फेल हो गए, फिर स्टेरॉयड फेल हो गए, फिर प्लाज्मा थेरेपी के ऊपर भी बैन लग गया।
इसके अलावा बाबा रामदेव ने यह भी कह दिया कि बुखार की कोई दवाई कोरोना पर काम नहीं कर रही और लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है।
बाबा रामदेव के इस विवादित बयान पर एलोपैथी डॉक्टरों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। मामला तुल पकड़ता देख केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी बाबा रामदेव को चिट्ठी लिख डाली।
केंद्रीय मंत्री ने रामदेव के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आपने एलोपैथी के बारे में जो तमाशा, बेकार और दिवालिया जैसे शब्द इस्तेमाल किए हैं वो गलत है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण से डेथ रेट 1.13 फीसदी है तो यह सिर्फ एलोपैथी डॉक्टरों की वजह है। केंद्रीय मंत्री की आपत्ति के बाद बाबा रामदेव ने अपना बयान वापस ले लिया
