रीवा एक्सप्रेस में सनसनीखेज हमला: शंकराचार्य पर केस दर्ज कराने वाले Ashutosh Brahmachari पर धारदार हथियार से वार, टॉयलेट में छिपकर बचाई जान
News-Desk
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Ashutosh Brahmachari, GRP investigation, Prayagraj News, Rewa Express Incident, Shankaracharya Case, Train Attack News, UP crime newsAshutosh Brahmachari Attack की खबर ने उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला दी है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला किया गया। यह हमला उस समय हुआ जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे थे।
हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर किसी तरह अपनी जान बचाई और वहीं से पुलिस को सूचना दी। प्रयागराज जीआरपी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Rewa Express में सुबह तड़के हुआ हमला
जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह लगभग 5 बजे की है। आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस के कोच नंबर H-1 में सफर कर रहे थे। ट्रेन गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर जा रही थी।
बताया जा रहा है कि फतेहपुर और कौशांबी के सिराथू स्टेशन के बीच कुछ हमलावर अचानक उनके पास पहुंचे और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे उन पर वार करना शुरू कर दिया, जिससे ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी मच गई।
Ashutosh Brahmachari Attack में नाक काटने की कोशिश
घायल आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार हमलावरों का इरादा बेहद खतरनाक था। उन्होंने बताया कि हमलावर उनकी नाक काटने की कोशिश कर रहे थे।
हमले के दौरान उनके चेहरे और हाथों पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और काफी खून बहने लगा।
ट्रेन के कोच में अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में भी दहशत का माहौल बन गया।
टॉयलेट में छिपकर बचाई जान
हमले के दौरान किसी तरह खुद को बचाते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन के टॉयलेट तक पहुंच गए।
उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और वहीं छिपकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल फोन से जीआरपी (GRP) को कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस को सूचना मिलते ही प्रयागराज पहुंचने पर उन्हें तत्काल सुरक्षा और चिकित्सा सहायता दी गई।
प्रयागराज पहुंचते ही दर्ज हुई एफआईआर
घायल अवस्था में जब ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंची तो जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत दर्ज की।
पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसके साथ ही उन्हें इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर हैं।
शंकराचार्य पर साजिश का शक
Ashutosh Brahmachari Attack के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर इस हमले की साजिश रचने का शक जताया है।
उन्होंने पुलिस को बताया कि हाल ही में उन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसी कारण उन्हें इस हमले के पीछे साजिश की आशंका लग रही है।
हालांकि पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
कानूनी मामलों की पैरवी के लिए जा रहे थे प्रयागराज
आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज दो महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की पैरवी के लिए जा रहे थे।
पहला मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मामले की सुनवाई 12 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होनी है।
दूसरा मामला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्हें हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना था।
इन दोनों मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।
Ashutosh Brahmachari Attack को बताया साजिश
आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश हो सकता है।
उनके अनुसार जिस तरह से हमलावरों ने ट्रेन में घुसकर सीधा हमला किया, उससे लगता है कि पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है।
जीआरपी ने शुरू की जांच
प्रयागराज जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
ट्रेन के यात्रियों से पूछताछ की जा रही है
कोच के यात्रियों की जानकारी जुटाई जा रही है
रेलवे सुरक्षा और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाएगी
इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावर ट्रेन में कैसे चढ़े और घटना के बाद कहां फरार हुए।
रेल यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
चलती ट्रेन में इस तरह का हमला होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा करता है। कई यात्रियों का कहना है कि रेलवे को ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए।
विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा गश्त और निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

