Bareilly Thar Accident Case: नशे में तेज रफ्तार थार ने टेंपो को मारी टक्कर, मरीज की मौत—खुद को डॉक्टर बताने वाला चालक हिरासत में
Bareilly के कैंट थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। ग्रामीण बैंक के पास तेज रफ्तार थार वाहन की टक्कर से टेंपो में सवार एक मरीज की मौत हो गई, जबकि टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने थार चला रहे युवक को हिरासत में ले लिया, जिसने खुद को डॉक्टर बताया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के समय वाहन चालक नशे की हालत में था, जिससे दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई।
गांव बभिया के पास हुआ हादसा, टक्कर इतनी तेज कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार कैंट थाना क्षेत्र के गांव बभिया स्थित ग्रामीण बैंक के पास तेज रफ्तार थार वाहन ने सामने से आ रहे टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान मरीज की मौत, चालक की हालत गंभीर
हादसे में टेंपो चालक अमन कुमार और उसमें सवार 60 वर्षीय ओमकार कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान ओमकार कश्यप ने दम तोड़ दिया।
बताया गया कि ओमकार कश्यप मिर्जापुर गांव के निवासी थे और इचोरी से दवा लेकर अपने गांव लौट रहे थे। उनकी मृत्यु की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल फैल गया।
नशे की हालत में वाहन चला रहा था आरोपी
कैंट थाना प्रभारी संजय धीर ने बताया कि हादसे के बाद पकड़े गए वाहन चालक का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टेंपो और थार दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच जारी है।
खुद को डॉक्टर बताकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान तौफीक अंसारी निवासी लौंगपुर, फरीदपुर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने खुद को डॉक्टर बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया।
हालांकि जांच में सामने आया कि वह किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय संस्था से संबद्ध नहीं है और पूर्व में भी उसके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
पहले भी सीएमओ टीम कर चुकी है दुकान सील
ग्रामीणों के अनुसार तौफीक अंसारी के पिता शौकीन अंसारी गांव में दवा की दुकान चलाते थे और खुद को डॉक्टर बताते थे। बाद में तौफीक भी उसी तरह लोगों को दवा देने लगा।
कुछ वर्ष पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम ने उसकी दुकान पर छापा मारकर उसे सील कर दिया था। इसके बावजूद वह दोबारा उसी तरह की गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।
ग्रामीणों ने बताया—लक्जरी गाड़ियों से करता था आवागमन
स्थानीय लोगों के मुताबिक आरोपी के पास दो महंगी लग्जरी गाड़ियां हैं और वह लंबे समय से खुद को डॉक्टर बताकर क्षेत्र में पहचान बनाए हुए था। हादसे के बाद उसके बारे में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध चिकित्सकीय गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए।
सड़क सुरक्षा और नशे में ड्राइविंग पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर नशे की हालत में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमित चेकिंग जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है।
परिजनों में शोक, गांव में पसरा मातम
ओमकार कश्यप की मौत के बाद उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह हादसा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

