UP Board के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात: हाईस्कूल-इंटर में मिलेंगे बोनस अंक, राज्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मिलेगा फायदा
UP Board /Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad ने खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। अब राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में बोनस अंक दिए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव लागू होने के बाद खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों को सीधे परीक्षा परिणाम में अतिरिक्त अंकों का लाभ मिलेगा।
शिक्षा विभाग के इस कदम को छात्रों में खेलों को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
राज्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा
प्रस्ताव के अनुसार केवल उन्हीं विद्यार्थियों को बोनस अंक दिए जाएंगे, जिन्होंने हाईस्कूल या इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने से पहले राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त किया हो।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रमाण पत्र परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी तक प्राप्त होना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है, जो पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अलग तरीके से जुड़ेंगे बोनस अंक
बोर्ड द्वारा जारी प्रस्ताव के मुताबिक हाईस्कूल परीक्षा में दिए जाने वाले बोनस अंक अंकपत्र और प्रमाण पत्र में अलग से दर्शाए जाएंगे।
वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में यह अंक सीधे कुल प्राप्तांकों में जोड़े जाएंगे। इससे छात्रों के ओवरऑल प्रतिशत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यदि कोई परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण होता है, तो बोनस अंक अधिकतम दो विषयों में ग्रेस मार्क के रूप में जोड़े जा सकेंगे। हालांकि यह सुविधा निर्धारित नियमों के तहत ही लागू होगी।
कंपार्टमेंट परीक्षा वालों को नहीं मिलेगा लाभ
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad ने यह भी साफ किया है कि कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को बोनस अंक का लाभ नहीं मिलेगा।
बोर्ड सचिव Bhagwati Singh के अनुसार एक प्रमाण पत्र पर केवल एक बार ही बोनस अंक दिया जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास एक से अधिक प्रमाण पत्र हैं, तो केवल वही प्रमाण पत्र मान्य होगा, जिससे अधिकतम अंक मिलते हों।
किन खिलाड़ियों को मिलेगा बोनस अंकों का लाभ?
बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार बोनस अंक केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दिए जाएंगे, जिन्होंने School Games Federation of India (SGFI), NCC और स्काउट-गाइड्स द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लिया हो।
इस व्यवस्था के तहत कक्षा 9 और 11 में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को अगले वर्ष क्रमशः हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इसका लाभ मिलेगा।
विद्यार्थियों को बोनस अंक प्राप्त करने के लिए जनवरी माह के अंत तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आवेदन करना होगा।
इस प्रकार मिलेंगे बोनस अंक
राज्य स्तर पर प्रदर्शन
- हाईस्कूल – 5 अंक
- इंटरमीडिएट – 5 अंक
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने पर
- हाईस्कूल – 7 अंक
- इंटरमीडिएट – 7 अंक
राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने पर
- हाईस्कूल – 10 अंक
- इंटरमीडिएट – 10 अंक
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने पर
- हाईस्कूल – 15 अंक
- इंटरमीडिएट – 15 अंक
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने पर
- हाईस्कूल – 20 अंक
- इंटरमीडिएट – 20 अंक
खेल और शिक्षा के संतुलन को बढ़ावा देने की कोशिश
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से खेल प्रतिभाओं को पढ़ाई के दबाव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में समय देने के कारण परीक्षा में प्रभावित हो जाते थे।
ऐसे में बोनस अंक की यह व्यवस्था खिलाड़ियों को मानसिक राहत देने के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्कूल स्तर पर खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा और अभिभावकों का रुझान भी बच्चों को खेल गतिविधियों में शामिल कराने की ओर बढ़ेगा।
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया उत्साह
उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में खेलों के क्षेत्र में कई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग लगातार खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर जोर दे रहे हैं।
यूपी बोर्ड का यह प्रस्ताव उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिल सकता है।

