Muzaffarnagar में भीषण गर्मी से बिजली व्यवस्था पर दबाव, ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए लगाए गए कूलर और फव्वारे की तैयारी
News-Desk
6 min read
Electricity Load Increase, Muzaffarnagar electricity news, power cut news, गर्मी का असर, ट्रांसफार्मर लोड, बिजली विभाग, बिजली संकट, बिजली सब स्टेशन, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, यूपी न्यूज, हीटवेवMuzaffarnagar में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था की चुनौती को और गंभीर बना दिया है। जिले में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है, जिसके चलते ट्रांसफार्मरों और विद्युत मशीनरी पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। हालात को देखते हुए बिजली विभाग ने बड़े फॉल्ट और ब्रेकडाउन से बचने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बढ़ते लोड और ओवरहीटिंग की समस्या से निपटने के लिए कई प्रमुख बिजलीघरों और सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने हेतु कूलर, बड़े पंखे और अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि तापमान और लोड में और वृद्धि होती है तो ट्रांसफार्मरों पर पानी के फव्वारे भी चलाए जाएंगे ताकि किसी बड़े तकनीकी नुकसान से बचा जा सके।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग, डेढ़ गुना बढ़ा लोड
गर्मी के बढ़ते असर के बीच जिले में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में लगभग डेढ़ गुना तक पहुंच गई है। एसी, कूलर, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग ने बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे घरेलू और व्यावसायिक बिजली खपत में तेजी आती है। खासतौर पर दोपहर और रात के समय बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ट्रांसफार्मरों के गर्म होने और फॉल्ट की संभावना बढ़ जाती है।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार कई सब स्टेशनों पर लोड क्षमता के बेहद करीब पहुंच चुका है। यही वजह है कि विभाग अब एहतियात के तौर पर अतिरिक्त कूलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम का सहारा ले रहा है।
ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए लगाए गए कूलर और पंखे
बिजली विभाग ने जिले के प्रमुख सब स्टेशनों पर लगे पावर ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। फिलहाल 19 में से 9 सब स्टेशनों पर कूलिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है।
इन बिजलीघरों में बड़े औद्योगिक कूलर, हाई-स्पीड पंखे और अतिरिक्त प्रोटेक्शन डिवाइस लगाए गए हैं ताकि ट्रांसफार्मरों का तापमान नियंत्रित रखा जा सके। अधिकारियों के मुताबिक अत्यधिक गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर ऑयल का तापमान बढ़ने लगता है, जिससे मशीनरी को नुकसान पहुंच सकता है।
ऐसी स्थिति में यदि समय रहते तापमान नियंत्रित न किया जाए तो बड़े पैमाने पर बिजली बाधित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
जरूरत पड़ी तो ट्रांसफार्मरों पर चलेंगे पानी के फव्वारे
बिजली विभाग ने गर्मी से निपटने के लिए एक और विशेष योजना तैयार की है। अधिकारियों के अनुसार यदि तापमान और अधिक बढ़ता है या लोड अचानक बढ़ जाता है, तो ट्रांसफार्मरों पर पानी के फव्वारे चलाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्म होने वाले ट्रांसफार्मरों पर पानी की फुहार देने से तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। यह तकनीक कई बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से इस्तेमाल की जाती रही है।
हालांकि विभाग का कहना है कि फिलहाल सभी ट्रांसफार्मर सुरक्षित स्थिति में हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
बिजली कटौती और फॉल्ट से लोगों में बढ़ी नाराजगी
पिछले कुछ दिनों में जिले के कई इलाकों में बिजली कटौती, लो वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट की शिकायतें सामने आई थीं। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई क्षेत्रों में लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए थे। लोगों का कहना था कि गर्मी में लगातार बिजली कटने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी। इसी के बाद विभाग ने तकनीकी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी।
सबसे अधिक लोड वाले बिजलीघरों पर विशेष निगरानी
बिजली विभाग ने उन सब स्टेशनों को प्राथमिकता पर रखा है जहां सबसे ज्यादा बिजली लोड दर्ज किया जा रहा है। इन बिजलीघरों पर तकनीकी कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है।
इसके अलावा ट्रांसफार्मरों के तापमान, ऑयल लेवल और मशीनरी की कार्यक्षमता पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार के फॉल्ट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि लंबे समय तक बिजली बाधित न हो।
अधीक्षक अभियंता ने दी स्थिति की जानकारी
अधीक्षक अभियंता मनोज कुमार यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में ट्रांसफार्मरों का तापमान बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रमुख ट्रांसफार्मर फिलहाल सुरक्षित स्थिति में हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त उपाय भी किए जाएंगे। विभाग का प्रयास है कि लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे और किसी बड़े ब्रेकडाउन की स्थिति न बने।
हीटवेव के बीच बिजली व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के चलते आने वाले दिनों में बिजली की मांग और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में बिजली विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्बाध सप्लाई बनाए रखने की होगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान लगातार ऊंचा बना रहा तो ट्रांसफार्मरों और केबल नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए तकनीकी रखरखाव और समय पर मॉनिटरिंग बेहद जरूरी हो जाती है।
लोगों से बिजली बचाने की अपील
बिजली विभाग ने आम लोगों से भी बिजली का संयमित उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अनावश्यक विद्युत उपकरण बंद रखने और ऊर्जा बचत करने से बिजली व्यवस्था पर दबाव कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि एसी का तापमान संतुलित रखें, जरूरत न होने पर भारी बिजली उपकरण बंद करें और ओवरलोडिंग से बचें।

