शराब के नशे में कंट्रोल रूम में हंगामा पड़ा भारी: Shahjahanpur के अधिशासी अभियंता निलंबित, एमडी ने बैठाई जांच समिति
News-Desk
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220 केवी उपकेंद्र, Shahjahanpur, अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश समाचार, निलंबन, पारेषण निगम, प्रशासनिक कार्रवाई, बिजली विभाग, रजनीश कुमार उपाध्याय, शाहजहांपुर न्यूज़, सरकारी विभागShahjahanpur । उत्तर प्रदेश पारेषण निगम में अनुशासनहीनता के एक मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। शाहजहांपुर स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद की गई है।
निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) मयूर माहेश्वरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल निलंबन के आदेश जारी किए हैं, बल्कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एक समिति का भी गठन किया है।
29 मई की रात कंट्रोल रूम में हुई थी कथित घटना
जानकारी के अनुसार यह मामला 29 मई की रात का है। आरोप है कि शाहजहांपुर के 220 केवी पैना ट्रांसमिशन उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार उपाध्याय पहुंचे, जहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों, जिनमें जूनियर इंजीनियर भी शामिल थे, के साथ अभद्रता की और उनके व्यवहार से कंट्रोल रूम का माहौल प्रभावित हुआ।
नोट: निलंबन आदेश में आरोपों का उल्लेख है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
शिकायत के बाद शुरू हुई विभागीय जांच
घटना के बाद पूरे मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता की ओर से संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी गई।
इसके बाद मुख्य अभियंता, लखनऊ मध्य जोन के स्तर पर मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में अधिशासी अभियंता के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना गया।
इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
एमडी ने जारी किया निलंबन आदेश
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पारेषण निगम के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मुख्य अभियंता, झांसी जोन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
विभागीय नियमों के अनुसार निलंबन के दौरान उनके विरुद्ध निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की जांच जारी रहेगी।
पूरे मामले की जांच के लिए बनी समिति
निगम ने इस मामले को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच के लिए एक अलग समिति का गठन भी किया है।
समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी, संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अंतिम विभागीय निर्णय जांच समिति की रिपोर्ट और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली में कंट्रोल रूम अत्यंत संवेदनशील इकाई माना जाता है, जहां से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और संचालन किया जाता है।
ऐसे स्थानों पर अनुशासन, समन्वय और कार्यस्थल का शांत वातावरण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता से कार्य प्रभावित हो सकता है।
सरकारी विभागों में अनुशासन पर लगातार दिया जा रहा जोर
हाल के वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यस्थल अनुशासन, कर्मचारियों के आचरण और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विभागीय शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई से संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
फिलहाल अधिशासी अभियंता को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।

