योगी आदित्यनाथ के 55वें जन्मोत्सव पर ग्रेटर नोएडा में हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन: Vishva Hindu Mahasangh Bharat ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का दिया संदेश
Yogi Adityanath Birthday Celebration के अवसर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित श्री राम यूनिवर्सल स्कूल में विश्व हिंदू महासंघ भारत द्वारा एक भव्य हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन एवं जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला शक्ति प्रकोष्ठ की प्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसे यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रसाद वितरण के माध्यम से भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
वैदिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ जन्मोत्सव समारोह
समारोह की शुरुआत विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ हुई। उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, सामाजिक एकता और राष्ट्र की प्रगति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने रखे संगठन के विचार
Vishva Hindu Mahasangh Bharat के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों पर दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और नागरिकों में सुरक्षा की भावना को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की।
प्रमोद त्यागी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक लोक-सन्यासी के रूप में जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व हैं। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर दिया गया विशेष जोर
अपने संबोधन में प्रमोद त्यागी ने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ भारत का मूल उद्देश्य समाज में समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि संगठन ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी के विचारों और उनके सपनों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संगठन का प्रयास है कि समाज को जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठाकर एक परिवार की भावना के साथ जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सामाजिक एकजुटता में निहित होती है और इसी दिशा में संगठन लगातार कार्यरत है।
महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
Hindu Swabhiman Conference Greater Noida में महिला शक्ति की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ भारत के मातृशक्ति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष पारुल सक्सेना ने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका और योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध नगर के बिसरख मंडल में आयोजित यह सम्मेलन संगठन की महिला इकाई की सक्रियता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने जिला अध्यक्ष सावित्री चौधरी, महानगर अध्यक्ष प्रीति अग्रवाल, महामंत्रिणी वसुंधरा झा तथा सभी महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
पारुल सक्सेना ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं संगठित होकर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में भागीदारी करती हैं तो परिवर्तन की गति और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं।
महिलाओं की एकजुटता को बताया संगठन की सबसे बड़ी ताकत
पारुल सक्सेना ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकजुटता और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुत्व के मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व, शिक्षा, संस्कृति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यही जागरूकता समाज को नई दिशा देने में सहायक बन रही है।
2027 विधानसभा चुनावों को लेकर भी व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम के दौरान पारुल सक्सेना ने आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उनकी नीतियों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन जनजागरण और सामाजिक संपर्क के माध्यम से लोगों को विकास, सुशासन और सामाजिक सहभागिता के विषयों से जोड़ने का प्रयास करेगा।
विश्व हिंदू महासंघ भारत की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च होने की घोषणा
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण संगठन की डिजिटल पहल भी रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और मातृशक्ति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष पारुल सक्सेना ने विश्व हिंदू महासंघ भारत की आधिकारिक वेबसाइट के शुभारंभ की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि 7 जून 2026 को वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। यह मंच देशभर में संचालित संगठन की गतिविधियों, अभियानों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े कार्यों को एक साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए संगठन देश के विभिन्न राज्यों, जिलों और कस्बों में कार्यरत कार्यकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे संवाद और समन्वय को और मजबूती मिलेगी।
भाजपा नेत्री प्रज्ञा पाठक ने की कार्यक्रम की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेत्री प्रज्ञा पाठक ने सम्मेलन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता, संगठन और महिला सहभागिता को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज में उनकी भूमिका लगातार मजबूत और प्रभावशाली होती जा रही है।
प्रज्ञा पाठक ने कहा कि मातृशक्ति सदैव राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास की अग्रिम पंक्ति में रही है। आज महिलाएं सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरण जैसे क्षेत्रों में नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान कर रही हैं।
सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरण को लेकर भविष्य की रूपरेखा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए नियमित जनजागरण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।
आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे सम्मेलन, जागरूकता अभियान, सामाजिक सेवा कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।











