G7 Summit 2026: मेलोनी की सिगरेट छोड़ने की कहानी से लेकर मोदी-मेलोनी की ‘इंस्टाग्राम’ चर्चा तक, नेताओं की मजेदार बातचीत ने बटोरी सुर्खियां
News-Desk
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Diplomacy News, Donald Trump, Emmanuel Macron, G7 leaders, G7 Summit 2026, giorgia Meloni, Global Summit, International Politics, Italy PM Meloni, Macron News, Modi Meloni, Narendra Modi, trump news, World Leaders MeetingG7 Summit 2026 Leaders Conversation इस बार केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि विश्व नेताओं के मानवीय और सहज पक्ष की भी झलक देखने को मिली। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कई ऐसी अनौपचारिक बातचीत माइक्रोफोन में रिकॉर्ड हो गईं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गंभीर माहौल के बीच मुस्कुराने के कई अवसर दिए।
सिगरेट छोड़ने की चर्चा से लेकर फुटबॉल, इंस्टाग्राम लोकप्रियता, घड़ी, साइकिल और निजी उपहारों तक, नेताओं के बीच हुई इन बातचीतों ने सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में विशेष ध्यान आकर्षित किया। सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच जिस सहजता और मित्रवत माहौल की झलक देखने को मिली, उसने वैश्विक कूटनीति के एक अलग ही चेहरे को सामने रखा।
मेलोनी ने बताया- एक महीने से नहीं पी सिगरेट, नेताओं ने बजाई तारीफ की तालियां
सम्मेलन शुरू होने से पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी अन्य नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने दिन की शुरुआत तीन कप कॉफी पीकर की है।
उनकी यह बात सुनकर यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि क्या यह केवल सुबह उठने के लिए था। तभी जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने मुस्कुराते हुए सवाल किया कि कॉफी तो ठीक है, लेकिन सिगरेट कितनी पी?
इस पर मेलोनी ने तुरंत जवाब दिया कि उन्होंने पिछले एक महीने से सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया है। जैसे ही यह बात सामने आई, वहां मौजूद कनाडा, ब्रिटेन, जापान और यूरोपीय संघ के नेताओं ने उनकी सराहना की। मेलोनी ने भी खुशी जाहिर करते हुए दोनों हाथ ऊपर उठा दिए।
यह दृश्य कुछ ही समय में चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर भी खूब साझा किया गया।
निकोटिन पैच पर हुआ मजाक, हंसी से गूंज उठा सम्मेलन परिसर
मेलोनी के सिगरेट छोड़ने की बात के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या उन्होंने निकोटिन पैच लगाया हुआ है।
उनके इस सवाल पर आसपास मौजूद नेताओं के बीच ठहाके गूंज उठे। यह बातचीत इसलिए भी दिलचस्प रही क्योंकि आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में नेताओं की बातचीत बेहद औपचारिक मानी जाती है।
निकोटिन पैच एक चिकित्सकीय उपाय है, जिसका उपयोग धूम्रपान छोड़ने वाले लोगों की मदद के लिए किया जाता है। यह धीरे-धीरे शरीर में सीमित मात्रा में निकोटिन पहुंचाकर तंबाकू की लत से छुटकारा दिलाने में सहायक माना जाता है।
फुटबॉल विश्व कप की चर्चा में डूबे नेता, मैक्रों ने किया फ्रांस का समर्थन
G7 Summit 2026 Leaders Conversation के दौरान खेल भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में चल रहे फीफा विश्व कप को लेकर नेताओं के बीच उत्साह साफ दिखाई दिया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी राष्ट्रीय टीम का समर्थन करते हुए “अलेज ले ब्लू” का नारा लगाया, जिसका अर्थ है “आगे बढ़ो फ्रांस”। इसके साथ ही फ्रांस के प्रसिद्ध क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की हालिया सफलता का भी उल्लेख किया गया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने केप वर्डे की टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की, जिसने विश्व चैंपियन स्पेन को गोलरहित बराबरी पर रोककर सबको चौंका दिया था।
खेलों की चर्चा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हुए। उन्होंने फुटबॉल की बजाय UFC मुकाबलों का जिक्र करते हुए आयोजक डाना व्हाइट की प्रशंसा की।
ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की रहस्यमयी टिप्पणी ने फिर बढ़ाई उत्सुकता
सम्मेलन के दौरान रिकॉर्ड हुई एक और बातचीत ने राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी पैदा कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बातचीत कर रहे थे।
बातचीत के बीच ट्रम्प ने अचानक “ग्रीनलैंड” का उल्लेख किया। हालांकि माइक्रोफोन में पूरी बातचीत स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड नहीं हो सकी, लेकिन यह शब्द सुनते ही चर्चा शुरू हो गई।
गौरतलब है कि ट्रम्प पूर्व में कई बार डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को लेकर अपनी रुचि व्यक्त कर चुके हैं। इसी कारण उनकी यह टिप्पणी तुरंत सुर्खियों में आ गई। हालांकि इस बार उनका आशय क्या था, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
मैक्रों घड़ी भूल गए, ट्रम्प बोले- अगर छोड़ दी है तो मुझे दे दो
सम्मेलन के सबसे हल्के और मनोरंजक पलों में से एक वह रहा जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी घड़ी बैठक स्थल पर भूल गए।
दोपहर भोजन के लिए जाते समय कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अन्य नेताओं को बताया कि मैक्रों अपनी घड़ी पीछे छोड़ गए हैं। यह सुनते ही ट्रम्प ने मजाक करते हुए कहा कि यदि उन्होंने घड़ी छोड़ दी है तो उसे उन्हें दे दिया जाए।
ट्रम्प की यह टिप्पणी सुनकर वहां मौजूद नेता और अधिकारी मुस्कुरा उठे। यह छोटा सा मजाक कुछ ही समय में मीडिया की सुर्खियों का हिस्सा बन गया।
उपहारों का आदान-प्रदान भी बना आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच उपहारों का आदान-प्रदान भी हुआ। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने सभी G7 नेताओं को व्यक्तिगत साइकिलें भेंट कीं।
ट्रम्प को साइकिल मिलने की खबर ने लोगों का ध्यान इसलिए आकर्षित किया क्योंकि उनकी पहचान गोल्फ प्रेमी नेता के रूप में रही है और साइकिलिंग से उनका विशेष जुड़ाव नहीं माना जाता।
उधर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने ट्रम्प को जर्मनी की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की विशेष जर्सी भेंट की। जर्सी पर ट्रम्प का नाम और 47 नंबर अंकित था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक था।
ट्रम्प ने मुस्कुराते हुए जर्सी को कैमरों के सामने प्रदर्शित किया और तस्वीरें खिंचवाईं। बाद में मर्त्ज ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अब वे एक ही टीम का हिस्सा हैं।
मोदी और मेलोनी की मुलाकात फिर बनी आकर्षण का केंद्र
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातें विशेष चर्चा का विषय रही हैं।
G7 सम्मेलन के दौरान भी जब दोनों नेता आमने-सामने आए तो माहौल काफी सहज दिखाई दिया। मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन करते हुए कहा कि उनसे दोबारा मिलकर अच्छा लगा।
बातचीत के दौरान सोशल मीडिया का जिक्र हुआ, जिस पर मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे दोनों इंस्टाग्राम पर सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। उनकी यह टिप्पणी सुनकर आसपास मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।
दो महीने के भीतर दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले वे रोम में भी मिले थे, जहां उनकी मुलाकात से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।
मैक्रों ने जेलेंस्की को दिया भरोसा, ट्रम्प से मुलाकात कराने की बात कही
सम्मेलन में केवल हल्की-फुल्की बातचीत ही नहीं हुई, बल्कि महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चाएं भी हुईं।
रिकॉर्ड हुई एक बातचीत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की यूक्रेन संकट पर चर्चा करते दिखाई दिए। मैक्रों ने जेलेंस्की से पूछा कि क्या उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अलग बैठक निर्धारित है।
जब जेलेंस्की ने अपने कार्यक्रम की जानकारी दी, तब मैक्रों ने भरोसा दिलाया कि वे इस संबंध में व्यवस्था कराने का प्रयास करेंगे।
यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों और यूक्रेन संकट से जुड़े संवादों की गंभीरता को भी दर्शाती है।
चीन और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ट्रम्प-कार्नी के बीच हुई चर्चा
एक अन्य बातचीत में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को चीन से जुड़े एक व्यापारिक समझौते के बारे में जानकारी दी।
कार्नी ने बताया कि समझौते के तहत कनाडा सीमित संख्या में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात की अनुमति देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संख्या कनाडाई बाजार के कुल हिस्से का लगभग 3 प्रतिशत से भी कम होगी।
ट्रम्प ने इस जानकारी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह व्यवस्था उन्हें उचित लगती है।
16 महीने बाद आमने-सामने दिखे मोदी और ट्रम्प
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण क्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात भी रही। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कुछ समय तक चर्चा की।
G7 आउटरीच सत्र के दौरान दोनों नेता एक साथ बैठे दिखाई दिए। यह मुलाकात लगभग 16 महीनों बाद हुई और इसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया।
भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

