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Russia Ukraine Conflict: हथियार और पैसा देंगे G7 देश’, कीव के पास एक हवाई क्षेत्र में नष्ट AN-225 ‘Mriya’

Russia Ukraine Conflict: यूक्रेन के विदेश मामलों के मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रविवार (स्थानीय समय) को G7 विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा शुरू किए गए युद्ध को रोकने के लिए नए “दर्दनाक प्रतिबंधों” को लेकर चर्चा की. इसके बाद दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट में लिखा, “G7 विदेश मंत्रियों के साथ बैठक. भागीदार यूक्रेन को अपना बचाव करने के लिए और अधिक व्यावहारिक साधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं. यूक्रेन के लिए रक्षात्मक हथियार, सैन्य उपकरण और वित्तीय सहायता जारी है. हमने पुतिन के युद्ध को रोकने के लिए नए दर्दनाक प्रतिबंधों पर भी चर्चा की.”

कुलेबा ने रूसी तेल और गैस के लिए पूर्ण प्रतिबंध पर भी जोर दिया और कहा कि अब उन्हें खरीदने का मतलब “यूक्रेनी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या के लिए भुगतान करना” है. कुलेबा ने ट्वीट किया, “हम रूसी तेल और गैस पर पूर्ण प्रतिबंध पर जोर देते हैं. अब उन्हें खरीदने का मतलब यूक्रेनी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या के लिए भुगतान करना है. मैं इस संबंध में कई यूरोपीय देशों द्वारा पहले निर्णायक कदमों का स्वागत करता हूं और दूसरों से दृढ़ता और बिना देरी के आगे बढ़ने का आग्रह करता हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन में अब जो हो रहा है वह “वास्तविक लोगों का युद्ध” है.

कुलेबा ने ट्वीट किया, “यूक्रेन में अब जो हो रहा है, वह वास्तविक जनयुद्ध है. हम झुकेंगे नहीं. हम रुकेंगे या थकेंगे नहीं. जब तक हमें अपनी जमीन और अपने लोगों की रक्षा करने की जरूरत है, हम इसका जमकर मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” वहीं, दूसरे ओर खबरें यह भी हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के न्यूक्लियर डिटेरेंस फोर्सेज को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया है. इससे दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है.

इसे लेकर अमेरिका ने UN में सवाल भी उठाया है. यूक्रेन पर UNSC की बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा, “रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखा है. वे ऐसा तब कर रहे हैं जब वह बिना परमाणु हथियार वाले देश पर हमला कर रहे हैं और नाटो से कोई खतरा नहीं है.”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने यूक्रेन पर UNGA में एक आपातकालीन विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. इस संबंध में 15 सदस्य देशों में से 11 ने पक्ष में मतदान किया जबकि केवल रूस ने इसके खिलाफ मतदान किया. चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने मतदान में भाग नहीं लिया. बता दें कि अमेरिका के समयनुसार UNGA के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद 28 फरवरी 2022 की सुबह 10 बजे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महासभा के 11वें विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे. इससे पहले1950 से अब तक महासभा के ऐसे केवल 10 सत्र आहूत किये गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरुमूर्ति ने कहा, “सीमा पार से संघर्ष और अनिश्चित स्थितियों से हमारे निकासी प्रयासों पर प्रभाव पड़ा है. यह मानवीय आवश्यकता है जिसे संबोधित किया जाना चाहिए. परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने आज के मतदान से खुद को बाहर रखने का फैसला किया है.”

यूक्रेन पर UNSC की बैठक में तिरुमूर्ति ने कहा, “हिंसा को समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं. हम दोनों पक्षों द्वारा बेलारूस सीमा पर पक्ष रखने की घोषणा का स्वागत करते हैं. हम यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंतित हैं.”

वहीं, UNSC में रूसी संघ के प्रतिनिधि ने कहा, “रूसी सेना यूक्रेन में नागरिकों के लिए खतरा नहीं है, वे नागरिक बुनियादी ढांचे पर गोलाबारी नहीं कर रहे हैं. नागरिकों के लिए खतरा अब यूक्रेनी राष्ट्रवादियों द्वारा उत्पन्न किया गया है, जिन्होंने मानव ढाल के रूप में उपयोग करने के लिए बंधकों को प्रभावी ढंग से जब्त कर लिया है.” 

यूएनएससी में यूक्रेन ने कहा कि 27 फरवरी तक दुश्मन (रूस) के लगभग 4,300 सैनिक मारे गए और 200 से अधिक को युद्धबंदी के रूप में लिया गया है. हालांकि, रूस इससे इनकार करता है. यूक्रेन ने कहा कि रूसी सैनिकों के रिश्तेदारों के लिए एक हॉटलाइन खोली थी, पहले घंटे के दौरान रूसी माताओं के 100 से अधिक कॉल प्राप्त हुए. 

यूक्रेन पर UNSC की बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा, “आज सुबह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखा है. वे ऐसा तब कर रहे हैं जब वह बिना परमाणु हथियार वाले देश पर हमला कर रहे हैं और नाटो से कोई खतरा नहीं है.”

 दुनिया के सबसे बड़े विमान को रूस के सैनिकों ने कीव के पास एक हवाई क्षेत्र में नष्ट कर दिया. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मॉस्को ने चौथे दिन भी अपने पड़ोसी पर हमला जारी रखा और काफी नुकसान पहुंचाया.

AN-225 ‘Mriya’  जिसे (Mriya) यूक्रेन में ‘ड्रीम’ कहा जाता है को  यूक्रेनी एयरोनॉटिक्स कंपनी एंटोनोव ने बनाया था और इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े कार्गो विमान के रूप में होती थी. यह विमान रूसी गोलाबारी के कारण कीव के बाहर होस्टोमेल हवाई अड्डे पर कथित तौर पर जला दिया गया.

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, “दुनिया का सबसे बड़ा विमान मिरिया (द ड्रीम) कीव के पास एक हवाई क्षेत्र में रूसी सैनिकों द्वारा नष्ट कर दिया गया. हम विमान का पुनर्निर्माण करेंगे, हम एक मजबूत, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक यूक्रेन के अपने सपने को पूरा करेंगे.” विदेश मंत्री के अलावा यूक्रेन के ट्विटर हैंडल ने भी इसे लेकर एक ट्वीट किया और विमान की एक फोटो को ट्वीट करते हुए मैसेज लिखा, “उन्होंने हमारे सबसे बड़े विमान को जला दिया लेकिन हमारी म्रिया (सपने) कभी नष्ट नहीं होंगे.”

वहीं इस विमान को बनाने वाली कंपनी एंटोनोव का कहना है कि, वह नहीं बता सकता कि विमान की वर्तमान स्थिति अभी क्या है. जब तक विशेषज्ञों द्वारा एएन-225 का निरीक्षण नहीं किया जाता, तब तक हम विमान की तकनीकी स्थिति पर कुछ भी नहीं बता सकते हैं. जल्द ही हम इसे लेकर घोषणा करेंगे.

गुरुवार से शुरू हुई जंग के बाद से रूस लगातार यूक्रेन के प्रमुख शहरों में क्रूज मिसाइलों से हमले कर रहा है. उसने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव पर रविवार को फिर से कब्जा जमा लिया. यूक्रेन के संघर्ष में शनिवार तक तीन बच्चों सहित 198 नागरिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि अब तक 1,115 लोग घायल हो चुके हैं.

News-Desk

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