स्वास्थ्य

Heatwave Alert: भीषण गर्मी और लू से ऐसे करें बचाव, डॉक्टरों की सलाह से अपनाएं ये आसान उपाय

देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। भीषण गर्मी और Heatwave  (लू) केवल असहज मौसम नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य आपातस्थिति भी बन सकती है। हर वर्ष अत्यधिक गर्मी (Heatwave Alert) के कारण हजारों लोग डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन (Heat Exhaustion) और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) जैसी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी, मधुमेह के मरीज और खुले में काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सही सावधानियां अपनाई जाएं तो हीटवेव से होने वाली अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।


क्या है हीटवेव (Heatwave)?

हीटवेव वह स्थिति होती है जब किसी क्षेत्र में कई दिनों तक सामान्य से काफी अधिक तापमान दर्ज किया जाता है। अत्यधिक गर्म हवाएं और तेज धूप शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता को प्रभावित कर देती हैं। यदि शरीर समय पर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तो हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


हीटवेव के दौरान सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को होता है?

  • 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • हृदय, किडनी और मधुमेह के मरीज
  • उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीज
  • खेतों, निर्माण स्थलों और सड़कों पर काम करने वाले मजदूर
  • ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी कर्मचारी और आउटडोर वर्कर्स
  • खिलाड़ी और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग

लू से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

1. दोपहर की तेज धूप से बचें

सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे अधिक तीव्र होती है। यदि जरूरी न हो तो इस समय घर के अंदर ही रहें। बाहर निकलना पड़े तो छाया वाले रास्ते का उपयोग करें।


2. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें

प्यास लगने का इंतजार न करें। दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। अधिक पसीना आने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है।

साथ में ले सकते हैं—

  • ओआरएस (ORS)
  • नींबू पानी
  • नारियल पानी
  • छाछ
  • सादा पानी
  • घर का बना शरबत (कम चीनी वाला)

3. हल्के और ढीले कपड़े पहनें

सूती (Cotton) और हल्के रंग के कपड़े गर्मी में सबसे बेहतर रहते हैं। गहरे रंग के कपड़े अधिक गर्मी सोखते हैं।


4. सिर और चेहरे को ढककर रखें

बाहर निकलते समय—

  • टोपी
  • छाता
  • गमछा
  • स्कार्फ
  • सनग्लासेस

का उपयोग करें।


5. खाली पेट धूप में न निकलें

घर से बाहर निकलने से पहले हल्का भोजन अवश्य करें। खाली पेट रहने से कमजोरी और चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है।


गर्मी में क्या खाएं?

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने वाले और पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन लाभदायक माना जाता है।

डाइट में शामिल करें

  • तरबूज
  • खरबूजा
  • खीरा
  • ककड़ी
  • संतरा
  • मौसमी
  • दही
  • छाछ
  • सलाद
  • नारियल पानी
  • ताजे फल

किन चीजों से बचें?

अत्यधिक गर्मी के दौरान इन चीजों का सेवन कम करें—

  • बहुत अधिक तला हुआ भोजन
  • अत्यधिक मसालेदार खाना
  • शराब
  • अत्यधिक कैफीन (चाय-कॉफी)
  • ज्यादा मीठे कोल्ड ड्रिंक
  • लंबे समय तक बाहर रखा हुआ भोजन

हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानें

यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाएं—

  • तेज बुखार (40°C या उससे अधिक)
  • तेज सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • अत्यधिक कमजोरी
  • उल्टी या मतली
  • तेज धड़कन
  • भ्रम की स्थिति
  • बेहोशी
  • त्वचा का अत्यधिक गर्म और सूखा होना

अगर किसी को लू लग जाए तो क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो—

  • उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं।
  • अतिरिक्त कपड़े ढीले करें।
  • ठंडे पानी की पट्टी रखें।
  • यदि व्यक्ति होश में है तो पानी या ORS दें।
  • पंखा या कूलर की हवा दें।
  • गंभीर स्थिति होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।

हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है।


घर को ठंडा रखने के आसान तरीके

  • सुबह और शाम खिड़कियां खोलें।
  • दिन में पर्दे बंद रखें।
  • पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
  • कमरे में पौधे लगाने से भी तापमान कुछ हद तक कम हो सकता है।
  • बिजली कटौती की स्थिति में पर्याप्त पानी का स्टॉक रखें।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान

बच्चों को लंबे समय तक धूप में खेलने न दें। बुजुर्गों को नियमित पानी पीने की याद दिलाएं, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ प्यास कम महसूस होती है।


वाहन में कभी अकेला न छोड़ें बच्चे या पालतू जानवर

कुछ ही मिनटों में बंद वाहन का तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों या पालतू जानवरों को कभी भी पार्क किए गए वाहन में अकेला न छोड़ें।


कामकाजी लोगों के लिए जरूरी सलाह

यदि आपका काम खुले में है—

  • हर 20–30 मिनट में पानी पिएं।
  • बीच-बीच में छाया में आराम करें।
  • हल्के कपड़े पहनें।
  • संभव हो तो सुबह या शाम के समय अधिक काम करें।

हीटवेव के दौरान इन बातों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

  • बार-बार चक्कर आना
  • पेशाब कम आना
  • होंठ सूखना
  • अत्यधिक प्यास
  • लगातार थकान
  • शरीर का तापमान बढ़ना

ये सभी डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन के संकेत हो सकते हैं।


स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं “3H” फॉर्मूला

Hydrate (पर्याप्त पानी पिएं)
Head Cover (सिर ढककर रखें)
Heat Avoid (तेज धूप से बचें)

यही तीन आसान आदतें भीषण गर्मी के दौरान आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखने में काफी मदद कर सकती हैं।


 

स्वास्थ्य सलाह: हीटवेव को सामान्य गर्मी समझकर नजरअंदाज न करें। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना, तेज धूप से बचना और शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष देखभाल करें। सही सावधानी अपनाकर भीषण गर्मी और लू से सुरक्षित रहा जा सकता है।

 

Dr. Jyoti Gupta

डॉ. ज्योति ओम प्रकाश गुप्ता एक प्रसिद्ध चिकित्सक और हेल्थ सेक्शन की वरिष्ठ संपादक हैं, जो प्राकृतिक, घरेलू और होम्योपैथिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। श्री राजीव दीक्षित जी से प्रेरित होकर, डॉ. ज्योति का उद्देश्य सहज, सरल और सुलभ चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है ताकि लोग आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक उपचार विधियों का भी लाभ उठा सकें। आप किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के नि:शुल्क परामर्श के लिए उनसे 9399341299 पर संपर्क कर सकते हैं या drjyotiomprakashgupta@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं।

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