ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज: सुरक्षा कड़ी, दुनिया की नजर तेहरान पर
तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला Ali Khamenei के राजकीय अंतिम संस्कार को लेकर पूरे देश में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए खामेनेई के पुत्र मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं होंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से उपस्थित न होने की सलाह दी है।
हालांकि, इस संबंध में ईरानी अधिकारियों की ओर से सीमित आधिकारिक जानकारी ही साझा की गई है।
तेहरान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार को लेकर राजधानी और अन्य धार्मिक शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है तथा हवाई क्षेत्र पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि समारोह के दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा योजना लागू की गई है।
करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना
ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम यात्रा में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। यदि इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं तो यह ईरान के इतिहास के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कारों में शामिल होगा।
समारोह में अनेक देशों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।
भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल
भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा तथा बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों के अनुरूप बताया है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर ट्रम्प का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन सकी है और वार्ता जारी है।
इजराइल ने सुरक्षा नीति पर दोहराया रुख
इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि लेबनान, सीरिया और गाजा में तैनात इजराइली सेना फिलहाल अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रखेगी। इजराइली नेतृत्व का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य हो रही आवाजाही
हालिया तनाव के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल एवं व्यापारिक जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दे रही है। समुद्री निगरानी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार पिछले दिनों इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से कई व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से गुजरे हैं।
परमाणु समझौते पर अभी भी बनी हुई हैं चुनौतियां
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के समझौते के बावजूद कई प्रमुख विषयों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। इनमें प्रतिबंधों में राहत, तेल निर्यात, होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य गतिविधियां, क्षेत्रीय संघर्ष और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन विषयों पर आगे भी कूटनीतिक वार्ता जारी रहेगी।
मध्य पूर्व की राजनीति पर रहेगा असर
विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के बाद ईरान की आंतरिक राजनीति, क्षेत्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी। साथ ही अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच भविष्य की रणनीतिक दिशा भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

