ब्रिटेन को मिला नया प्रधानमंत्री: Andy Burnham ने संभाली कमान, कीर स्टारमर ने दिया इस्तीफा
News-Desk
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Andy Burnham, Keir Starmer, UK Politics, World News, एंडी बर्नहैम, किंग चार्ल्स III, कीर स्टारमर, ब्रिटिश राजनीति, ब्रिटेन, यूके प्रधानमंत्री, लेबर पार्टीब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) ने सोमवार को यूनाइटेड किंगडम के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। पिछले सप्ताह उन्हें लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया था, जिसके बाद किंग चार्ल्स III ने उन्हें औपचारिक रूप से नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
इससे पहले निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हुई और एंडी बर्नहैम ने देश की बागडोर संभाल ली।
बकिंघम पैलेस ने की आधिकारिक पुष्टि
सत्ता हस्तांतरण के बाद बकिंघम पैलेस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि सोमवार सुबह किंग चार्ल्स III ने कीर स्टारमर से मुलाकात की। इस दौरान स्टारमर ने प्रधानमंत्री और फर्स्ट लॉर्ड ऑफ द ट्रेजरी के पद से अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे राजा ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद एंडी बर्नहैम को नई सरकार के गठन के लिए आमंत्रित किया गया और उन्होंने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल ली।
बिना मुकाबले चुने गए लेबर पार्टी के नेता
56 वर्षीय एंडी बर्नहैम को पिछले सप्ताह लेबर पार्टी का नेता निर्विरोध चुना गया था।
वह इस पद के लिए अकेले उम्मीदवार थे और उन्हें हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर पार्टी के 403 सांसदों में से 379 सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ। पार्टी के भीतर मिले इस व्यापक समर्थन को उनकी मजबूत राजनीतिक स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।
अब प्रधानमंत्री बनने के बाद उनसे जल्द ही नई कैबिनेट के गठन और प्रमुख मंत्रियों के नामों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है।
‘स्थिर और जिम्मेदार राजनीति’ का दिया भरोसा
प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद एंडी बर्नहैम ने देश में स्थिर, जिम्मेदार और भरोसेमंद राजनीति का वादा किया।
उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार शासन में स्थिरता, आर्थिक चुनौतियों से निपटने और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में लगातार हुए नेतृत्व परिवर्तनों के बाद ब्रिटेन में स्थिर सरकार की अपेक्षा बढ़ गई है।
चार वर्षों में पांचवें प्रधानमंत्री बने बर्नहैम
एंडी बर्नहैम पिछले चार वर्षों में ब्रिटेन के पांचवें प्रधानमंत्री बने हैं। वहीं, वर्ष 2016 के बाद से वे यूनाइटेड किंगडम के सातवें प्रधानमंत्री हैं।
बीते कुछ वर्षों में ब्रिटेन ने लगातार राजनीतिक बदलाव, आर्थिक चुनौतियों और नेतृत्व परिवर्तन का दौर देखा है। ऐसे में नई सरकार के सामने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण चुनौतियां मौजूद हैं।
कीर स्टारमर ने भावुक अंदाज में कहा—’मेरा काम हो गया है’
प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने अंतिम संबोधन में कीर स्टारमर ने भावुक अंदाज में कहा,
“मेरा काम हो गया है।”
उन्होंने कहा कि अब वह देश की जिम्मेदारी एंडी बर्नहैम को सौंप रहे हैं और उन्हें अपना पूरा समर्थन देंगे।
स्टारमर ने अपने संबोधन में कहा,
“मैं अच्छे मन से जा रहा हूं, मुस्कान के साथ जा रहा हूं और हमने जो कुछ हासिल किया है, उस पर मुझे गर्व है।”
63 वर्षीय कीर स्टारमर ने पिछले महीने ही अपने पद छोड़ने की घोषणा की थी।
भावुक विदाई, साथियों ने तालियां बजाकर किया सम्मान
प्रधानमंत्री आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट से विदा होते समय कीर स्टारमर को उनके कैबिनेट सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियां बजाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी।
यह दृश्य ब्रिटिश राजनीति में सत्ता के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक हस्तांतरण का प्रतीक माना गया। लेबर पार्टी की सरकार के नेतृत्व में हुए इस बदलाव के दौरान संवैधानिक परंपराओं का पालन किया गया।
एंडी बर्नहैम का राजनीतिक सफर
एंडी बर्नहैम लंबे समय से ब्रिटिश राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय विकास, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।
अब प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके सामने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विकास, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, स्वास्थ्य व्यवस्था, आवास, रोजगार और वैश्विक कूटनीतिक चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी होगी।
नई सरकार से बढ़ीं उम्मीदें
लेबर पार्टी के नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब राजनीतिक और आर्थिक जगत की नजर नई सरकार के शुरुआती फैसलों पर रहेगी। माना जा रहा है कि एंडी बर्नहैम जल्द ही अपनी कैबिनेट का गठन करेंगे और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई सरकार अपने वादों के अनुरूप स्थिर शासन और प्रभावी नीतियां लागू करने में सफल रहती है, तो इससे ब्रिटेन की घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

