क्रिकेटर यश दयाल को Allahabad High Court से बड़ी राहत: दुष्कर्म केस की आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक, ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई फिलहाल थमी
News-Desk
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मामला वर्ष 2025 में दर्ज उस प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें एक महिला ने यश दयाल पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के बाद आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी थी और ट्रायल कोर्ट ने उसका संज्ञान लेते हुए समन जारी कर दिया था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लग गई है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई, जब गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में एक महिला ने यश दयाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि क्रिकेटर ने शादी का आश्वासन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह नहीं किया। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यश दयाल के खिलाफ समन जारी किया।
हाईकोर्ट में क्या चुनौती दी गई?
यश दयाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट के संज्ञान एवं समन आदेश को चुनौती दी।
उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी आदेश और उसके आधार पर आगे बढ़ रही आपराधिक कार्यवाही पर न्यायिक समीक्षा आवश्यक है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद फिलहाल आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।
यश दयाल की ओर से क्या दलील दी गई?
हाईकोर्ट में यश दयाल की ओर से उनके अधिवक्ता ने कई महत्वपूर्ण तर्क रखे।
याचिका में कहा गया कि—
- दोनों पक्षों के बीच संबंध आपसी सहमति (Consensual Relationship) पर आधारित थे।
- संबंधों की शुरुआत में विवाह का कोई वादा नहीं किया गया था।
- शिकायतकर्ता या किसी गवाह के बयान में प्रारंभिक स्तर पर शादी का आश्वासन दिए जाने का उल्लेख नहीं है।
- याचिका के अनुसार मामला क्रिकेटर की प्रसिद्धि मिलने के बाद कथित रूप से धन उगाही के उद्देश्य से दर्ज कराया गया।
इन तर्कों के आधार पर चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को चुनौती दी गई है।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने की थी कार्रवाई
दूसरी ओर, महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया।
ट्रायल कोर्ट ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत सामग्री का संज्ञान लेते हुए यश दयाल को समन जारी किया था। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
मामले के अंतिम तथ्यों और आरोपों की सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की सुनवाई में होगा।
पहले भी गिरफ्तारी पर लग चुकी है रोक
यह पहला अवसर नहीं है जब यश दयाल को इस मामले में हाईकोर्ट से राहत मिली हो।
इससे पहले 15 जुलाई 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर निरस्त करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर भी अंतरिम रोक लगाई थी।
अब ताजा आदेश में ट्रायल कोर्ट की आपराधिक कार्यवाही पर भी अंतरिम रोक लगने से उन्हें एक और महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।
अंतरिम रोक का क्या अर्थ है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम रोक का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है या किसी पक्ष को अंतिम रूप से दोषमुक्त घोषित कर दिया गया है।
इसका आशय केवल इतना है कि जब तक हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक ट्रायल कोर्ट में संबंधित आपराधिक कार्यवाही फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
अंतिम निर्णय हाईकोर्ट द्वारा दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।
यश दयाल ने घरेलू क्रिकेट में भी लिया बड़ा फैसला
कानूनी मामले के बीच यश दयाल ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके इस तेज गेंदबाज ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम छोड़ने का फैसला किया है। अब वह आगामी घरेलू सत्र में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की ओर से खेलते नजर आएंगे।
जानकारी के अनुसार, वह छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के प्रशिक्षण शिविर से भी जुड़ चुके हैं।
हालांकि, नई टीम की ओर से आधिकारिक तौर पर खेलने के लिए उन्हें अभी उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने का इंतजार है।
नए अवसर की तलाश में बदला राज्य
यश दयाल ने अपने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने नए अवसरों और बेहतर संभावनाओं की तलाश में नए राज्य का रुख किया है।
घरेलू क्रिकेट में राज्य बदलना खिलाड़ियों के लिए असामान्य नहीं माना जाता और कई खिलाड़ी बेहतर अवसरों, नियमित खेलने के मौके तथा अपने करियर की नई दिशा के लिए ऐसा निर्णय लेते रहे हैं।
क्रिकेट करियर पर रहेगी सबकी नजर
यश दयाल भारतीय क्रिकेट के उभरते तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में भी अपनी गेंदबाजी से पहचान बना चुके हैं।
एक ओर उनके खिलाफ दर्ज मामले की कानूनी प्रक्रिया हाईकोर्ट में जारी है, वहीं दूसरी ओर घरेलू क्रिकेट में छत्तीसगढ़ की ओर से उनके नए सफर पर भी क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं की नजर रहेगी।
फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से उन्हें महत्वपूर्ण राहत मिली है, लेकिन मामले की अंतिम कानूनी स्थिति आगे की सुनवाई और न्यायिक निर्णय पर निर्भर करेगी।

