Kanpur में BSF कांस्टेबल परीक्षा में बवाल, पेपर लीक की खबर के बाद छात्रों का हंगामा; 4 घंटे बाद परीक्षा रद्द, भारी पुलिस फोर्स तैनात
News-Desk
8 min read
BSF कांस्टेबल, BSF परीक्षा, Kanpur News, उत्तर प्रदेश न्यूज, एमडी इन्फोटेक, कानपुर, छात्र हंगामा, परीक्षा रद्द, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षा, श्याम नगरकानपुर। Kanpur में बुधवार को प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर आयोजित BSF कांस्टेबल की प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की खबर सामने आने के बाद परीक्षार्थियों का गुस्सा भड़क गया। परीक्षा केंद्र पर देखते ही देखते भारी हंगामा शुरू हो गया और छात्र-छात्राएं परीक्षा कक्षों से बाहर निकल आए।
परीक्षार्थियों ने परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र पर मौजूद अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के बाद भी छात्रों का विरोध खत्म नहीं हुआ। परीक्षार्थी अगली परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर भेजना पड़ा। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास करती रही।
परीक्षा शुरू होते ही मच गया हड़कंप
जानकारी के अनुसार, श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक सेंटर पर बुधवार को BSF कांस्टेबल पद के लिए प्रथम पाली में परीक्षा आयोजित की जा रही थी। बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचे थे। बताया गया कि करीब 500 छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हुए थे।
परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद पेपर लीक होने की खबर सामने आने लगी। यह जानकारी परीक्षार्थियों के बीच पहुंचते ही परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया।
जिन छात्र-छात्राओं ने परीक्षा के लिए तैयारी की थी, वे अचानक सामने आई स्थिति से नाराज हो गए। देखते ही देखते परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने लगे और केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाने लगे।
छात्रों ने कहा—40 मिनट तक सिस्टम बंद रहा
हंगामा कर रहे परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र की तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर शिकायतें कीं। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा के दौरान करीब 40 मिनट तक सिस्टम बंद रहा।
परीक्षार्थियों के मुताबिक, इसके बाद सिस्टम दोबारा चालू हुआ, लेकिन समस्याएं खत्म नहीं हुईं। छात्रों का कहना था कि सिस्टम शुरू होने के बाद भी न तो की-बोर्ड ठीक से काम कर रहा था और न ही माउस काम कर रहा था। उनके अनुसार केवल CPU काम कर रहा था।
परीक्षार्थियों ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर सिस्टम ही ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा था तो परीक्षा किस तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जा सकती है।
बारिश में परीक्षा देने पहुंचे थे छात्र, फिर बिगड़ गई पूरी व्यवस्था
हंगामा कर रहे परीक्षार्थियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी कि वे बारिश के बीच परीक्षा देने के लिए केंद्र तक पहुंचे थे। छात्रों का कहना था कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी में महीनों मेहनत की और खराब मौसम के बावजूद समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे।
लेकिन केंद्र पर तकनीकी समस्या और पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद उनकी मेहनत और समय दोनों पर सवाल खड़ा हो गया।
कुछ छात्रों ने बेहद नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थी अपनी पढ़ाई, समय और पैसे लगाते हैं और ऐसी घटनाओं से उनकी मेहनत प्रभावित होती है।
‘हमारी जिंदगियों से खिलवाड़ किया जा रहा’
परीक्षार्थियों का गुस्सा सिर्फ परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं था। छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर जमकर विरोध किया। उनका कहना था कि परीक्षा देने के लिए उन्होंने पूरी तैयारी की थी, लेकिन परीक्षा केंद्र की व्यवस्था और कथित पेपर लीक की खबर के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि “हमारी जिंदगियों से खिलवाड़ किया जा रहा है।”
हालांकि, पेपर लीक की घटना के संबंध में अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल परीक्षार्थियों की शिकायतों और परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
चार घंटे तक चलता रहा हंगामा, आखिरकार कैंसिल हुआ पेपर
परीक्षा केंद्र पर शुरू हुआ विरोध करीब चार घंटे तक चलता रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार छात्रों को समझाने का प्रयास करते रहे।
लेकिन परीक्षार्थी अपनी मांग पर कायम रहे। उनका कहना था कि मौजूदा परीक्षा को रद्द किया जाए और नई परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाए।
लंबे समय तक चले हंगामे के बाद आखिरकार परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद भी छात्रों का गुस्सा पूरी तरह शांत नहीं हुआ और वे अगली परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग करते रहे।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स बुलाया। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह और एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
इसके अलावा चकेरी, कैंट, जाजमऊ, नौबस्ता और रेलबाजार थानों का पुलिस बल भी परीक्षा केंद्र पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
मौके पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने के बाद प्रशासन का पूरा ध्यान स्थिति को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय स्थिति को रोकने पर रहा।
परीक्षार्थियों की एक ही मांग—नई तारीख जल्द घोषित हो
हंगामे के दौरान छात्र-छात्राएं लगातार नारेबाजी करते रहे। उनकी मुख्य मांग थी कि आज आयोजित परीक्षा को रद्द मानते हुए अगली परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाए।
परीक्षार्थियों का तर्क था कि यदि परीक्षा में तकनीकी समस्या और पेपर लीक की स्थिति बनी है तो ऐसी परिस्थिति में परीक्षा जारी रखना उनके साथ अन्याय होगा।
परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर अगली तारीख की घोषणा पर है। नई परीक्षा कब होगी और किन परिस्थितियों में कराई जाएगी, यह संबंधित परीक्षा प्राधिकरण के निर्णय पर निर्भर करेगा।
पेपर लीक के आरोप ने फिर खड़े किए प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल
कानपुर की यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है। देश और प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ी और परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।
परीक्षार्थियों के लिए ऐसी घटनाएं केवल एक परीक्षा के रद्द होने तक सीमित नहीं होतीं। कई अभ्यर्थी लंबे समय तक तैयारी करते हैं, नौकरी की उम्मीद में परीक्षा देते हैं और इसके लिए आर्थिक तथा मानसिक स्तर पर भी मेहनत करते हैं।
ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर अभ्यर्थियों पर पड़ता है। यही वजह है कि परीक्षार्थी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था को लेकर लगातार अधिक सतर्कता की मांग करते रहे हैं।
BSF कांस्टेबल परीक्षा को लेकर अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल पेपर लीक की शिकायत की वास्तविकता और परीक्षा केंद्र पर हुई तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा है। परीक्षार्थियों ने पेपर लीक की बात कही है, लेकिन इसके पीछे की पूरी स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
साथ ही यह भी देखा जाना जरूरी होगा कि सिस्टम करीब 40 मिनट तक क्यों बंद रहा, परीक्षा के दौरान की-बोर्ड और माउस से संबंधित समस्याएं क्यों आईं और परीक्षा प्रक्रिया को किन परिस्थितियों में रोका गया।
यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। वहीं यदि तकनीकी गड़बड़ी और अन्य कारणों से परीक्षा रद्द की गई है तो परीक्षा प्राधिकरण को अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
अभ्यर्थियों की मेहनत का सवाल, प्रशासन के सामने भरोसा बहाल करने की चुनौती
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे महत्वपूर्ण चीज अभ्यर्थियों का भरोसा होता है। जब हजारों युवा किसी भर्ती परीक्षा के लिए महीनों और वर्षों तक तैयारी करते हैं तो वे उम्मीद करते हैं कि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित होगी।
कानपुर में परीक्षा केंद्र पर हुए हंगामे के बाद अब प्रशासन और संबंधित परीक्षा एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की होगी।
नई परीक्षा की तारीख, परीक्षा केंद्रों की तकनीकी जांच और कथित पेपर लीक की शिकायत पर स्पष्ट कार्रवाई से ही परीक्षार्थियों की चिंताओं को दूर किया जा सकेगा।
फिलहाल श्याम नगर के एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर BSF कांस्टेबल की प्रथम पाली की परीक्षा रद्द हो चुकी है। छात्र-छात्राएं नई तारीख की मांग कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पेपर लीक के आरोपों की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

