Muzaffarnagar शाहपुर में जर्जर सड़क बनी मुसीबत, मटियारी चौराहे से शाहपुर मार्ग पर गहरे गड्ढों से हादसों का खतरा
Muzaffarnagar । शाहपुर क्षेत्र में मटियारी चौराहे से शाहपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। लंबे समय से बदहाल इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जबकि बारिश या जलभराव की स्थिति में समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग होने के बावजूद इसकी हालत ऐसी है कि रोजाना इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा महसूस होता है।
सड़क की बदहाली का असर केवल शाहपुर के स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं है। आसपास विकसित हुई कई कॉलोनियों के लोग भी प्रतिदिन इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक दोपहिया, चारपहिया वाहनों और पैदल राहगीरों की आवाजाही इस सड़क से होती है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर अभी तक कोई ठोस समाधान नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी है।
मुख्य मार्ग पर गड्ढों ने बढ़ाई परेशानी
मटियारी चौराहे से शाहपुर को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कहीं सड़क की सतह पूरी तरह टूट चुकी है तो कहीं गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाकर या रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है।
सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। सड़क पर बने गड्ढे कई बार दूर से स्पष्ट नजर नहीं आते और वाहन उनके भीतर चले जाते हैं। ऐसे में वाहन का संतुलन बिगड़ने से गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन अब हालात इस स्तर तक पहुंच गए हैं कि सामान्य आवागमन भी मुश्किल होने लगा है।
जलभराव के बाद गड्ढों का पता लगाना और मुश्किल
सड़क की समस्या केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है। जलभराव होने पर कई गड्ढे पानी में छिप जाते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि आगे सड़क की स्थिति कैसी है।
दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से ऐसी स्थिति में जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर होते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार जलभराव और खराब सड़क के कारण कई बार वाहन चालक संतुलन खोकर गिर चुके हैं और चोटिल हुए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत समय रहते नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान समस्या और बढ़ सकती है।
शाहपुर की कॉलोनियों के लोगों की भी बढ़ी मुश्किल
इस मार्ग का इस्तेमाल शाहपुर के अलावा आसपास बसी कई कॉलोनियों के निवासी भी करते हैं। नौकरी, कारोबार, स्कूल, बाजार और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए लोगों को प्रतिदिन इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है।
ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर स्थानीय लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए धीरे-धीरे निकलना पड़ता है, जिससे कई बार रास्ते में जाम जैसी स्थिति भी बन सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई दूर-दराज का या सुदूर ग्रामीण क्षेत्र का रास्ता नहीं है, बल्कि शाहपुर का महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है। इसलिए इसकी ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहना चिंता का विषय है।
हादसे का बना रहता है खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बने गहरे गड्ढे लगातार दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहे हैं। विशेषकर रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है, जब सड़क पर मौजूद गड्ढे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते।
दोपहिया वाहन चालकों को अचानक सामने आए गड्ढों से बचने के लिए दिशा बदलनी पड़ सकती है। यदि सामने से कोई वाहन आ रहा हो तो ऐसी स्थिति में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि खराब सड़क के कारण कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हुए हैं। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल सुविधा का मामला नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
बड़े दावों के बीच सड़क की जमीनी तस्वीर अलग
शाहपुर की इस सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि विकास और बेहतर सड़क व्यवस्था को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मुख्य मार्ग की हालत उन दावों पर सवाल खड़े करती दिखाई देती है।
लोगों का कहना है कि जिस सड़क का इस्तेमाल प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग करते हैं, उसके रखरखाव और मरम्मत पर प्राथमिकता के साथ ध्यान दिया जाना चाहिए। गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने के बजाय सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
प्रशासन और संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग
सड़क की बदहाली से परेशान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराया जाए और जहां आवश्यकता है वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए।
स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल गड्ढों की औपचारिक मरम्मत करने के बजाय यदि सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि समस्या बार-बार सामने न आए।
लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए।
नगर निगम और प्रशासन से लोगों को उम्मीद
स्थानीय निवासियों ने सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन और नगर निगम से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
लोगों को उम्मीद है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग सड़क की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की दिशा में जल्द कदम उठाएगा।
रोजाना गुजरने वाले लोगों के लिए राहत जरूरी
सड़क की समस्या का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिन्हें रोजाना इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी किसी वैकल्पिक रास्ते के बजाय इसी मार्ग का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
यदि सड़क की मरम्मत होती है तो न केवल शाहपुर के लोगों को बल्कि आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों को भी राहत मिलेगी। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का जोखिम कम हो सकता है और आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की समस्या को लंबे समय तक टालने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
सड़क की बदहाली पर अब कार्रवाई का इंतजार
शाहपुर का यह मामला एक स्थानीय बुनियादी सुविधा से जुड़ी समस्या है। मटियारी चौराहे से शाहपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय निवासियों का दावा है कि खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि सड़क का जल्द निरीक्षण कर उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं के खतरे को कम किया जा सके।

