Myanmar में बाजार पर सेना की एयरस्ट्राइक से तबाही, 49 लोगों की मौत; 58 घायल, अराकान आर्मी ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
Myanmar । पश्चिमी रखाइन राज्य में म्यांमार की सेना की कथित एयरस्ट्राइक के बाद भारी तबाही की खबर सामने आई है। सोमवार को एक बाजार के पास हुए हवाई हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत होने और 58 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि हमले के समय बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों की काफी भीड़ मौजूद थी।
यह इलाका शक्तिशाली विद्रोही संगठन अराकान आर्मी (AA) के नियंत्रण में है। अराकान आर्मी ने हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है और आरोप लगाया है कि म्यांमार की सेना के लड़ाकू विमान ने बाजार के पास दो बम गिराए।
हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। अराकान आर्मी ने चेतावनी दी है कि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगी।
बाजार में भीड़ के बीच गिराए गए दो बम
अराकान आर्मी के अनुसार, म्यांमार की सेना के एक लड़ाकू विमान ने बाजार के पास दो बम गिराए। संगठन का दावा है कि जिस समय हमला हुआ, उस वक्त बाजार में आम लोगों की भीड़ मौजूद थी।
बाजार में दुकानदारों के साथ बड़ी संख्या में ग्राहक भी मौजूद थे। ऐसे में हवाई हमले के बाद बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।
अराकान आर्मी के मुताबिक हमले में 49 लोगों की जान गई, जबकि 58 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 22 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा सकती है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
अराकान आर्मी ने लगाया जानबूझकर हमला करने का आरोप
हमले के बाद अराकान आर्मी ने एक बयान जारी किया। संगठन ने आरोप लगाया कि आम लोगों को निशाना बनाकर जानबूझकर हवाई हमला किया गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई।
अराकान आर्मी ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द जवाबी कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने इसे आम लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई बताते हुए इसके लिए जिम्मेदार पक्षों को चेतावनी दी है।
हालांकि, इन आरोपों पर म्यांमार की सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
म्यांमार की सेना ने नहीं दिया तत्काल बयान
हवाई हमले के बाद म्यांमार की सेना ने तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया। इसलिए बाजार के पास हुए हमले और उसमें नागरिकों की मौत से जुड़े अराकान आर्मी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है।
म्यांमार की सेना पहले यह कहती रही है कि उसके हवाई हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना होता है। सैन्य शासन विरोधी संगठनों पर सेना आतंकवाद और सशस्त्र गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगाती रही है।
यही वजह है कि इस हमले को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच अंतर बना हुआ है। एक तरफ अराकान आर्मी इसे नागरिकों पर किया गया जानबूझकर हमला बता रही है, जबकि सेना की ओर से इस विशेष हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
अराकान आर्मी ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हमले के बाद अराकान आर्मी ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा है कि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करेगा।
इस चेतावनी के बाद रखाइन राज्य में संघर्ष और तेज होने की आशंका बढ़ गई है। पहले से ही सेना और अराकान आर्मी के बीच कई इलाकों में संघर्ष चल रहा है।
यदि जवाबी कार्रवाई होती है, तो इसका असर पहले से संघर्ष प्रभावित इलाकों में आम लोगों की सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर पड़ सकता है।
2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से नहीं थमा संघर्ष
म्यांमार में मौजूदा संघर्ष की जड़ें 1 फरवरी 2021 के सैन्य तख्तापलट से जुड़ी हैं। उस दिन सेना ने आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता से हटा दिया था।
इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में सेना के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की। इसके बाद सैन्य शासन का विरोध करने वाले कई समूहों ने हथियार उठा लिए।
धीरे-धीरे यह संघर्ष देश के बड़े हिस्से तक फैल गया। म्यांमार के कई क्षेत्रों में सेना को विभिन्न जातीय सशस्त्र संगठनों और सैन्य शासन विरोधी समूहों से लड़ना पड़ रहा है।
रखाइन राज्य भी इसी लंबे संघर्ष का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
रखाइन में अराकान आर्मी का बढ़ा प्रभाव
अराकान आर्मी रखाइन के जातीय अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग करने वाला एक सशस्त्र संगठन है। पिछले कुछ वर्षों में संगठन ने रखाइन राज्य में अपना प्रभाव काफी बढ़ाया है।
अराकान आर्मी ने नवंबर 2023 में रखाइन में म्यांमार की सेना के खिलाफ अपना सैन्य अभियान तेज किया था। इसके बाद संगठन ने राज्य के कई क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया।
बताया गया है कि अराकान आर्मी ने रखाइन राज्य के 17 में से 14 टाउनशिप पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा संगठन ने एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालय पर भी नियंत्रण हासिल किया है।
इस बढ़ते नियंत्रण के कारण रखाइन में म्यांमार की सेना और अराकान आर्मी के बीच संघर्ष लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
सेना की पाबंदियों से खाने-पीने की चीजों की कमी
रखाइन में जारी सैन्य संघर्ष का असर केवल सुरक्षा स्थिति तक सीमित नहीं है। लड़ाई तेज होने के बाद म्यांमार की सेना ने इलाके में व्यापारिक और आवागमन के रास्तों पर कड़ी पाबंदियां लगाई हैं।
इन प्रतिबंधों के कारण आम लोगों तक जरूरी सामान पहुंचने में परेशानी बढ़ी है। इलाके में खाने-पीने की चीजों की कमी की स्थिति भी गंभीर हुई है।
संघर्ष वाले क्षेत्रों में बाजारों और आपूर्ति मार्गों पर प्रतिबंधों का सीधा असर स्थानीय आबादी पर पड़ता है। पहले से हिंसा और विस्थापन का सामना कर रहे लोगों के लिए भोजन और जरूरी सामान की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
पहले भी अस्पताल पर हो चुका है हवाई हमला
रखाइन में मौजूदा एयरस्ट्राइक की खबर ऐसे समय सामने आई है जब इससे पहले भी हवाई हमलों में आम लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आती रही हैं।
इससे पहले दिसंबर में म्राउक-यू टाउनशिप के एक अस्पताल पर हवाई हमला होने की जानकारी सामने आई थी। उस हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 80 लोग घायल बताए गए थे।
अस्पताल जैसे नागरिक ठिकाने पर हमले की खबर ने क्षेत्र में मानवीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाई थी। अब बाजार के पास हुए ताजा हवाई हमले में भी बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है।
रखाइन में मानवीय संकट गहराने का खतरा
लगातार संघर्ष, व्यापारिक रास्तों पर प्रतिबंध और खाद्य सामग्री की कमी ने रखाइन के आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बाजार जैसे सार्वजनिक स्थान के पास हवाई हमले में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर मानवीय स्थिति को और गंभीर बनाती है।
घायलों में 22 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
संघर्ष वाले इलाकों में अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों तक पहुंच पहले से ही चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में घायल लोगों के इलाज की व्यवस्था करना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
सेना और अराकान आर्मी के बीच संघर्ष का नया दौर?
ताजा म्यांमार एयरस्ट्राइक के बाद अराकान आर्मी की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने संघर्ष को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। यदि संगठन अपने बयान के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करता है, तो इससे सैन्य और विद्रोही समूहों के बीच टकराव और बढ़ सकता है।
रखाइन में पहले ही अराकान आर्मी का प्रभाव काफी बढ़ चुका है और सेना कई इलाकों में अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे माहौल में हवाई हमले और उसके बाद होने वाली जवाबी कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ने की आशंका रहती है।
म्यांमार संकट में आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब कई वर्षों से जारी है। राजनीतिक संकट धीरे-धीरे व्यापक सशस्त्र संघर्ष में बदल चुका है। अलग-अलग जातीय सशस्त्र संगठनों और सैन्य शासन विरोधी समूहों की गतिविधियों ने देश के कई हिस्सों में सुरक्षा स्थिति को बेहद जटिल बना दिया है।
रखाइन राज्य में अराकान आर्मी की बढ़ती ताकत और म्यांमार सेना के बीच संघर्ष इसी व्यापक संकट का हिस्सा है। इस संघर्ष में सैन्य ठिकानों और रणनीतिक क्षेत्रों के साथ-साथ नागरिक आबादी भी प्रभावित हो रही है।
ताजा बाजार एयरस्ट्राइक में 49 लोगों की मौत और 58 लोगों के घायल होने का दावा इसी गंभीर मानवीय स्थिति की ओर संकेत करता है। हालांकि हमले की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर सेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अब नजर अराकान आर्मी की अगली कार्रवाई पर
ताजा हमले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अराकान आर्मी अपनी घोषित जवाबी कार्रवाई को किस रूप में आगे बढ़ाती है। संगठन पहले ही जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है।
दूसरी ओर, म्यांमार की सेना ने इस घटना पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में हमले से जुड़े दोनों पक्षों के दावों और आगे होने वाली घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
रखाइन में पहले से जारी खाद्य संकट, व्यापारिक प्रतिबंध और सैन्य संघर्ष के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।

