Muzaffarnagar जीआरपी थाने को बड़ी उपलब्धि, सहारनपुर के साथ मिला ISO अंतरराष्ट्रीय प्रमाण-पत्र
उत्तर प्रदेश में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में Muzaffarnagar जीआरपी को बड़ी उपलब्धि मिली है। जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर, जो अनुभाग मुरादाबाद के अंतर्गत आता है, को जीआरपी थाना सहारनपुर के साथ ISO अंतरराष्ट्रीय प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण-पत्र उत्कृष्ट पुलिसिंग, बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रखरखाव और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्यों के लिए दिया गया है।
जीआरपी थाना सहारनपुर के वार्षिक निरीक्षण और भ्रमण के दौरान पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी ने यह प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की भी विस्तृत समीक्षा की।
मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जीआरपी को ISO प्रमाण-पत्र
जीआरपी थाना सहारनपुर और जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर को मिला ISO प्रमाण-पत्र थाना स्तर पर पुलिसिंग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के निर्धारित मानकों के बेहतर अनुपालन को दर्शाता है। इसमें थाने के रिकॉर्ड से लेकर जनसुनवाई, नागरिक सुविधाओं, सीसीटीवी निगरानी और कस्टडी सुरक्षा तक कई व्यवस्थाएं शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस उपलब्धि का उद्देश्य केवल प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं, बल्कि थाने में आने वाले लोगों को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है।
महिला हेल्प डेस्क से शुरू हुआ निरीक्षण
डीजी रेलवे प्रकाश डी के निरीक्षण की शुरुआत महिला हेल्प डेस्क के अवलोकन से हुई। यहां उन्होंने महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए तैनात महिला पुलिसकर्मियों से बातचीत की और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन मुस्कान और मिशन शक्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। महिला सुरक्षा और जरूरतमंद लोगों तक पुलिस की सहायता पहुंचाने से जुड़े इन अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।
बॉडी वॉर्न कैमरा और टैबलेट समेत तकनीकी संसाधनों की जांच
रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल को भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता दी गई। डीजी रेलवे ने थाने में उपलब्ध बॉडी वॉर्न कैमरा, टैबलेट, ब्लूटूथ स्पीकर और अन्य तकनीकी उपकरणों की कार्यक्षमता को बारीकी से परखा।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से आधुनिक उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया गया।
‘यक्ष’ ऐप से अपराधियों की पहचान पर जोर
समीक्षा बैठक में डीजी रेलवे ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ‘यक्ष’ ऐप की उपयोगिता के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस तकनीक का इस्तेमाल अपराधियों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए।
अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी साधनों के जरिए अपराधियों की तत्काल पहचान करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया। इसके साथ ही लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण करने और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
डीजी रेलवे ने पुलिस टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्कता और बेहतर समन्वय लगातार बनाए रखना जरूरी है।
महिला उपनिरीक्षक रितु तेवतिया को नकद पुरस्कार
निरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए महिला हेल्प डेस्क की प्रभारी महिला उपनिरीक्षक रितु तेवतिया को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उनके कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इसी क्रम में जीआरपी थाना सहारनपुर और जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर के थाना प्रभारियों को भी उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए नकद पुरस्कार दिया गया। अधिकारियों ने दोनों थानों की व्यवस्थाओं और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली की सराहना की।
पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनी गईं
निरीक्षण कार्यक्रम के अंत में सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं और परेशानियां अधिकारियों के सामने रखीं। डीजी रेलवे ने उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
इस दौरान पुलिसकर्मियों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाने और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
ISO प्रमाण-पत्र से किन व्यवस्थाओं को मिली मान्यता?
जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर और जीआरपी थाना सहारनपुर को मिला ISO प्रमाण-पत्र कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के सफल अनुपालन को दर्शाता है। इनमें प्रमुख रूप से प्रशासनिक प्रबंधन और रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव शामिल है।
इसके अलावा थाने पर आने वाले लोगों की त्वरित जनसुनवाई, नागरिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण, सीसीटीवी कैमरों की उचित व्यवस्था, कस्टडी की सुरक्षा तथा महिला हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं को भी मानकों के अनुरूप पाया गया।
पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने की दिशा में किए गए प्रयास भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं।
डीजी रेलवे ने पूरी टीम को दी बधाई
डीजी रेलवे प्रकाश डी ने दोनों थानों की पूरी टीम को ISO प्रमाण-पत्र मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग और जनता का विश्वास हासिल करना उत्तर प्रदेश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से इसी तरह बेहतर कार्यशैली बनाए रखने तथा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपेक्षा की।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे सहारनपुर देवेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गाजियाबाद अशोक कुमार सिसौदिया, स्टेशन अधीक्षक सहारनपुर संजय कुमार समेत जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

