इंसानियत अभी जिंदा हैः सुहेल खान ने लाखों रूपये एवं जरूरी कागजात वापस दिये
मुजफ्फरनगर। रखते हैं जो औरों के लिए प्यार का जज्बा वो लोग कभी टूट कर बिखरा नहीं करते कलयुग के दौर में जहां कोरोना लॉकडाउन के चलते लोगों ने इंजेक्शन, जीवन रक्षक दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर में खूब कालाबाजारी की
ऐसे में रामपुरम में रहने वाले सुहेल खान अपनी दुकान आर्य समाज रोड पर चांद ऑटो पार्ट्स पर सफाई करने के लिए गए थे सामने से एक कार गुजरी जिसमें से एक बैग नीचे गिरा उसको खोलकर देखा तो उसमें बहुत रुपए थे आधार कार्ड, चेक बुक भी रखी हुई थी उसी पर मोबाइल नंबर लिखा हुआ था
वह बैग सुहेल खान ने उठा लिया और संबंधित फोन नंबर पर दो तीन बार कॉल की तो पूछा आप कौन बोल रहे हैं तो वह सज्जन बोले मेरा पहले ही दिमाग खराब है तुम बार-बार फोन करके मुझे परेशान ना करो मेरा बैग कहीं गिर गया जिसमे १ लाख १२००० रुपए और जरूरी कागज थे।
तभी सुहेल खान ने बताया कि वह आपका बैग मेरे पास सुरक्षित है आप आकर प्राप्त कर सकते हैं वह सज्जन बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने आकर सुरक्षित अपना बैग प्राप्त किया
उन सज्जन का नाम अरविंद कुमार है आवास विकास के रहने वाले हैं उनकी शामली रोड पर टाइल्स की दुकान भी है और एयरफोर्स से रिटायर हैं उन्होंने सुहेल खान से वादा किया कि हमेशा तुम मेरे दोस्त बनकर रहोगे और जिंदगी में कभी भी जरूरत हो तो मुझे याद करना।
आज भी ऐसे दौर में जहां पर लोग कालाबाजारी कर रहे हैं ऐसे में जमीर जिंदा रखने वाले लोग भी समाज में ही उपस्थित हैं जो लगातार जिंदादिली का कार्य कर रहे हैं जिन्होंने लालच न कर इंसानियत की मिसाल कायम रखी।

