सरकारी गेंहू क्रय केंद्र पर चल रही अनियमितता को लेकर किसानों का कूकडा मंडी में हंगामा
मुजफ्फरनगर। कूकड़ा मंडी में चल रही एमएसपी पर गेहूं खरीद का आखिरी दिन होने के कारण मुजफ्फरनगर नवीन मंडी स्थल पर बने सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर गेहूं की तौल नहीं होने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वह अपना पंजीकरण कराने के बाद पिछले सात दिन से गेहूं लेकर मंडी में पड़े हैं, लेकिन उनका गेहूं नहीं तोला जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से 15 जून तक जिले में गेहूं की एमएसपी पर खरीद के लिए 52 क्रय केंद्र बनाए थे। इन क्रय केंद्रों पर इस बार गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। पिछले वर्ष से तीन गुना से भी अधिक गेहूं खरीदा गया है। 15 जून को गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों की भीड़ देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीद की अंतिम तारीख एक सप्ताह बढ़ाकर 22 जून कर दी थी।
इसके लिए केवल मुजफ्फरनगर मंडी के दो क्रय केंद्र और खतौली मंडी का एक क्रय केंद्र ही संचालित रखा गया था। सरकारी खरीद के अंतिम दिन आज सुबह से क्रय केंद्रों पर गेहूं लदे वाहनों की कतार लग गई। गेहूं की तौल बहुत धीमी होने पर किसानों ने हंगामा कर दिया।
मौके पर पहुँचे किसान नेता विशाल बोपाडा ने आरोप लगाया कि बाहर से आ रही गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तौल दिखाकर किसानों का गेहूं नहीं तोला जा रहा है। साथ ही कुछ किसानो से मंडी के बाबू तीन सौ रुपए कुंतल तक कमीशन पर रहे है, जिनमें से एक बाबू रीतेश कुमार पुत्र किशन ने खुद किसान नेता विशाल बोपाडा से फोन पर नम्बर दो के जरिए कितना भी गेहूं खघ्रीद लेने की बात कही
जिस पर किसान नेता अपने समर्थकों के साथ तौल केंद्र पर पहुँचे और वहाँ एक अंधे किसान जो पिछले छह दिन से गेहूं लेकर आया था, उसका भी गेहूं नहीं लिया गया और वह भूखा व बीमार भी था
जिस पर किसानों ने जमकर हंगामा किया, हंगामा बढ़ते देख पुलिस को भी बुलाना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल शुरू हो गई है।
किसान नेता विशाल बोपाडा, बलविंदर खोखर, अंकित मलिक, परीक्षित, दलसिह, सुरेशपाल, अंकित राठी सोंटा ,करमवीर, रामपाल, साजन त्यागी, साजिद, जितेंद्र लछेड़ा आदि के साथ सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

