उत्तर प्रदेश

शिक्षक अभ्यर्थी ने नदी में लगाई छलांग, कटघरे में सूबे की योगी सरकार

राजधानी में उस समय लोग सकते में आ गए जब एक शिक्षक अभ्यर्थी ने देखते ही देखते गोमती नदी में पुल से छलांग लगा दी। खबर लगते ही पुलिस के गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गयीं हैं। शिक्षक अभ्यर्थी के शव को खोजे जाने का रेस्क्यू अभियान जारी है।इस घटना से 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मामले में एक बार फिर सूबे की योगी सरकार कटघरे में खड़ी हो गयी है। नदी में छलांग लगाने वाले शिक्षक अभ्यर्थी की के बारे में किसी भी तरह की शिनाख्त नही हो सकी है। नदी में उसके शव को खोजा जा रहा है।

बताया गया है कि गोमती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाला शिक्षक अभ्यर्थी, इस बात से कुंठित था कि सरकार इन भर्तियों में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं कर रही है। इस मामले में सरकार के रवैये से यह शिक्षक अभ्यर्थी बेहद तनाव में था और इसी तनाव के चलते उसने आज राजधानी में गोमती नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। अपने साथी के इस कदम को लेकर आरक्षण वर्ग के शिक्षक अभ्यर्थियों में सरकार के प्रति बेहद गुस्सा है।आज यही गुस्सा राजधानी की सड़कों पर विभिन्न जगह देखने को मिला है।

69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर कई अभ्यर्थी राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन नही किया गया है। उन्होने कहा कि आरक्षण के मुताबिक, 69000 रिक्तियों की कुल सीटों का ओबीसी उम्मीदवारों की कुल संख्या 27 प्रतिशत होगी। इसके मुताबिक ओबीसी उम्मीदवारों की 18598 सीटें रहेंगी, लेकिन कट-ऑफ फीसदी के आधार कुल सीटें ओबीसी कैंडिडेट्स के लिए सिर्फ 2637 हैं। अभ्यर्थियों ने सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को ओबीसी उम्मीदवारों की सीटों पर समायोजित करने का आरोपा भी लगाया है।

 

News Desk

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