सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दिखने लगा असर: पात्रों तकआया मिट्टी का तेल
जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय द्वारा जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त जनपद की सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएम सिस्टम) को भ्रष्टाचारमुक्त एवं कमीशनखोरविहीन कराने के लिए एक अभियान चला रखा है। उन्होने सार्वजनिक वितरण प्रणाली केा पूर्णतया पारदर्शी बनाये जाने के उद्ेदश्य से जिसमें विशेष रूप से प्रत्येक उपभोक्ता तक राशन/मिटटी तेल पहुंचाना उ
नकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होने राशन/मिटटी के तेल के आवंटन व वितरण किये जाने तक कई स्तरों पर कडा पहरा बैठाया हुआ है। जिसका असर दिखने लगा है अब पात्रों केा उनके हिस्से का राशन/मिट्टी का तेल मिलने लगा है। उनकी इस कार्यवाही से जहां कोटेदारों में जेल जाने का भय है वहीं पूर्ति विभाग के अधिकारी को भी डर है कि किसी गलती पर उन्हे भी जिलाधिकारी के कोप का भाजन न बनना पड जाये। जिलाधिकारी पहले भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन/मिटटी के तेल के वितरण को लेकर स्पष्ट संदेश दे चुके है।
नकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होने राशन/मिटटी के तेल के आवंटन व वितरण किये जाने तक कई स्तरों पर कडा पहरा बैठाया हुआ है। जिसका असर दिखने लगा है अब पात्रों केा उनके हिस्से का राशन/मिट्टी का तेल मिलने लगा है। उनकी इस कार्यवाही से जहां कोटेदारों में जेल जाने का भय है वहीं पूर्ति विभाग के अधिकारी को भी डर है कि किसी गलती पर उन्हे भी जिलाधिकारी के कोप का भाजन न बनना पड जाये। जिलाधिकारी पहले भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन/मिटटी के तेल के वितरण को लेकर स्पष्ट संदेश दे चुके है। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भ्रष्टाचारमुक्त एवं कमीशनखोरविहीन बनाने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई कि जैसे ही मिटटी का तेल थोक विक्रेताओं के पास पहुचेगा तो थोक विक्रेता को उसकी सूचना जिला पूर्ति अधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय को तत्काल देनी होगी। इसके पश्चात सम्बन्धित उप जिलाधिकारी थोक विक्रेता के पास जाकर इस आवंटन का सत्यापन करेगे। सत्यापन उपरान्त थोक विक्रेता कोटेदारों को जिस समय मिटटी तेल उपलब्ध करायेगा, उसकी सूची सम्बन्धित उप जिलाधिकारी , जिला पूर्ति अधिकारी एवं जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जायेगीं। साथ ही यह भी सुनिश्चत किया जायेगा कि आवंटित मिटटी तेल कोटेदार की दुकान पर किस समय पहुंचा। कोटेदार का यह दायित्व होगा कि वह इस आवंटन की सूचना पूर्ति निरीक्षक, लेखपाल के माध्यम से उप जिलाधिकारी को उपलब्ध करायेगे और सम्बन्धित उप जिलाधिकारी अपने अधीनस्थ राजस्व निरीक्षक से इस आवंटन का सत्यापन करायेगे कि उठान के अनुसार ही मिटटी तेल कोटेदार के पास पहंुचा है या नही। इस सत्यापन के बाद ही कोटेदार कार्डधारकों केा नियमानुसार वितरण की कार्यवाही सुनिश्चत करेगें।
जिलाधिकारी द्वारा वितरण को सुचारू व पारदर्शी ढंग से कराने के लिए एक सचल दस्ते का भी गठन किया गया है। जो औचक रूप से किसी भी गांव में जाकर वितरण का सत्यापन करेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर थोेक विक्रेता से लेकर निचले स्तर तक सभी के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। कोटेदारों में जिलाधिकारी द्वारा गठित सचल दस्ते को लेकर भी भय बना हुआ है कि कहीं सचल दस्ता मेरे यहां न पहुच जाये और जिलाधिकारी द्वारा कोटेदारों के विरूद्व की गई कार्यवाही से भ्ीा वे अनभिज्ञ नही है।
जनपद में प्रथम बार ऐसा हुआ है कि थोक मिटटी तेल विक्रेताओं केा कम्पनी से जो मिटटी तेल का आवंटन प्राप्त हुआ है वह पहली बार सार्वजनिक किया गया। और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कालाबाजारी की शिकायत व सूचना के लिए उनके कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0131-2436103, 2433125,2433970 पर जारी किये गये है। जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों को पूर्व में ही सचेत करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा था कि खादान्न में भ्रष्टाचार व उसकी चोरी पाप है। पाप के भागीदार न बने, पूर्ण पारदर्शिता व साफ नियत से कार्य करें। अपनी कार्यप्रणाली को सुधार ले अन्यथा कडी कार्यवाही के लिए तैयार रहे, पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाये। सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंदों के लिए है। जरूरतमंदों के हिस्से का खादान्न उन तक प्रत्येक दशा में पहुचना चाहिए। अगर उनतक खादान्न नही पहुच रहा है या वितरण नही हो पा रहा है तो यह पाप की श्रेणी मे आता है। इसका असर यह हुआ कि अब प्रत्येक पात्र तक राशन व मिट्टी का तेल पहुंच रहा है। जिलाधिकारी द्वारा जनमानस से जुडे कार्येा केा प्राथमिकता से किये जाने केा लेकर जनपदवासी प्रसन्न है।
