वैश्विक

देशहित में माँग रहे है 5 कानून: भारत जोड़ो आंदोलन की शुरुआत हो गई है-महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत

नई दिल्ली। सेव इंडिया मूवमेंट के बैनर तले विश्व हिन्दू महासंघ के अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष व सनातन हिन्दू वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्राचीन सिद्धपीठ श्री कालका जी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत जी महाराज की अगुवाई में जंतर मंतर पर हजारों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मूवमेंट के नायक श्री अश्वनी उपाध्याय के आह्वान पर आज समस्त राष्ट्रभक्तों ने ‘भारत जोड़ों आंदोलन’ का उदघोष किया।

महंत श्री सुरेन्द्र नाथ अवधूत जी महाराज ने सिंहगर्जना करते हुए कहा, कि अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए कानूनों का आजाद भारत में 75 वर्षों तक चलना अपने आप में भारी खामी है, 09 अगस्त 1942 को अंग्रेजों से मुक्ति के लिए…भारत छोड़ो आंदोलन..की शुरुआत की गई थी, जिसके चलते अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा था।

श्री अवधूत ने कहा,कि आज उसी आंदोलन की पूर्व संध्या पर हम सभी ये शपथ लेते हैं, कि जब अंग्रेजों द्वारा अपने हितो को साधने के लिए बनाए गए कानून निरस्त होकर स्वतंत्र भारत की सरकार अपने नए कानूनों को लाकर भारत जोड़ने की प्रक्रिया को शुरू नही करती, तब तक देश के हर कोने से भारत को जोडकर चलने की आवाज उठती रहेगी।

उन्होंने भारत सरकार से मांग की है,कि भारत के नागरिकों को सही न्याय मिल सके, इसके लिए कानूनो का नव निर्माण करना आवश्यक है।इस अवसर पर श्री अश्वनी उपाध्याय ने महंत श्री के उद्बोधन की सराहना करते हुए कहा, कि देश की जनता जाग उठी है , 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ जिसे अगस्त क्रांति भी कहा, परिणाम स्वरूप अंग्रजों को भारत छोड़ना पड़ा

अंग्रेज तो चले गए लेकिन अपने बनाये काले कानूनों को छोड़ गए जो आज भी हमारे मामलों का निपटारा अंग्रेजो के बनाये 1860 के इंडियन पीनल कोड,1861 के पुलिस एक्ट ,1863 के रिलीजियस एंडोमेंट एक्ट ओर 1872 के एविडेंस एक्ट के तहत होता है, अंग्रेजों ने ये कानून भारतीयों के हितों को ध्यान में रखकर नही बल्कि अपनी सत्ता को संरक्षित ओर सुरक्षित रखने के लिए बनाए थे।

उन्होंने ये कानून वीर स्वतंत्रता सैनानियों को दंडित करने के लिए बनाए थे। जिनके बदलाव के लिए पुनः 8 अगस्त को नई क्रांति का शुभारंभ हुआ है जिसका नाम भारत जोड़ो आंदोलन है।

इस आंदोलन के माध्यम से जन जागरण कर अंग्रेजो द्वारा बनाये काले कानूनों को रद्द करने की मांग की जाएगी, जब तक ये कानून रहेंगे भारत से जातिवाद, क्षेत्रवाद, मजहबी उन्माद, जालसाजी, बेनामी संपत्ति जैसे अपराध खत्म नही होंगे।

हम भारत सरकार से भारतियों द्वारा भारतीयों के हितों में कानून बनाने की मांग करते है.और उसे उम्मीद भी है, कि भारत की वर्तमान सरकार जल्द ही इस दिशा में सार्थक कदम उठाएगी।

आंदोलन में विश्व हिंदू महासंघ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजेश तोमर, हिंदू युवा वाहिनी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विक्रम गोस्वामी, संगठन मंत्री योगी राजकुमार, उपाध्यक्ष अलखनाथ सहित हजारों लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 20960 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × five =